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Geography
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भारत की जनगणना 2011 के जनसांख्यिकीय संकेतकों, भाषाई परिवारों तथा मानवजातीय संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत के भाषाई वर्गीकरण के अनुसार, 'आ Austric' (ऑस्ट्रिक) भाषा परिवार (जैसे मुंडा और खासी) देश का सबसे बड़ा भाषाई परिवार है, जो कुल जनसंख्या का लगभग 78% हिस्सा कवर करता है, जबकि 'द्रविड़ी' (Dravidian) भाषा परिवार दूसरे स्थान पर है।
- 2. वर्ष 2011 की जनगणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या में 'अनुसूचित जातियों' (Scheduled Castes - SC) का कुल अनुपात लगभग 16.6% है, तथा 'पंजाब' राज्य ने अपनी कुल जनसंख्या के सापेक्ष अनुसूचित जाति (SC) की जनसंख्या का सबसे अधिक प्रतिशत (लगभग 31.9%) दर्ज किया है।
- 3. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल साक्षरता दर 74.04% थी, जिसमें 'केरल' राज्य ने सर्वोच्च साक्षरता दर (94.0%) दर्ज की, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में 'लक्षद्वीप' ने दूसरा सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया और बिहार (61.8%) सबसे निचले पायदान पर रहा।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान भारत का कुल जनसंख्या घनत्व (Population Density) 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर दर्ज किया गया था, जिसमें 'बिहार' राज्य 1106 व्यक्तियों प्रति वर्ग किमी के साथ देश में पहले स्थान पर था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि भारत में 'इंडो-आर्यन' (Indo-Aryan) या भारतीय-आर्य भाषा परिवार देश का सबसे बड़ा भाषाई परिवार है जो कुल जनसंख्या का लगभग 78.05% हिस्सा कवर करता है, न कि 'ऑस्ट्रिक'। ऑस्ट्रिक (निशीद/मुंडा) भाषा परिवार देश की कुल जनसंख्या का केवल 1.38% हिस्सा है। कथन 2, 3 और 4 पूरी तरह से सत्य हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में SC जनसंख्या 16.6% है और पंजाब में इसका प्रतिशत सर्वाधिक है। कुल साक्षरता 74.04% और जनघनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (बिहार में सर्वोच्च 1106) दर्ज किया गया था। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की जनगणना देश के सामाजिक-आर्थिक और जनसांख्यिकीय विश्लेषण का सबसे प्रामाणिक स्रोत है।
Related Questions
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और शैलों (Rocks) के कायांतरण (Metamorphism) तथा उनके रासायनिक परिवर्तनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्पर्श कायांतरण (Contact Metamorphism) मुख्य रूप से उच्च तापमान और आग्नेय घुसपैठ (Igneous Intrusion) के कारण होता है, जिसमें मूल शैलों का पुनर्गठन होता है और इस प्रक्रिया में आमतौर पर 'अनपर्णी' (Non-foliated) शैलों जैसे संगमरमर और क्वार्ट्जाइट का निर्माण होता है।
2. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) अत्यधिक विवर्तनिक दबाव (Tectonic Pressure) और उच्च तापमान के संयुक्त प्रभाव से होता है, जिसके परिणामस्वरूप शैलों में खनिजों का समानांतर संरेखण हो जाता है और 'पर्णिता' (Foliation) की विशिष्ट संरचना उत्पन्न होती है, जिसका सर्वोत्तम उदाहरण स्लेट और शिस्ट हैं।
3. कायांतरित चट्टानें अपने मूल रूप से पूर्णतः परिवर्तित होकर केवल नए खनिजों में बदल जाती हैं, और इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मूल चट्टानों का रासायनिक संयोजन (Chemical Composition) पूरी तरह से बदल जाता है, जिससे मूल चट्टान के रासायनिक अवशेष का कोई भी अंश शेष नहीं रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में उत्तर-भारत के मैदानी भागों में अत्यधिक ताप के कारण 'मानसून गर्त' (Monsoon Trough) का निर्माण होता है, जो अंतःउष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) का ही ग्रीष्मकालीन विस्तारित रूप है।
2. मेडागास्कर के पूर्व में हिंद महासागर के ऊपर स्थित 'मस्कैmas उच्च वायुदाब' (Mascarene High) की तीव्रता दक्षिण-पश्चिम मानसून की पवनों को भारतीय उपमहाद्वीप की ओर धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
3. जेट स्ट्रीम का सिद्धांत यह बताता है कि ग्रीष्मकाल के दौरान उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Tropical Easterly Jet Stream) का तिब्बत के पठार के ऊपर उत्तर की ओर विस्थापन मानसून की सक्रियता को कमजोर करता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार एल नीनो (El Niño) घटना के दौरान दक्षिण अमेरिकी तट के पास पेरू की ठंडी जलधारा के स्थान पर गर्म जलधारा का विकास होता है, जिससे भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा में अक्सर कमी (सूखे की स्थिति) देखने को मिलती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूपर्पटी (Crust) के रासायनिक संघटन और विभिन्न प्रकार की चट्टानों (शैल) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में भार के अनुसार सर्वाधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व 'ऑक्सीजन' है, जिसके बाद क्रमशः सिलिकॉन, एल्युमिनियम और लोहे का स्थान आता है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी के क्रोड (Core) में निकेल और आयरन (Nife) की प्रधानता होती है।
2. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) पृथ्वी के आंतरिक तप्त मैग्मा के शीतलन और ठोसकरण से बनती हैं, और ग्रेनाइट, बेसाल्ट, गैब्रो तथा पैग्माटाइट इसी श्रेणी के प्रमुख उदाहरण हैं, जिनमें जीवाश्मों (Fossils) का पूर्ण अभाव होता है।
3. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप, दाब और रासायनिक सक्रिय द्रवों के प्रभाव से पूर्ववर्ती आग्नेय एवं अवसादी चट्टानों के रूप-परिवर्तन से निर्मित होती हैं, जिसके तहत चूना पत्थर का रूपांतरण संगमरमर (Marble) में और बलुआ पत्थर का रूपांतरण क्वार्ट्जाइट (Quartzite) में होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'अवसादी चट्टानें' (Sedimentary Rocks) परतदार होती हैं और पृथ्वी के कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल का लगभग 75% भाग ढँकती हैं, किंतु भूपर्पटी के कुल द्रव्यमान का केवल 5% हिस्सा ही निर्मित करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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काली मिट्टी (Black Soil), जो कपास की खेती के लिए उपयुक्त है, भारत में किस नाम से भी जानी जाती है?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंबद्धताओं (Discontinuities) और चट्टानों के चक्रीय परिवर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कॉनराड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट और निचली क्रस्ट के बीच अलग करने वाली रेखा है, जबकि 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) निचली मेंटल और बाह्य क्रोड के मध्य स्थित है जहाँ प्राथमिक (P) तरंगों का वेग अचानक बहुत कम हो जाता है और द्वितीयक (S) तरंगें पूरी तरह विलुप्त हो जाती हैं।
2. पृथ्वी की क्रोड (Core) मुख्य रूप से निकेल और लोहे (NIFE) से बनी हुई है, जिसमें बाह्य क्रोड पिघली हुई (द्रव) अवस्था में है जबकि आंतरिक क्रोड अत्यधिक दाब के कारण ठोस अवस्था में पाई जाती है।
3. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) प्राथमिक चट्टानें कहलाती हैं जिनका निर्माण मैग्मा या लावा के ठंडे होने से होता है, और बेसाल्ट तथा ग्रेनाइट क्रमशः बाह्य (ज्वालामुखी) और आंतरिक (पातालीय) आग्नेय चट्टानों के प्रमुख उदाहरण हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मोहरोविक असंबद्धता (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा को निरूपित करती है, जहाँ से भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक तीव्र वृद्धि (तोरण) दर्ज की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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