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General Science
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लैक्टोमीटर।
Related Questions
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प्रकाशिकी (Optics) और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
2. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) और उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) के बीच का संबंध $R = 2f$ केवल वायु या निर्वात में ही मान्य होता है, और यदि दर्पण को पानी में डुबो दिया जाए तो उसके परावर्तन के नियमों के कारण उसकी वक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी दोनों बदल जाती हैं।
3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए प्रकाश किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना अनिवार्य है, और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक होना चाहिए।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में क्रमिक वृद्धि होती है, जिसके फलस्वरूप परमाणु त्रिज्या में सामान्यतः कमी आती है, किंतु प्रत्येक आवर्त के अंत में उपस्थित उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) की परमाणु त्रिज्या अपने से ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की तुलना में काफी बड़ी होती है क्योंकि उत्कृष्ट गैसों के आकार का निर्धारण उनकी वांडर वाल्स त्रिज्या (Van der Waals radius) के आधार पर किया जाता है।
2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान सामान्यतः आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर बढ़ता है, किंतु आवर्त सारणी में ऑक्सीजन और फ्लोरीन जैसे द्वितीय आवर्त के तत्वों का इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान उनके ठीक नीचे आने वाले तृतीय आवर्त के तत्वों (क्रमशः सल्फर और क्लोरीन) की तुलना में अधिक होता है।
3. पॉलिंग पैमाने के अनुसार विद्युतऋणात्मकता का मान आवर्त सारणी में फ्लोरीन के लिए अधिकतम होता है, और किसी परमाणु की विद्युतऋणात्मकता केवल उसकी इलेक्ट्रॉन बंधुता पर निर्भर करती है, उसके संकरण (Hybridization) अवस्था या ऑक्सीकरण अवस्था पर नहीं।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) का प्रमुख कारण $4f$ कक्षकों का अत्यधिक अपूर्ण और दुर्बल परिरक्षण प्रभाव (Poor shielding effect) है, जिसके कारण 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों के परमाणु आकार 3d और 4d श्रेणियों के तत्वों के लगभग समान हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस (Convex lens) को ऐसे पारदर्शी द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की अभिसारी प्रकृति (Converging nature) उलट जाती है और वह एक अपसारी लेंस (Diverging lens) की भाँति व्यवहार करने लगता है।
2. अवतल दर्पण के सामने वस्तु को उसके वक्रता केंद्र और फोकस के बीच रखने पर उसका वास्तविक, उल्टा और वस्तु से बड़ा प्रतिबिंब वक्रता केंद्र के परे (बाहर) बनता है।
3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की परिघटना के लिए प्रकाश की किरण का विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाना अनिवार्य है, तथा आपतन कोण का मान माध्यम के क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए।
4. सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope) मूलतः एक कम फोकस दूरी का उत्तल लेंस होता है, जिसके द्वारा बना अंतिम प्रतिबिंब आभासी, सीधा और आवर्धित होता है, बशर्ते वस्तु को लेंस के प्रकाशिक केंद्र और उसके मुख्य फोकस के बीच रखा जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कौन सा दर्पण दंत चिकित्सक उपयोग करते हैं?
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सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर विभिन्न कोशिकांगों की संरचना और उनके विशिष्ट कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली (Inner membrane) पर 'ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण' की प्रक्रिया संपन्न होती है, जहाँ इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला (ETC) के दौरान बनने वाले 'क्रिस्टा' (Cristae) झिल्ली के सतही क्षेत्रफल को बढ़ाते हैं, और इसके मैट्रिक्स में क्रेब्स चक्र के सभी आवश्यक एंजाइम पाए जाते हैं, सिवाय 'सक्सीनेट डिहाइड्रोजनेज' के जो आंतरिक झिल्ली से जुड़ा होता है।
2. गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus) का 'cis' (निर्माण) चेहरा आमतौर पर अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) की ओर और 'trans' (परिपक्व) चेहरा प्लाज्मा झिल्ली की ओर होता है, और यह मुख्य रूप से प्रोटीन के ग्लाइकोसिलेशन तथा लिपिड के ग्लाइकोजिनेशन जैसी रूपांतरण प्रक्रियाओं का प्रमुख स्थल है।
3. लिसोसॉउस (Lysosomes) एक एकल झिल्लीबद्ध कोशिकांग हैं जिनमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेज) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो अम्लीय pH (लगभग 4.5 से 5.0) पर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, और इस अम्लीय वातावरण को बनाए रखने के लिए साइटोप्लाज्म से प्रोटॉन ($H^+$) को सक्रिय रूप से पंप किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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