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General Science
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यूकेरियोटिक कोशिका के कोशिकांगों (Organelles) और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. माइटोकॉन्ड्रिया के आंतरिक झिल्ली पर पाए जाने वाले 'ऑक्सिसोम' (F0-F1 कण) ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण के दौरान एटीपी (ATP) के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं, और माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स में क्रेब्स चक्र से जुड़े एंजाइम प्रचुर मात्रा में उपस्थित होते हैं।
  2. 2. गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) का 'सिस्टर्नी' (Cisternae) नेटवर्क ध्रुवीय रूप से व्यवस्थित होता है, जिसमें 'सिस' (Cis) सिरा निर्माणकारी (Forming) या अभिमुखी सिरा होता है जो अंतःद्रव्य जालिका (ER) की ओर होता है, जबकि 'ट्रांस' (Trans) सिरा परिपक्व (Maturing) सिरा होता है।
  3. 3. लाइसोसोम में उपस्थित 'हाइड्रोलिटिक एंजाइम' (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज, कार्बोहाइड्रेज) अम्लीय pH (लगभग 4.5 से 5.0) पर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, और इस अनुकूलित pH को बनाए रखने के लिए लाइसोसोम झिल्ली पर सक्रिय प्रोटॉन पंप ($H^+$ ATPase) कार्य करते हैं।
  4. 4. परऑक्सिसोम (Peroxisomes) एकहरे झिल्ली से घिरे कोशिकांग हैं जो पादपों और जंतुओं दोनों में पाए जाते हैं, और इनमें उपस्थित 'कैटालेज' एंजाइम हाइड्रोजन पेरोक्साइड ($H_2O_2$) को जल और ऑक्सीजन में विघटित करके कोशिकाओं को विषैले प्रभावों से बचाते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन यूकेरियोटिक कोशिका के कोशिकांगों और उनकी कार्यप्रणाली के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। 1. माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में क्रेब्स चक्र (TCA चक्र) के सभी एंजाइम (सक्सीनेट डिहाइड्रोजनेज को छोड़कर) पाए जाते हैं तथा आंतरिक झिल्ली पर ऑक्सिसोम (F0-F1 कण) एटीपी संश्लेषण करते हैं। 2. गॉल्जीकाय दो ध्रुवों 'सिस' (प्रवेश/निर्माण) और 'ट्रांस' (परिपक्व/निष्कासन) में बंटा होता है, जो प्रोटीन और लिपिड के ग्लाइकोसिलेशन में मुख्य भूमिका निभाता है। 3. लाइसोसोम के एंजाइम अम्लीय माध्यम में कार्य करते हैं और झिल्ली पर स्थित प्रोटॉन पंप साइटोप्लासोल से $H^+$ आयनों को अंदर लाते हैं। 4. परऑक्सिसोम ऑक्सीडेटिव प्रतिक्रियाओं और हाइड्रोजन पेरोक्साइड के अपचयन के लिए उत्तरदायी होते हैं। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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