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Geography
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि जलवायु क्षेत्रों और प्रमुख फसलों के पैटर्न के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' (PMKSY) के अंतर्गत 'हर खेत को पानी' और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (Per Drop More Crop) के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और फव्वारा सिंचाई) को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे जल-उपयोग दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
- 2. भारत में 'झूम कृषि' (Jhum Cultivation) जिसे 'स्थानांतरित कृषि' (Shifting Cultivation) भी कहा जाता है, मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों के पहाड़ी क्षेत्रों में अपनाई जाती है, जो मृदा की उर्वरता को दीर्घकाल तक बनाए रखने के लिए सबसे वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल स्थायी कृषि पद्धति मानी जाती है।
- 3. 'धान की सीधी बुवाई' (Direct Seeded Rice - DSR) पारंपरिक रूप से की जाने वाली रोपाई (Puddling) विधि की तुलना में भूजल के अत्यधिक दोहन को कम करती है, श्रम की लागत को घटाती है और मीथेन गैस के वैश्विक उत्सर्जन में भी कमी लाती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में 'रबी' फसलों की बुवाई शीतकाल के आरंभ (अक्टूबर-नवंबर) में की जाती है और इनकी कटाई वसंत ऋतु या ग्रीष्मकाल के आगमन (मार्च-अप्रैल) पर संपन्न होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' (PMKSY) का मुख्य उद्देश्य खेत स्तर पर पानी की पहुंच को बढ़ाना और 'हर खेत को पानी' तथा 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' के माध्यम से जल-उपयोग दक्षता में सुधार करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'झूम कृषि' या स्थानांतरित कृषि कोई वैज्ञानिक या स्थायी पद्धति नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक 'कॉर्ट-एंड-बर्न' (जंगल काटो और जलाओ) पद्धति है, जिसके कारण मृदा का क्षरण और वनोन्मूलन जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। कथन 3 सही है क्योंकि धान की सीधी बुवाई (DSR) में पुड्डलिंग (कीचड़ बनाने की प्रक्रिया) की आवश्यकता नहीं होती, जिससे भूजल की बचत होती है, मीथेन उत्सर्जन घटता है और श्रम की आवश्यकता कम होती है। कथन 4 सही है क्योंकि विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रबी की फसलें (जैसे गेहूं, चना, सरसों) अक्टूबर-नवंबर में बोई जाती हैं और मार्च-अप्रैल में काटी जाती हैं। अतः विकल्प (b) सही है।
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वतीय प्रणालियों, पठारों और मरुस्थलों की भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पामीर का पठार' (Pamir Plateau), जिसे 'विश्व की छत' (Roof of the World) कहा जाता है, टाइन शान, काराकोरम, कुनलन और हिंदूकुश जैसी विशाल पर्वत श्रेणियों का एक प्रमुख गाँठ या जंक्शन (Node) बनाता है।
2. 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर एंडीज पर्वतमाला और प्रशांत महासागर के बीच स्थित दुनिया के सबसे शुष्क मरुस्थलों में से एक है, और यहाँ की अत्यधिक शुष्क स्थिति मुख्य रूप से 'हम्बोल्ट जलधारा' (Peruvian Current) के प्रभाव के कारण है।
3. 'एनाटोलिया का पठार' (Anatolian Plateau) एक अंतर-पर्वतीय (Intermontane) पठार है जो पोंटिक और टौरस पर्वत श्रेणियों के मध्य तुर्की में स्थित है, और इसके अधिकांश भाग में अर्ध-शुष्क स्टेपी जलवायु पाई जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार विश्व का सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय मरुस्थल 'सहारा मरुस्थल' है, जो अफ्रीका महाद्वीप के उत्तरी भाग में अटलांटिक महासागर से लेकर लाल सागर तक फैला हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भूवैज्ञानिक संरचना तथा परमाणु खनिजों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का अधिकांश कोयला भंडार 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों में पाया जाता है, जो देश के कुल कोयला भंडार का लगभग 98% हिस्सा है और इसमें मुख्य रूप से उच्च कोटि का बिटुमिनस कोयला मिलता है, जबकि टर्शरी युगीन कोयला मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में पाया जाता है।
2. 'राजस्थान' का जावर क्षेत्र जस्ता और सीसा के लिए प्रसिद्ध है, जबकि खेतड़ी बेल्ट तांबे के लिए जानी जाती है; इसके अलावा देश में 'परमाणु ऊर्जा' के विकास के लिए आवश्यक यूरेनियम के निक्षेप झारखंड के सिंहभूम जिले (जादुगोड़ा) के साथ-साथ आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ली और तेलंगाना क्षेत्रों में भी पाए जाते हैं।
3. भारत के अपतटीय क्षेत्रों में 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) देश का सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है, जिसका विकास मध्य Eocene युगीन चूना पत्थर संरचनाओं के आधार पर किया गया है, और यहाँ से तेल निष्कर्षण का मुख्य कार्य 'तेल और प्राकृतिक गैस निगम' (ONGC) द्वारा किया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार केरल के तटीय क्षेत्रों की बालू में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला 'मोनोजाइट' (Monazite) थोरियम का एक प्रमुख अयस्क है, जो भारत के दीर्घकालिक तीन-चरण वाले परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का मुख्य आधार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) के वितरण, उनकी थर्मल प्रकृति तथा उनके क्षेत्रीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तरी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक गर्म जलधारा है, जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ते हुए पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों में सर्दियों के मौसम में भी बंदरगाहों को बर्फ से मुक्त रखती है।
2. प्रशांत महासागर की प्रसिद्ध 'कुरील या ओयाशियो जलधारा' (Oyashio Current) एक गर्म जलधारा है, जो बेरिंग जलडमरूमध्य से दक्षिण की ओर बहती हुई जापान के पूर्वी तट पर तापमान को अत्यधिक बढ़ा देती है।
3. अटलांटिक महासागर के दक्षिणी गोलार्ध में ब्राजील तट के सहारे बहने वाली 'ब्राजील जलधारा' एक ठंडी जलधारा है, जबकि इसके ठीक विपरीत अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहने वाली 'बेंगुएला जलधारा' एक गर्म जलधारा है।
4. हिंद महासागर में मानसूनी हवाओं के मौसमी उत्क्रमण (Monsoonal Reversal) के कारण उत्तरी हिंद महासागर की जलधाराओं की दिशा गर्मियों और सर्दियों में पूरी तरह उलट जाती है, जो इस क्षेत्र की एक अनूठी विशेषता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ज़ोजिला दर्रा (Zoji La) - महान हिमालय श्रेणी (लद्दाख/कश्मीर)
2. शिपकी ला दर्रा (Shipki La) - जास्कर श्रेणी (हिमाचल प्रदेश)
3. बारालाचा ला दर्रा (Baralacha La) - पीर पंजाल श्रेणी (लद्दाख और हिमाचल प्रदेश की सीमा)
4. बोमडिला दर्रा (Bomdila Pass) - अरुणाचल प्रदेश (कम्पांग घाटी के पास तवांग को जोड़ने वाला)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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भारतीय जलवायु और मानसून की उत्पत्ति तथा वर्षा के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों और थार मरुस्थल पर कम वायुदाब के क्षेत्र (मानसूनी गर्त) का विकास होता है, जो दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को विषुवत रेखा पार करने के बाद दक्षिण-पश्चिमी मानसून के रूप में आकर्षित करता है।
2. तिब्बत का पठार ग्रीष्मकाल में एक विशाल 'उष्मा इंजन' (Thermal High) के रूप में कार्य करता है, जो क्षोभमंडल के ऊपरी स्तर पर उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Easterly Jet Stream) के विकास और इसके स्थिरीकरण के लिए उत्तरदायी है।
3. 'ला नीना' (La Nina) घटना के दौरान पेरू के तट पर ठंडे पानी का असामान्य प्रकटीकरण होता है, जिससे पश्चिमी प्रशांत महासागर में वायुदाब कम और पूर्वी प्रशांत महासागर में वायुदाब बढ़ जाता है, जिसके परिणामस्वरूप भारत में मानसूनी वर्षा की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय मानसून की वापसी (Retreating Monsoon) की प्रक्रिया सितंबर के आरंभ में उत्तर-पश्चिम भारत से शुरू होती है, जिसके कारण बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करके तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में शीतकाल के दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून से भारी वर्षा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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