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General Science
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आकाश का रंग नीला किस कारण से दिखाई देता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वायुमंडल द्वारा नीले प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण।
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मानव शरीर में वृहत् पोषक तत्वों (Macronutrients) और सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) के उपापचय तथा जैव-रासायनिक कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोबालामिन (विटामिन $B_{12}$) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की parietal कोशिकाओं द्वारा 'इंट्रिंसिक फैक्टर' (Intrinsic factor) का स्राव अनिवार्य होता है।
2. ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) की प्रक्रिया के दौरान यकृत में संचित ग्लाइकोजन का विघटन होता है, जिसमें ग्लाइकोजन फॉस्फोरिलेज एंजाइम ग्लूकोज-1-फास्फेट का निर्माण करता है, और यह प्रक्रिया मुख्य रूप से इंसुलिन हॉर्मोन द्वारा प्रेरित होती है।
3. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential amino acids) वे होते हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर के भीतर आनुवंशिक रूप से नहीं हो सकता है, इसलिए इन्हें आहार के माध्यम से ग्रहण करना आवश्यक है, जैसे कि 'लाइसिन' और 'मेथियानिन'।
4. पेप्सिन और ट्रिप्सिन जैसे प्रोटीनीय पाचक एंजाइम भोजन के प्रोटीनों को सीधे मुक्त अमीनो अम्लों में जल-अपघटित कर देते हैं, जिससे वे आंत की भित्ति से अवशोषित होने योग्य हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुणों—विशेषकर पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत—के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव अणुओं के बीच लगने वाले ससंजक बलों (Cohesive forces) का परिणाम होता है, और जब तापमान क्रांतिक ताप (Critical temperature) तक पहुँच जाता है, तो पृष्ठ तनाव का मान शून्य हो जाता है।
2. द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर घटती है क्योंकि अणुओं के बीच की संसक्त ऊर्जा कमजोर हो जाती है, जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर घटती है क्योंकि उच्च ताप पर अणुओं के बीच संवेग स्थानांतरण कम हो जाता है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी तरल में पूर्ण या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो उस पर ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) विस्थापित तरल के केंद्र पर कार्य करता है, जिसे उत्प्लावन केंद्र (Centre of buoyancy) कहते हैं।
4. जब कोई केशिका नली (Capillary tube) ऐसे द्रव में डुबोई जाती है जो काँच को भिगोता है, तो द्रव नली में नीचे गिर जाता है और उसका चंद्रतल (Meniscus) उत्तल (Convex) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिकांगों (Cell organelles) और कोशिका विभाजन (Cell division) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूत्रकणिका (Mitochondria) और हरित लवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं क्योंकि इनमें स्वयं का वर्तुल (Circular) डीएनए, 70S प्रकार के राइबोसोम और प्रोटीन संश्लेषण करने की आंशिक क्षमता पाई जाती है।
2. समसूत्री विभाजन (Mitosis) की मध्यावस्था (Metaphase) के दौरान गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा पर व्यवस्थित होते हैं, और इस चरण में गुणसूत्रों की आकृति का सबसे अच्छा अध्ययन किया जाता है, क्योंकि वे अत्यधिक संघनित (Condensed) और स्पष्ट दिखाई देते हैं।
3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैकीटीन (Pachynema/Pachytene) अवस्था में 'जीन विनिमय' (Crossing over) की प्रक्रिया संपन्न होती है, जो समझात गुणसूत्रों की गैर-सहभगिनी अर्धगुणसूत्रिकाओं (Non-sister chromatids) के बीच आनुवंशिक सामग्री के आदान-प्रदान को प्रेरित करती है और इसके लिए 'रेकॉम्बीनेज' एंजाइम उत्तरदायी होता है।
4. लाइसोसोम (Lysosome) अंतःझिल्ली तंत्र (Endomembrane system) का एक भाग है जो गॉल्जी उपकरण द्वारा संपुटित (Package) होता है, और इसमें इष्टतम अम्लीय पीएच ($ ext{pH}$) पर सक्रिय रहने वाले हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेटेज) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र, रक्त वाहिकाओं और हृदय की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महाधमनी (Aorta) से निकलने वाली कोरोनरी धमनियां हृदय की पेशियों को ऑक्सीजन युक्त रक्त की आपूर्ति करती हैं, और इनमें किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न होने पर 'मायोकार्डियल इंफार्क्शन' (हार्ट अटैक) की स्थिति पैदा हो जाती है।
2. यकृत पोर्टल तंत्र (Hepatic portal system) आंतों और यकृत के बीच का एक विशिष्ट संवहन तंत्र है, जो पाचन नली से अवशोषित पोषक तत्वों से भरपूर रक्त को सीधे यकृत में ले जाता है ताकि महाशिरा में प्रवेश करने से पहले उनका उपापचय हो सके।
3. रुधिर वाहिकाओं में रक्तचाप (Blood pressure) का मान सबसे अधिक धमनियों में होता है, जो वेंट्रिकुलर सिस्टोल के दौरान अधिकतम (प्रकुंचन दाब) और वेंट्रिकुलर डायस्टोल के दौरान न्यूनतम (अनुशिथिलन दाब) हो जाता है, जबकि केशिकाओं (Capillaries) में यह दाब शून्य या ऋणात्मक हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों की जटिल आनुवंशिकी तथा उनकी जैव-रासायनिक संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूहों की वंशागति में, 'H-एंटीजन' एक आवश्यक पूर्वगामी (Precursor) अणु के रूप में कार्य करता है जिस पर 'A' या 'B' विशिष्ट शर्कराएं जुड़ती हैं, और 'बॉम्बे फिनोटाइप' (Bombay phenotype) वाले व्यक्तियों में FUT1 जीन के उत्परिवर्तन के कारण इस H-एंटीजन का पूर्ण अभाव होता है, जिससे उनका रक्त किसी भी मानक ABO परीक्षण में 'O' समूह जैसा प्रतीत होने के बावजूद सीरम में एंटी-H एंटीबॉडी की उपस्थिति के कारण गंभीर आधान प्रतिक्रिया (Transfusion reaction) का कारण बन सकता है।
2. Rh रक्त समूह प्रणाली में, यदि Rh-ऋणात्मक माता के गर्भ में Rh-धनात्मक भ्रूण पल रहा हो, तो प्रसव के दौरान भ्रूण की लाल रक्त कोशिकाओं का माता के परिसंचरण तंत्र में प्रवेश करना प्राथमिक प्रतिरक्षा अनुक्रिया को ट्रिगर करता है, जिसके परिणामस्वरूप पहली संतान में भी गंभीर 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस' (Erythroblastosis fetalis) का खतरा उतना ही उच्च होता है जितना कि बाद की संतानों में।
3. रक्त प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली 'एंटी-A' और 'एंटी-B' आइसोएग्लूटेनिन (Isoagglutinins) मुख्य रूप से IgM प्रकार की इम्युनोग्लोबुलिन होती हैं, जो बड़ी पंचमर संरचना (Pentameric structure) के कारण प्लेसेंटा को पार करने में असमर्थ होती हैं, जबकि Rh कारकों के विरुद्ध उत्पन्न होने वाली एंटीबॉडी आमतौर पर IgG प्रकार की होती हैं जो प्लेसेंटा को आसानी से पार कर सकती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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