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General Science
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इंद्रधनुष?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्रकीर्णन और अपवर्तन।
Related Questions
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ऊष्मा और ऊष्मागतिकी के विभिन्न नियमों तथा तापमापी प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण का एक विशेष रूप है, जिसके अनुसार किसी निकाय को दी जाने वाली ऊष्मा उसकी आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन और निकाय द्वारा किए गए कार्य के योग के बराबर होती है।
2. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का विनिमय शून्य होता है, जिसके कारण यदि किसी गैस का अचानक संपीडन किया जाए, तो उसकी आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि होती है और ताप बढ़ जाता है।
3. प्लैटिनम प्रतिरोध तापमापी विद्युत प्रतिरोध के तापमान के साथ रैखिक परिवर्तन के सिद्धांत पर कार्य करती है और इसका उपयोग बहुत कम तापमान से लेकर उच्च तापमान तक के सटीक मापन के लिए किया जाता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
4. जल का त्रिक बिंदु (Triple Point of Water) वह विशिष्ट तापमान और दाब है जिस पर बर्फ, द्रव जल और जलवाष्प सह-अस्तित्व में तापीय साम्य में होते हैं, और केल्विन पैमाने पर इसका मानक मान 273.16 K होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाश संश्लेषण?
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परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धांत यह स्पष्ट करता है कि किसी कण की स्थिति और उसके संवेग का एक साथ यथार्थ निर्धारण करना असंभव है, और इनका अनिश्चितता गुणनफल $\Delta x \cdot \Delta p \ge \frac{h}{4\pi}$ होता है।
2. किसी बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणु में कक्षक (Orbital) की ऊर्जा का निर्धारण करने के लिए केवल मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) ही उत्तरदायी होती है, और दिगंशी क्वांटम संख्या ($l$) का कक्षीय ऊर्जा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
3. पाउली का अपवर्जन सिद्धांत (Pauli's exclusion principle) यह निर्धारित करता है कि एक परमाणु में किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं का मान सर्वसम नहीं हो सकता है, अर्थात् एक कक्षक में विपरीत चक्रण (Opposite spins) वाले अधिकतम दो ही इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं।
4. हुंड का अधिकतम बहुकता नियम (Hund's rule of maximum multiplicity) के अनुसार, समान ऊर्जा वाले कक्षकों (डिफ़्यूज़्ड या समभ्रंश कक्षकों) में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तब तक नहीं होता जब तक कि प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन समान चक्रण के साथ न भर जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और पेट्रोलियम ईंधनों के दहन, संरचना और रासायनिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केनों का सामान्य सूत्र $C_nH_{2n+2}$ होता है और इनमें कार्बन-कार्बन एकल बंध पाए जाने के कारण ये अत्यधिक अभिक्रियाशील होते हैं, जिसके फलस्वरूप ये सामान्य परिस्थितियों में भी तीव्र योगात्मक अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं।
2. 'स्मॉग' (Smog) और photochemical smog के निर्माण में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन और नाइट्रोजन ऑक्साइड सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में मुख्य भूमिका निभाते हैं, जो द्वितीयक प्रदूषक जैसे ओजोन और पैरोक्सीएसिटाइल नाइट्रेट (PAN) का निर्माण करते हैं।
3. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) में मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होता है, और इसमें सुरक्षा के लिए मिलाए जाने वाले तीक्ष्ण गंधयुक्त यौगिक का रासायनिक सूत्र एथिल मर्कैप्टेन ($C_2H_5SH$) होता है।
4. जब असंतृप्त हाइड्रोकार्बन जैसे एथीन ($C_2H_4$) को बेयर अभिकर्मक (ठंडा, क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट विलयन) के साथ अभिकृत किया जाता है, तो बैंगनी रंग गायब हो जाता है और यह परीक्षण उनके असंतृप्त स्वभाव को पुष्ट करता है, जिसका विस्तृत विवरण विकिपीडिया संदर्भ में दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की जठर भित्ति (Gastric mucosa) में पाई जाने वाली पेप्टिक या मुख्य कोशिकाएं (Chief cells) निष्क्रिय 'पेप्सिनोजेन' का स्राव करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में बदल जाता है, और यह एंजाइम प्रोटीन को प्रोटीज तथा पेप्टोन में जलअपघटित करता है।
2. फुफ्फुसीय वेंटिलेशन (Pulmonary ventilation) के दौरान, बाह्य अंतरपर्शुक पेशियों (External intercostal muscles) और डायाफ्राम का संकुचन वक्ष गुहा के आयतन को बढ़ाता है और अंतराफुफ्फुसीय दाब (Intra-pulmonary pressure) को वायुमंडलीय दाब से अधिक कर देता है, जिससे वायु फेफड़ों के भीतर बलपूर्वक प्रवेश करती है।
3. तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स के माध्यम से आवेगों का संचरण होता है, और रासायनिक सिनेप्स पर जब एक्शन पोटेंशियल पहुँचता है, तो प्री-सिनेप्टिक झिल्ली पर वोल्टेज-संवेदी कैल्शियम आयन चैनल खुल जाते हैं, जिससे न्यूरोट्रांसमीटर से भरे पुटिकाएं (Vesicles) एक्सोसाइटोसिस द्वारा सिनेप्टिक क्लेफ्ट में मुक्त होते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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