त्वरित लिंक्स
General Science
15 views
निकट दृष्टि दोष (Myopia) को दूर करने के लिए कौन सा लेंस प्रयुक्त होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
निकट दृष्टि दोष के निवारण हेतु अवतल लेंस चाहिए।
Related Questions
→
ध्वनि तरंग का माध्यम?
→
धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सोडियम और पोटैशियम जैसी अत्यधिक प्रतिक्रियाशील क्षार धातुएँ इतनी नरम होती हैं कि इन्हें चाकू से आसानी से काटा जा सकता है, और ये ऑक्सीजन के साथ तीव्र अभिक्रिया करके क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं जो जल में घुलकर क्षार प्रदान करते हैं।
2. पारा (Mercury) कमरे के तापमान पर एकमात्र ऐसी तरल धातु है जो काँच को गीला नहीं करती है और इसका उच्च घनत्व तथा कम वाष्प दाब इसे थर्मामीटर के लिए आदर्श बनाता है।
3. कार्बन का अपरूप 'हीरा' (Diamond) विद्युत का कुचालक होता है क्योंकि इसका प्रत्येक कार्बन परमाणु अन्य चार कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजक बंध द्वारा चतुष्फलकीय रूप से जुड़ा होता है, जिससे कोई भी मुक्त इलेक्ट्रॉन उपलब्ध नहीं होता है।
4. 'एक्वा रेजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल का $3:1$ के अनुपात में मिश्रण है, जो स्वर्ण और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट (Noble) धातुओं को भी घोलने की क्षमता रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
एलकेन्स, एल्कीन्स और एल्काइन्स जैसे एलिफैटिक हाइड्रोकार्बन के रासायनिक गुणों और प्रतिक्रिया तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) अत्यधिक निष्क्रिय होते हैं क्योंकि इनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध मजबूत $\sigma$ (सिग्मा) बंध होते हैं, और ये मुख्य रूप से मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Free-radical substitution) अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं, जैसे कि सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में हैलोजनीकरण।
2. एल्कीन्स (Alkenes) में कार्बन-कार्बन द्विबंध होता है जिसमें एक मजबूत सिग्मा बंध और एक कमजोर $\pi$ (पाई) बंध शामिल होता है, जिसके कारण ये आसानी से इलेक्ट्रॉनेस्नेही योगात्मक (Electrophilic addition) अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं।
3. एल्काइन्स (Alkynes) के त्रिक बंध में एक सिग्मा और दो पाई बंध होते हैं, और इनके सीमांत (Terminal) हाइड्रोजन परमाणु अम्लीय प्रकृति के होते हैं, जिन्हें सोडियम धातु या अमोनियामय सिल्वर नाइट्रेट विलयन द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है।
4. मार्कोनीकॉव नियम (Markovnikov's rule) के अनुसार, असममित एल्कीन में किसी अभिकर्मक (जैसे HBr) के योग के दौरान, ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हॉर्मोन्स की आणविक संरचना तथा उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा उत्पादित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) एक पेप्टाइड हॉर्मोन है, जो अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीपित करके फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) और ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) के स्रावण को नियंत्रित करता है।
2. थायराइड ग्रंथि की फोलिकुला कोशिकाओं द्वारा स्रावित थायरोक्सिन ($T_4$) और ट्राईआयोडोथायरोनिन ($T_3$) हॉर्मोन एमिनो अम्ल 'टाइरोसीन' के व्युत्पन्न हैं, जो शरीर में आधारीय उपापचय दर (BMR), ऊतकों में ऑक्सीजन की खपत और कार्बोहाइड्रेट, वसा तथा प्रोटीन के चयापचय को विनियमित करते हैं।
3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का मेडुला भाग 'कैटेकोलामाइन्स' (एपिलीनफ्राइन और नॉरएपिलीनफ्राइन) का स्रावण करता है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में 'लड़ो या भागो' (Fight or Flight) प्रतिक्रिया को प्रेरित करते हैं, और ये दोनों हॉर्मोन स्टेरॉयड प्रकृति के होते हैं।
4. पीनियल ग्रंथि द्वारा स्रावित 'मेलटोनिन' हॉर्मोन शरीर की दैनिक (स्राडियन) लय, जैसे कि नींद-जागने के चक्र और शरीर के तापमान को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
शुद्ध अर्धचालक का प्रतिरोध तापमान बढ़ाने पर क्या होता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.