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Geography
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा की गतिकी और प्रमुख जलसंधियों (Straits) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. महासागरीय उच्चावच के अंतर्गत 'महाद्वीपीय मग्नतट' (Continental Shelf) उथले समुद्र का वह भाग होता है जो तट रेखा से गहराई तक फैला होता है, और यहाँ अत्यधिक सूर्य के प्रकाश की उपलब्धता के कारण प्लवक (Plankton) का विकास प्रचुर मात्रा में होता है, जिससे यह क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मतस्य क्षेत्रों में गिना जाता है।
  2. 2. 'वृहत ज्वार' (Spring Tide) उस स्थिति में उत्पन्न होता है जब अमावस्या और पूर्णिमा के दिनों में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में (Syzygy की स्थिति में) होते हैं, जिससे उनके गुरुत्वाकर्षण बल संयुक्त होकर जल को अधिक ऊँचाई तक खींचते हैं।
  3. 3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है, जो प्रशांत महासागर को दक्षिण चीन सागर के रास्ते सीधे अटलांटिक महासागर से जोड़ती है और वैश्विक समुद्री व्यापार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'बेरिंग जलसंधि' (Bering Strait) अलास्का (संयुक्त राज्य अमेरिका) और रूस (साइबेरिया) के बीच स्थित है, जो आर्कटिक महासागर को प्रशांत महासागर के बेरिंग सागर से जोड़ती है और इसी के पास से अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) गुजरती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि महाद्वीपीय मग्नतट (Continental Shelf) उथले होने के कारण सौर प्रकाश की पर्याप्त मात्रा प्राप्त करते हैं, जो फाइटोप्लांकटन के विकास के लिए आदर्श परिस्थितियाँ प्रदान करता है और इसे प्रमुख मत्स्यन क्षेत्र बनाता है। कथन 2 सही है क्योंकि सिजीजी (Syzygy) की स्थिति यानी सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा के एक सीध में होने पर ज्वारभाटा का प्रभाव अधिकतम होता है जिसे वृहत ज्वार कहते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि मलक्का जलसंधि प्रशांत महासागर (दक्षिण चीन सागर) को हिंद महासागर (अंडमान सागर) से जोड़ती है, न कि अटलांटिक महासागर से। कथन 4 बिल्कुल सही है; विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार बेरिंग जलसंधि एशिया और उत्तरी अमेरिका को अलग करती है तथा आर्कटिक महासागर को बेरिंग सागर (प्रशांत महासागर) से मिलाती है। अतः सही विकल्प (a) है।
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