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Geography
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भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, परिवहन नेटवर्क (राष्ट्रीय राजमार्ग, समर्पित माल गलियारे और अंतर्देशीय जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) परियोजना 'पश्चिमी समर्पित माल गलियारे' (WDFC) के समानांतर विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र को वैश्विक विनिर्माण और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
- 2. राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) हल्दिया से प्रयागराज तक गंगा-भागीरथी-हूगली नदी प्रणाली पर स्थित देश का सबसे लंबा अंतर्देशीय जलमार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1,620 किलोमीटर है।
- 3. भारतमाला परियोजना (Bharatmala Pariyojana) के पहले चरण में सीमावर्ती क्षेत्रों, आर्थिक गलियारों, अंतर-गलियारों और फीडर मार्गों के विकास के साथ-साथ देश के सभी स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) मार्गों को छह-लेन में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-44 (NH-44) है, जो उत्तर में श्रीनगर से शुरू होकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक लगभग 3,745 किलोमीटर की दूरी तय करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) भारत सरकार की एक महत्वकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना है, जिसे पश्चिमी समर्पित माल गलियारे (WDFC) के प्रभाव क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। कथन 2 सही है: राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) प्रयागराज से हल्दिया तक गंगा-भागीरथी-हूगली नदी पर स्थित देश का सबसे लंबा नौगम्य जलमार्ग है, जिसकी लंबाई लगभग 1,620 किमी है। कथन 3 गलत है: भारतमाला परियोजना के तहत आर्थिक गलियारों, अंतर-गलियारों, फीडर मार्गों, राष्ट्रीय गलियारा दक्षता में सुधार, सीमावर्ती व अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और तटीय बंदरगाह सड़कों का विकास शामिल है, न कि स्वर्णिम चतुर्भुज के सभी मार्गों को छह-लेन करने का विशेष लक्ष्य (स्वर्णिम चतुर्भुज पहले ही एनएचएआई द्वारा मुख्य रूप से चार/छह लेन का बनाया जा चुका है)। कथन 4 सही है: एनएच-44 (NH-44) भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है जो श्रीनगर को कन्याकुमारी से जोड़ता है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार देश में सड़क और परिवहन अवसंरचना आर्थिक विकास की रीढ़ है।
Related Questions
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भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय-देशांतीय स्थिति तथा मानक समय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तथा देशांतीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व के मध्य है, जिसके कारण इसके सबसे पूर्वी और पश्चिमी छोर के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का वास्तविक समयान्तर पाया जाता है।
2. भारतीय मानक समय (IST) की रेखा (82°30' पूर्व) कुल पाँच राज्यों — उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश — से होकर गुजरती है, तथा यह रेखा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के समीप से गुजरती है।
3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और देश के कुल आठ राज्यों से होकर जाती है, जिसमें झारखंड की राजधानी 'राँची' इस रेखा के सर्वाधिक समीप स्थित राजधानी शहर है।
4. भारत का दक्षिणतम बिंदु 'इंदिरा प्वाइंट' है, जो मुख्य भूमि पर कन्याकुमारी में स्थित न होकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के ग्रेट निकोबार द्वीप पर 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय नितल का सबसे विस्तृत भाग 'महासागरीय मैदान' (Abyssal Plains) होता है, जो महाद्वीपीय उभार (Continental Rise) और महासागरीय गर्तों के बीच 3,000 से 6,000 मीटर की गहराई पर स्थित समतल एवं मंद ढलान वाला क्षेत्र है।
2. 'दैैनिक ज्वार' (Diurnal Tide) में एक चंद्र दिवस (लगभग 24 घंटे 50 मिनट) के दौरान केवल एक बार उच्च ज्वार और एक बार निम्न ज्वार आता है, जिसका प्रमुख उदाहरण मैक्सिको की खाड़ी और दक्षिण चीन सागर के कुछ क्षेत्र हैं।
3. 'सोंडा जलसंधि' (Sunda Strait) जावा सागर को हिंद महासागर से जोड़ती है और यह इंडोनेशिया के जावा द्वीप तथा सुमात्रा द्वीप के मध्य स्थित एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार वृहद ज्वार (Spring Tide) की स्थिति पूर्णिमा और अमावस्या दोनों के दिन उत्पन्न होती है, क्योंकि इस समय सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीधी रेखा में (सिजीगी की स्थिति में) होते हैं जिससे इनका संयुक्त गुरुत्वाकर्षण बल अधिकतम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की पर्वत प्रणालियों, पर्वत श्रेणियों और उनसे संबंधित घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महान हिमालय (Great Himalaya) या हिमाद्रि श्रेणी में स्थित 'कश्मीर घाटी' (Kashmir Valley) एक अभिनति (Syncline) द्रोणी के रूप में पीर पंजाल और मुख्य महान हिमालय के बीच स्थित एक विवर्तनिक घाटी है।
2. जांसकर श्रेणी और लद्दाख श्रेणी के बीच 'नूबरा घाटी' (Nubra Valley) स्थित है, जिससे होकर श्योक नदी प्रवाहित होती है और यह क्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर के समीप अवस्थित है।
3. 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley), जिसे 'देवों की घाटी' (Valley of the Gods) भी कहा जाता है, धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के बीच हिमाचल प्रदेश में व्यास नदी द्वारा निर्मित एक अनुप्रस्थ घाटी है।
4. शिवालिक श्रेणी और लघु हिमालय (Lesser Himalaya) के बीच पाई जाने वाली समतल संरचनात्मक घाटियों को पश्चिम में 'दून' (जैसे देहरादून) और पूर्व में 'द्वार' (जैसे हरिद्वार) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि जलवायु क्षेत्रों और प्रमुख फसलों के पैटर्न के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' (PMKSY) के अंतर्गत 'हर खेत को पानी' और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (Per Drop More Crop) के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और फव्वारा सिंचाई) को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे जल-उपयोग दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
2. भारत में 'झूम कृषि' (Jhum Cultivation) जिसे 'स्थानांतरित कृषि' (Shifting Cultivation) भी कहा जाता है, मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों के पहाड़ी क्षेत्रों में अपनाई जाती है, जो मृदा की उर्वरता को दीर्घकाल तक बनाए रखने के लिए सबसे वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल स्थायी कृषि पद्धति मानी जाती है।
3. 'धान की सीधी बुवाई' (Direct Seeded Rice - DSR) पारंपरिक रूप से की जाने वाली रोपाई (Puddling) विधि की तुलना में भूजल के अत्यधिक दोहन को कम करती है, श्रम की लागत को घटाती है और मीथेन गैस के वैश्विक उत्सर्जन में भी कमी लाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में 'रबी' फसलों की बुवाई शीतकाल के आरंभ (अक्टूबर-नवंबर) में की जाती है और इनकी कटाई वसंत ऋतु या ग्रीष्मकाल के आगमन (मार्च-अप्रैल) पर संपन्न होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ट्रोपोस्फेयर (क्षोभमंडल) में जब दाब प्रवणता बल (Pressure Gradient Force) और कोरिओलिस बल (Coriolis Force) एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत दिशा में और समान परिमाण में संतुलित हो जाते हैं, तो पवनें समदाब रेखाओं के समानांतर बहने लगती हैं, जिन्हें 'भूविक्षेपी पवन' (Geostrophic Wind) कहा जाता है।
2. 'उष्णकटिबंधीय चक्रवातों' (Tropical Cyclones) के विपरीत, 'शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात' (Temperate Cyclones) केवल तापीय रूप से सक्रिय होते हैं और इनके निर्माण के लिए समुद्री सतह का तापमान न्यूनतम 27°C होना अनिवार्य होता है।
3. वायुमंडल में संतृप्ति (Saturation) की स्थिति प्राप्त होने पर सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) 100% हो जाती है, और जिस तापमान पर वायु संतृप्त हो जाती है, उसे 'ओसांक' (Dew Point) कहा जाता है।
4. फेरल का नियम (Ferrel's Law) यह स्पष्ट करता है कि पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न कोरिओलिस बल उत्तरी गोलार्ध में पवनों को उनकी मूल दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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