त्वरित लिंक्स
General Science
14 views
प्रकाश का अपवर्तन (Refraction) क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
माध्यम बदलने पर प्रकाश की दिशा का बदलना अपवर्तन है।
Related Questions
→
एल्काइन सामान्य सूत्र?
→
मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोन नियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में स्थित अल्फा कोशिकाएँ 'ग््लूकागॉन' (Glucagon) हॉर्मोन का स्रावण करती हैं, जो एक हाइपरग्लाइसेमिक (Hyperglycemic) कारक है और यकृत में ग्लाइकोजेनोलिसिस तथा ग्लूकोनियोजेनेसिस को प्रेरित करके रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाता है।
2. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'कैल्सीटोनिन' (Calcitonin) एक पेप्टाइड हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्शियम और फॉस्फेट के स्तर को कम करने का कार्य करता है, और यह पैराथाइरॉइड हॉर्मोन (PTH) के विपरीत प्रभाव प्रदर्शित करता है।
3. अधिवृक्क मज्जा (Adrenal Medulla) द्वारा 'एपिनेफ्रिन' और 'नॉरएपिनेफ्रिन' कैटेकोलामाइन्स का स्रावण किया जाता है, जिन्हें 'आपातकालीन हॉर्मोन' या 'लड़ो या भागो' (Fight or Flight) हॉर्मोन कहा जाता है, जो हृदय की धड़कन, श्वसन दर और पुतलियों के फैलाव को त्वरित रूप से बढ़ाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेण्डल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम (Law of Independent Assortment) का सार्वभौमिक अपवाद 'सहलग्नता' (Linkage) है, जिसमें एक ही गुणसूत्र पर स्थित जीन एक साथ वंशागत होने की प्रवृत्ति दर्शाते हैं और स्वतंत्र अपव्यूहन के 9:3:3:1 के द्विसंकर अनुपात से विचलन उत्पन्न करते हैं।
2. मॉर्गन द्वारा ड्रोसोफिला पर किए गए प्रयोगों से यह ज्ञात हुआ कि जिन जीनों के बीच की दूरी अधिक होती है, उनके बीच जीन विनिमय (Crossing over) की आवृत्ति कम होती है, तथा इसी सिद्धांत का उपयोग गुणसूत्रों पर जीनों का आनुवंशिक मानचित्र (Genetic mapping) तैयार करने के लिए किया जाता है।
3. 'हार्डी-वेनबर्ग सिद्धांत' के अनुसार किसी आबादी में एलील आवृत्तियों का स्थिर रहना तभी संभव है जब वह आबादी अत्यधिक बड़ी हो और उसमें उत्परिवर्तन, चयन या जीन प्रवाह जैसी कोई भी विकासवादी प्रक्रिया सक्रिय न हो।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
तरंग का विवर्तन (Diffraction)?
→
मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की झिल्ली पर ग्लाइकोप्रोटीन प्रकृति के एंटीजन (एग्लूटिनोजन) उपस्थित होते हैं, जबकि प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से विशिष्ट एंटीबॉडी (एग्लूटिनिन) पाए जाते हैं, और कार्ल लैंडस्टीनर ने एंटी-A और एंटी-B एंटीबॉडी की उपस्थिति के आधार पर ABO रक्त समूह प्रणाली की खोज की थी।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Phenotype) से ग्रसित व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H एंटीजन' का पूर्णतः अभाव होता है, क्योंकि इनमें FUT1 जीन उत्परिवर्तित होता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) के व्यक्ति को रक्त दे तो सकते हैं परंतु केवल बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति से ही रक्त प्राप्त कर सकते हैं।
3. Rh कारक का आनुवंशिक संचरण मुख्य रूप से एक बहु-युग्मविक (Multiple allele) प्रणाली द्वारा नियंत्रित होता है, और Rh-धनात्मक रक्त को Rh-ऋणात्मक व्यक्ति में पहली बार चढ़ाने पर प्लाज्मा में तीव्र गति से एंटी-D एंटीबॉडी का निर्माण होता है, जिससे तत्काल गंभीर हीमोलिटिक आधान प्रतिक्रिया (Hemolytic transfusion reaction) होती है।
4. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब Rh-ऋणात्मक माता का गर्भ Rh-धनात्मक भ्रूण से युक्त होता है, जिसमें प्रथम संतान सामान्य जन्म लेती है किंतु प्रसव के दौरान भ्रूण के Rh-धनात्मक एरिथ्रोसाइट्स माता के परिसंचरण में प्रवेश करके प्राथमिक प्रतिरक्षा अनुक्रिया को प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.