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History of India
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बंगाल विभाजन (1905) और इसके परिणामस्वरूप संचालित स्वदेशी एवं बहिष्कार आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. बंगाल विभाजन का प्रारंभिक प्रस्ताव दिसंबर 1903 में सार्वजनिक किया गया था, तथा लॉर्ड कर्ज़न द्वारा 20 जुलाई 1905 को इसके औपचारिक निर्णय की घोषणा के पश्चात, 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' की औपचारिक घोषणा की गई थी।
  2. 2. विभाजन प्रभावी होने के दिन यानी 16 अक्टूबर 1905 को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, इस अवसर पर लोगों ने उपवास रखा, राबर्ट्स द्वारा रचित गीत 'आमार सोनार बांग्ला' गाया गया और हिंदू-मुसलमानों ने एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर भाईचारे का संदेश दिया।
  3. 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होने वाले 'बंगाल नेशनल कॉलेज' की स्थापना वर्ष 1906 में की गई थी, जिसके प्रथम प्राचार्य (Principal) अरबिंदो घोष नियुक्त किए गए थे।
  4. 4. कांग्रेस के वर्ष 1905 के बनारस अधिवेशन में, जिसकी अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी, उग्रवादी नेताओं (बाल गंगाधर तिलक आदि) के तीव्र दबाव के कारण ब्रिटिश वस्तुओं और संस्थाओं के पूर्ण बहिष्कार का प्रस्ताव पूरे देश में लागू करने का निर्णय सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। बंगाल विभाजन का प्रस्ताव दिसंबर 1903 में आया और 20 जुलाई 1905 को इसकी घोषणा हुई। 7 अगस्त 1905 को टाउन हॉल बैठक में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ। 16 अक्टूबर 1905 को शोक दिवस मनाया गया, उपवास रखा गया, 'आमार सोनार बांग्ला' (रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित, न कि राबर्ट्स द्वारा) गाया गया और राखी बांधी गई। 1906 में बंगाल नेशनल कॉलेज की स्थापना हुई और अरबिंदो घोष इसके प्रथम प्राचार्य बने। किंतु कथन 4 असत्य है; वर्ष 1905 के बनारस अधिवेशन में गोखले की अध्यक्षता में केवल बंगाल तक स्वदेशी और बहिष्कार का समर्थन किया गया था, जबकि संपूर्ण देश में इसके विस्तार का प्रस्ताव नरमपंथियों के विरोध के कारण 1906 के कलकत्ता अधिवेशन (दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता) में पारित हो सका था। विकिपीडिया संदर्भ
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