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General Science
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कोयला?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अनवीकरणीय।
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हाइपोथैलेमस-पिट्यूटरी अक्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस से स्रावित होने वाले 'रिलीजिंग हार्मोन्स' और 'इन्हिबिटरी हार्मोन्स' पोर्टल शिरा तंत्र के माध्यम से अग्र पीयूष ग्रंथि (Adenohypophysis) तक पहुँचकर उसके हार्मोन स्राव को नियंत्रित करते हैं।
2. ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) हाइपोथैलेमस की तंत्रिका स्रावी कोशिकाओं (Neurosecretory cells) द्वारा संश्लेषित होते हैं और पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) में संग्रहित होकर वहीं से रक्त में स्रावित होते हैं।
3. अधिवृक्क वल्कल (Adrenal cortex) का नियंत्रण मुख्य रूप से अग्र पीयूष ग्रंथि द्वारा स्रावित 'एड्रिनोकोर्टिकोट्रोफिक हार्मोन' (ACTH) के माध्यम से होता है, जो ग्लूकोकॉर्टिकोइड्स के उत्पादन को प्रेरित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों और उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative Lowering of Vapour Pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राउल्ट के नियम का सीधा परिणाम है।
2. वेंट-हॉफ कारक ($i$) का मान उन विलेय पदार्थों के लिए एक से अधिक होता है जो जलीय विलयन में पूर्ण रूप से संघनित (Association) हो जाते हैं, क्योंकि अणुओं के जुड़ने से कणों की कुल संख्या बढ़ जाती है।
3. उत्प्रेरक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) को परिवर्तित करके अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करते हैं, किंतु वे अग्र और पश्च अभिक्रियाओं के वेग को समान रूप से प्रभावित करते हैं जिससे साम्य स्थिरांक (Equilibrium Constant) का मान अपरिवर्तित रहता है।
4. जिओलाइट्स (Zeolites) त्रि-विमीय सिलिकेट नेटवर्क संरचना वाले सूक्ष्मछिद्रित उत्प्रेरक हैं जो 'आकार-वरण उत्प्रेरण' (Shape-selective Catalysis) प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि इनकी उत्प्रेरकीय सक्रियता अभिकारकों और उत्पादों के अणुओं के आकार तथा छिद्रों के आकार पर निर्भर करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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इंद्रधनुष?
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मानव शरीर में वृहत् पोषक तत्वों (Macronutrients) के चयापचय, विटामिनों की जैव रासायनिक क्रियाओं और उनके न्यूनताजनित रोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ग््लुकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) वह चयापचय मार्ग है जिसके द्वारा गैर-कार्बोहाइड्रेट अग्रcursers जैसे लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो अम्ल से ग्लूकोज का संश्लेषण मुख्य रूप से यकृत और वृक्क में होता है, जो उपवास की अवस्था में रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
2. वसा में घुलनशील विटामिनों में, 'विटामिन D' (कैल्सीफेरॉल) का सक्रिय रूप '1,25-डाइहाइड्रॉक्सीकोलेकैल्सीफेरॉल' वास्तव में एक हॉर्मोन की तरह कार्य करता है, जो आंतों से कैल्शम और फॉस्फेट के अवशोषण को विनियमित करता है, और इसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' तथा वयस्कों में 'ऑस्टियोमैलेशिया' नामक रोग हो जाता है।
3. जल-विलेय विटामिनों में, 'विटामिन B1' (थiamine) का सक्रिय रूप 'थिएमीन पाइरोफॉस्फेट' (TPP) कार्बोहाइड्रेट चयापचय के दौरान पाइरुवेट के एसिटाइल-कोए में ऑक्सीडेटिव डीकार्बोक्सिलेशन के लिए एक आवश्यक सह-एंजाइम (Coenzyme) है, और इसकी भारी कमी से 'बेरी-बेरी' नामक विकार उत्पन्न होता है।
4. 'विटामिन B12' (सायनोकोबलामिन) का अवशोषण छोटी आंत के शुरुआती हिस्से (ग्रहणी या डियोडेनम) में स्वतंत्र रूप से होता है, जिसके लिए किसी भी आंतरिक कारक (Intrinsic factor) की आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रत्यास्थ संघट्ट (Elastic Collision) और ऊर्जा-संवेग संरक्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. द्विविमीय या एकविमीय पूर्णतः प्रत्यास्थ संघट्ट में न केवल निकाय का कुल रैखिक संवेग संरक्षित रहता है, बल्कि संघट्ट के दौरान और उसके पश्चात कुल गतिज ऊर्जा (Total Kinetic Energy) भी पूर्ण रूप से संरक्षित रहती है, और इस प्रक्रिया में यांत्रिक ऊर्जा का क्षय ऊष्मा, ध्वनि या विरूपण के रूप में नहीं होता है।
2. जब समान द्रव्यमान का एक गतिशील पिंड किसी अन्य स्थिर पिंड के साथ आमने-सामने का पूर्णतः प्रत्यास्थ संघट्ट करता है, तो संघट्ट के पश्चात पहला पिंड अपनी गति पूरी तरह से खो देता है और रुक जाता है, जबकि दूसरा पिंड पहले पिंड के प्रारंभिक वेग से आगे बढ़ने लगता है (अर्थात वेगों का पूर्ण आदान-प्रदान होता है)।
3. यदि संघट्ट करने वाले दोनों पिंडों के द्रव्यमान असमान हैं और उनमें से एक अत्यधिक भारी तथा दूसरा अत्यंत हल्का है, तो भारी पिंड के साथ संघट्ट के पश्चात हल्के पिंड की अंतिम चाल भारी पिंड की प्रारंभिक चाल की लगभग आधी हो जाती है, चाहे संघट्ट की प्रकृति कुछ भी हो।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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