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General Science
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गर्म ग्रह?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शुक्र।
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ओक?
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तरंग गति, डॉप्लर प्रभाव और ध्वनि तरंगों के संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब ध्वनि स्रोत और श्रोता दोनों एक ही दिशा में समान वेग से गति कर रहे हों, तो श्रोता द्वारा सुनी जाने वाली ध्वनि की आवृत्ति में कोई आभासी परिवर्तन (डॉप्लर विस्थापन) नहीं होता है, क्योंकि उनके बीच की आपेक्षिक गति शून्य होती है।
2. लाप्लास (Laplace) द्वारा न्यूटन के ध्वनि की चाल के सूत्र में किए गए संशोधन के अनुसार, वायु में ध्वनि का संचरण एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, और इस प्रक्रिया में संपीडन और विरलन इतनी तीव्र गति से होते हैं कि ऊष्मा का आदान-प्रदान नहीं हो पाता है।
3. जब एक अनुदैर्ध्य ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति, तरंगदैर्ध्य और वेग तीनों में परिवर्तन हो जाता है, क्योंकि माध्यम बदलने पर तरंग के संचरण के भौतिक गुण बदल जाते हैं।
4. किसी गैस में ध्वनि की चाल उस गैस के निरपेक्ष तापमान के वर्गमूल के सीधे समानुपाती होती है, तथा गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) की अवधारणाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा वे यौगिक जिनमें केंद्रीय परमाणु का अष्टक अपूर्ण होता है (जैसे $BF_3$), इस श्रेणी में आते हैं।
2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) अत्यधिक प्रबल होता है, तथा एक संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म में केवल एक प्रोटॉन ($H^+$) का अंतर होता है।
3. जब किसी दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण (जैसे सोडियम एसीटेट) का जलीय अपघटन किया जाता है, तो प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति क्षारीय होती है और उसका pH मान 7 से अधिक होता है।
4. शुद्ध जल का स्व-आयनन (Self-ionization) एक ऊष्माशोषी (Endothermic) प्रक्रिया है, जिसके कारण तापमान बढ़ाने पर जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) बढ़ जाता है और शुद्ध जल का pH मान 7 से कम हो जाता है, यद्यपि जल अभी भी उदासीन ही रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु क्रमांक में वृद्धि के साथ प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) बढ़ता है, जिससे परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु समूह-18 के उत्कृष्ट गैसों की वांडरवाल्स त्रिज्या उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या से काफी बड़ी होती है।
2. नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान ऑक्सीजन की तुलना में अधिक होता है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के 2p कक्षकों का अर्ध-पूर्ण (Half-filled) होना है जो अतिरिक्त स्थायित्व प्रदान करता है।
3. आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाले इलेक्ट्रॉन और पहले से उपस्थित 2p कक्षकीय इलेक्ट्रॉनों के बीच अंतःइलेक्ट्रॉनिक प्रतिकर्षण कम हो जाता है।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के कारण 4d और 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम और हाफ़िज़ियम) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिसका मुख्य कारण 4f कक्षकों का आवरण प्रभाव अत्यंत दुर्बल होना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) और प्रगामी तरंगों की गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी माध्यम में अनुदैर्ध्य तरंगों के संचरण के दौरान माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के समांतर कंपन करते हैं, जिससे माध्यम में संपीडन (Compressions) और विरलन (Rarefactions) उत्पन्न होते हैं।
2. किसी गैस में ध्वनि की चाल माध्यम के दाब पर निर्भर करती है, और न्यूटन के सूत्र के अनुसार यह isothermal (समतापीय) प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत मानक ताप और दाब पर ध्वनि की सैद्धांतिक चाल और प्रायोगिक मान में थोड़ा अंतर होता है, जिसे लाप्लास ने अपने संशोधन द्वारा दूर किया।
3. माध्यम का तापमान बढ़ाने पर उसमें ध्वनि की चाल बढ़ जाती है, क्योंकि तापमान में वृद्धि से माध्यम की प्रत्यास्थता (Elasticity) बढ़ती है और घनत्व में वृद्धि होती है।
4. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और श्रोता के बीच आपेक्षिक गति होती है, तो श्रोता को सुनाई देने वाली ध्वनि की आवृत्ति में परिवर्तन प्रतीत होता है, और यह प्रभाव प्रकाश तरंगों तथा ध्वनि तरंगों दोनों पर लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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