त्वरित लिंक्स
General Science
12 views
शुद्ध अर्धचालक का प्रतिरोध तापमान बढ़ाने पर क्या होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अर्धचालक में मुक्त इलेक्ट्रॉन बढ़ जाते हैं, प्रतिरोध घटता है।
Related Questions
→
धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा उनके संक्षारण (Corrosion) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सोडियम धातु अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होने के कारण हवा में खुली रखने पर आग पकड़ लेती है, इसलिए इसे सुरक्षित रखने के लिए केरोसिन (मिट्टी के तेल) में डुबोकर रखा जाता है, जबकि सफेद फॉस्फोरस अपनी उच्च प्रतिक्रियाशीलता के कारण पानी के अंदर संग्रहीत किया जाता है।
2. लोहे पर जंग लगने की प्रक्रिया एक वैद्युत-रासायनिक (Electrochemical) परिघटना है, जिसमें नम वायु की उपस्थिति में आयरन का ऑक्सीकरण होता है और एनोड पर आयरन फेरस आयनों में परिवर्तित होता है, जबकि कैथोड पर ऑक्सीजन का अपचयन होता है।
3. 'पारद मिश्रधातु' (Amalgam) किसी भी धातु की पारे (Mercury) के साथ बनी मिश्रधातु होती है, और लोहे की अत्यधिक संक्षारण-रोधी प्रकृति के कारण लोहे का उपयोग सोडियम या पोटैशियम जैसी धातुओं के निष्कर्षण के दौरान अमलगम बनाने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
ध्वनि तरंगों और तरंग गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस माध्यम में ध्वनि की चाल उस गैस के निरपेक्ष तापमान के वर्गमूल के सीधे आनुपातिक होती है, जबकि दाब में परिवर्तन का ध्वनि की चाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता बशर्ते तापमान स्थिर रहे।
2. अनुदैर्ध्य तरंगें (Longitudinal waves) केवल ठोस पदार्थों में ही संचरित हो सकती हैं क्योंकि उनके संचरण के लिए माध्यम में अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear elasticity) का होना अनिवार्य होता है।
3. जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति (Frequency) और तरंगदैर्ध्य (Wavelength) दोनों अपरिवर्तित रहते हैं, जबकि माध्यम के घनत्व व प्रत्यास्थता बदलने से उसकी चाल में परिवर्तन हो जाता है।
4. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) के अनुसार, जब श्रोता और ध्वनि स्रोत एक-вторых के समीप आते हैं, तो श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आवृत्ति वास्तविक आवृत्ति से अधिक प्रतीत होती है, जो केवल ध्वनि तरंगों के लिए ही लागू होता है, प्रकाश तरंगों के लिए नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
कौन सा दर्पण दंत चिकित्सक उपयोग करते हैं?
→
सापेक्षता के सिद्धांत में समय फैलाव (Time Dilation) के अनुसार, अत्यधिक वेग से गतिमान घड़ी पर समय का क्या प्रभाव पड़ता है?
→
आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में वृद्धि होती है, जिसके कारण परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु समूह-18 के उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की वांडरवाल्स त्रिज्या उनके पूर्ण भरे कक्षकों के कारण उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की तुलना में अधिक होती है।
2. आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाले इलेक्ट्रॉन और पहले से उपस्थित 2p कक्षकीय इलेक्ट्रॉनों के बीच अंतःइलेक्ट्रॉनिक प्रतिकर्षण (Inter-electronic repulsion) कम हो जाता है।
3. संक्रमण तत्वों (d-ब्लॉक के तत्व) की प्रथम संक्रमण श्रेणी में परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ परमाणु त्रिज्याओं में होने वाला संकुचन बहुत कम होता है, जिसका मुख्य कारण 3d कक्षकों का आवरण प्रभाव (Shielding effect) अत्यंत दुर्बल होना है।
4. किसी परमाणु की विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) एक आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर बढ़ती है और वर्ग में नीचे जाने पर घटती है, तथा पॉलिंग पैमाने पर फ्लोरीन की विद्युत ऋणात्मकता सभी तत्वों में सर्वाधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.