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General Science
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किस ग्रह को 'भोर का तारा' कहते हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शुक्र।
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन के नामकरण, समवयस्कता (Isomerism) और उनकी रासायनिक अभिक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्काइन्स (Alkynes) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच कम से कम एक त्रिक बंध (Triple bond) होता है, और इनका सामान्य सूत्र $C_n{H}_{2n-2}$ होता है।
2. 'ब्यूटेन' ($C_4{H}_{10}$) के दो संरचनात्मक समवयस्क (Structural isomers) संभव हैं—सामान्य ब्यूटेन (n-butane) और आइसोब्यूटेन (2-methylpropane), जो श्रृंखला समवयस्कता (Chain isomerism) प्रदर्शित करते हैं।
3. जब एल्केन्स को वायु की अधिकता में पूर्ण रूप से जलाया जाता है, तो यह दहन अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी होती है जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प के साथ-साथ बड़ी मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड भी सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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एलकेन्स, एल्कीन्स और एल्काइन्स जैसे एलिफैटिक हाइड्रोकार्बन के रासायनिक गुणों और प्रतिक्रिया तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) अत्यधिक निष्क्रिय होते हैं क्योंकि इनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध मजबूत $\sigma$ (सिग्मा) बंध होते हैं, और ये मुख्य रूप से मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Free-radical substitution) अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं, जैसे कि सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में हैलोजनीकरण।
2. एल्कीन्स (Alkenes) में कार्बन-कार्बन द्विबंध होता है जिसमें एक मजबूत सिग्मा बंध और एक कमजोर $\pi$ (पाई) बंध शामिल होता है, जिसके कारण ये आसानी से इलेक्ट्रॉनेस्नेही योगात्मक (Electrophilic addition) अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं।
3. एल्काइन्स (Alkynes) के त्रिक बंध में एक सिग्मा और दो पाई बंध होते हैं, और इनके सीमांत (Terminal) हाइड्रोजन परमाणु अम्लीय प्रकृति के होते हैं, जिन्हें सोडियम धातु या अमोनियामय सिल्वर नाइट्रेट विलयन द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है।
4. मार्कोनीकॉव नियम (Markovnikov's rule) के अनुसार, असममित एल्कीन में किसी अभिकर्मक (जैसे HBr) के योग के दौरान, ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुण, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह पर पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का कारण अणुओं के बीच लगने वाला ससंजक बल (Cohesive force) है, और तापमान बढ़ाने पर अधिकांश द्रवों का पृष्ठ तनाव घट जाता है, जबकि घुलनशील अशुद्धियाँ मिलाने पर यह बढ़ भी सकता है।
2. श्यानता (Viscosity) द्रवों का वह गुण है जिसके कारण द्रव की विभिन्न परतें अपनी ही परतों के बीच होने वाली相対 गति का विरोध करती हैं, और गैसों में श्यानता ताप बढ़ने पर घटती है जबकि द्रवों में ताप बढ़ने पर बढ़ती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, और वस्तु के तैरने के लिए वस्तु का घनत्व तरल के घनत्व से अधिक होना चाहिए।
4. केशिकत्व (Capillarity) की घटना पृष्ठ तनाव के कारण होती है, जिसके अंतर्गत यदि काँच की किसी नली को जल में डुबोया जाए तो जल नली में ऊपर चढ़ जाता है क्योंकि जल और काँच के बीच का आसंजक बल (Adhesive force), जल के ससंजक बल की तुलना में अधिक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आणविक भार?
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