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General Science
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प्रदूषण?

Detailed Explanation

कचरा मिलना।
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में क्रमिक वृद्धि होती है, जिसके फलस्वरूप परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु समूह-18 के उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की वांडरवाल्स त्रिज्या उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में काफी बड़ी होती है। 2. ऑक्सीजन की तुलना में नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान अधिक होता है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के 2p कक्षकों का अर्ध-पूर्ण (Half-filled) होना है जो अतिरिक्त स्थायित्व प्रदान करता है। 3. आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाले इलेक्ट्रॉन और पहले से उपस्थित 2p कक्षकीय इलेक्ट्रॉनों के बीच अंतःइलेक्ट्रॉनिक प्रतिकर्षण बहुत कम होता है। 4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के कारण 4d और 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम और हाफ़िज़ियम) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिसका मुख्य कारण 4f कक्षकों का आवरण प्रभाव (Shielding effect) अत्यंत दुर्बल होना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? विद्युत-चुंबकीय तरंगों को माध्यम चाहिए? मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ABO रक्त समूह प्रणाली की खोज कार्ल लैंडस्टीनर द्वारा की गई थी, जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर पाए जाने वाले विशिष्ट एंटीजन (एग्लूटिनोजन) के आधार पर रक्त वर्गों का निर्धारण होता है, जबकि प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से विशिष्ट एंटीबॉडी (एग्लूटिनिन) उपस्थित होते हैं। 2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Phenotype / $h/h$) एक अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह है, जिसमें व्यक्ति की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H एंटीजन' का पूर्णतः अभाव होता है, जिसके कारण वे केवल बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति से ही रक्त प्राप्त कर सकते हैं और किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) से रक्त लेने पर गंभीर आधान प्रतिक्रिया हो सकती है। 3. Rh कारक (Rh Factor) का आनुवंशिक नियंत्रण एक बहु-युग्मविक (Multiple allele) प्रणाली द्वारा होता है, और Rh-धनात्मक रक्त को Rh-ऋणात्मक व्यक्ति में पहली बार चढ़ाने पर तुरंत घातक हीमोलिटिक प्रतिक्रिया होती है क्योंकि शरीर में पहले से ही प्राकृतिक Rh एंटीबॉडी मौजूद होते हैं। 4. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-ऋणात्मक माता और एक Rh-धनात्मक पिता से उत्पन्न होने वाला गर्भ Rh-धनात्मक होता है, जिसमें प्रथम संतान के जन्म के समय प्रसव के दौरान माता के शरीर में विकसित होने वाली एंटी-D एंटीबॉडी अगले गर्भ के भ्रूण की लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रकाश संश्लेषण की 'प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया' (Light Reaction) हरित लवक के स्ट्रोमा में संपन्न होती है, जहाँ जल के प्रकाشی अपघटन (Photolysis) से ऑक्सीजन, प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं, जबकि केल्विन चक्र (C3 चक्र) थाइलाकोइड झिल्ली पर होता है। 2. 'जिब्रेलिन' (Gibberellin) एक पादप हॉर्मोन है जो आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वसंधि) की लंबाई को बढ़ाकर तने के दीर्घीकरण को प्रेरित करता है तथा बीजों की प्रसुप्ति (Dormancy) को तोड़कर अंकुरण में सहायता करता है। 3. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये पौधे मिट्टी में उगते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर युग्मकोद्भिद (Gametophyte) होता है जो बीजाणुद्भिद पर आश्रित रहता है। 4. 'एब्सिसिक अम्ल' (ABA) को 'तनाव हॉर्मोन' (Stress Hormone) कहा जाता है, जो प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों जैसे जल की कमी के दौरान पर्णरंध्रों (Stomata) को बंद करने और बीज की प्रसुप्ति को बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और लसिका तंत्र (Lymphatic System) की क्रियात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मानव हृदय का 'सिनोएट्रियल नोड' (SA Node) एक गतिप्रेरक (Pacemaker) के रूप में कार्य करता है क्योंकि यह स्वतः क्रियाविभव (Action potential) उत्पन्न करने की उच्चतम क्षमता रखता है, जिससे हृदय की पेशियों का संकुचन नियंत्रित होता है। 2. जब रक्त कोशिकाओं से केशिकाओं (Capillaries) के माध्यम से ऊतकों में प्रवाहित होता है, तो हाइड्रोस्टेटिक दबाव के कारण प्लाज्मा का एक बड़ा भाग प्रोटीन सहित कोशिकाओं के बीच अंतरकोशिकीय अवकाश में छन जाता है, जिसे लसिका कहा जाता है। 3. रुधिर स्कंदन (Blood coagulation) की प्रक्रिया में, थ्रॉम्बोप्लास्टिन और कैल्सियम आयनों ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति में प्रोथ्रॉम्बिन, सक्रिय थ्रॉम्बिन में परिवर्तित होता है, जो आगे घुलनशील फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में बदल देता है। 4. फुफ्फुसीय धमनी (Pulmonary Artery) शरीर की एकमात्र धमनी है जो ऑक्सीजनित (Oxygenated) रक्त का वहन करती है, जबकि फुफ्फुसीय शिरा विऑक्सीजनित रक्त को फेफड़ों से बाएं आलिंद तक पहुँचाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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