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General Science
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तरंगदैर्ध्य मात्रक?

Detailed Explanation

एंगस्ट्रॉम।
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परमाणु भौतिकी और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'डी ब्रॉग्ली परिकल्पना' के अनुसार, प्रत्येक गतिमान द्रव्य कण (जैसे इलेक्ट्रॉन) के साथ एक तरंग जुड़ी होती है, जिसे पदार्थ तरंग (Matter wave) कहते हैं, और इस तरंग की तरंगदैर्ध्य कण के संवेग के व्युत्क्रमानुपाती होती है। 2. हाइजेनबर्ग के 'अनिश्चितता का सिद्धांत' के अनुसार, किसी सूक्ष्म कण की स्थिति और उसके संवेग का एक साथ पूर्णतः यथार्थ निर्धारण करना असंभव है, और यदि स्थिति के मापन में अनिश्चितता शून्य कर दी जाए, तो संवेग के मापन में अनिश्चितता अनंत हो जाएगी। 3. प्रकाश-विद्युत प्रभाव (Photoelectric effect) की व्याख्या आइंस्टीन द्वारा प्लांक के क्वांटम सिद्धांत के आधार पर की गई थी, जिसके अनुसार आपतित प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने से उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा में वृद्धि होती है, भले ही प्रकाश की आवृत्ति देहली आवृत्ति से कम क्यों न हो। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? सौर सेल सामग्री क्या है? भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है और यह उस चाप की लंबाई पर आधारित है जो पृथ्वी की कक्षा की औसत त्रिज्या के बराबर चाप बनाती है। 2. 'पाद-पाउंड-सेकंड' (FPS) पद्धति में बल की निरपेक्ष इकाई 'पाउंडल' (Poundal) होती है, जबकि गुरुत्वीय इकाई 'पाउंड-बल' (lbf) होती है। 3. पार्कोसेक या खगोलीय इकाई जैसी बड़ी दूरियों के मापन के लिए 'लंबन विधि' (Parallax method) का उपयोग किया जाता है, जिसमें प्रेक्षण बिंदु के दो अलग-अलग स्थानों से किसी दूरस्थ तारे की स्थिति में होने वाले आभासी विस्थापन का उपयोग किया जाता है। 4. किसी भौतिक राशि का विमीय सूत्र (Dimensional formula) उस राशि की प्रकृति को पूरी तरह स्पष्ट करता है और यह सुनिश्चित करता है कि विभिन्न प्रणालियों में उसके मात्रक का संख्यात्मक मान हमेशा नियत रहे, चाहे मात्रक की पद्धति कोई भी हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) के नियमों और ऊष्मा स्थानांतरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का ही एक रूप है, जिसके अनुसार किसी निकाय को दी गई ऊष्मा उसकी आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन और निकाय द्वारा किए गए कार्य के योग के बराबर होती है। 2. कार्नोट इंजन (Carnot Engine) एक आदर्श ऊष्मा इंजन है जिसकी दक्षता तापमान पर निर्भर करती है, और यह ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम के अनुसार 100% दक्षता प्राप्त कर सकता है यदि इसके सिंक का तापमान पूर्ण शून्य ($0\, K$) हो जाए। 3. स्टीफन-बोल्ट्ज़मैन नियम के अनुसार, किसी आदर्श कृष्णिका (Blackbody) द्वारा प्रति एकांक क्षेत्रफल से उत्सर्जित होने वाली कुल विकिरण ऊर्जा उसके ऊष्मागतिक तापमान की चतुर्थ घात के अनुक्रमानुपाती होती है। 4. न्यूटन का शीतलन नियम यह बताता है कि किसी वस्तु के ठंडे होने की दर वस्तु और उसके परिवेश के तापांतर के लगभग समान होती है, बशर्ते कि यह तापांतर बहुत अधिक न हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भौतिक राशियों की माप और प्रेक्षणों में त्रुटियों (Errors in Measurement) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब दो भौतिक राशियों को जोड़ा या घटाया जाता है, तो अंतिम परिणाम में निरपेक्ष त्रुटियाँ (Absolute errors) हमेशा आपस में जुड़ जाती हैं, भले ही मूल राशियों की माप में त्रुटि धनात्मक हो या ऋणात्मक। 2. यदि किसी भौतिक राशि $x$ का संबंध $x = \frac{a^2 b^3}{c}$ से है, तो इस राशि के मापन में अधिकतम संभावित आनुपातिक त्रुटि $\frac{\Delta x}{x} = 2\left(\frac{\Delta a}{a}\right) + 3\left(\frac{\Delta b}{b}\right) + \left(\frac{\Delta c}{c}\right)$ के बराबर होती है। 3. 'यथार्थता' (Accuracy) किसी माप की वास्तविक मान के निकटता की माप को दर्शाती है, जबकि 'शुद्धता या परिशुद्धता' (Precision) यह निर्धारित करती है कि माप किस विभेदन (Resolution) या सीमा तक ली गई है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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