BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
11 views

पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंबद्धताओं (Discontinuities) और चट्टानों के चक्रीय परिवर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'कॉनराड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट और निचली क्रस्ट के बीच अलग करने वाली रेखा है, जबकि 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) निचली मेंटल और बाह्य क्रोड के मध्य स्थित है जहाँ प्राथमिक (P) तरंगों का वेग अचानक बहुत कम हो जाता है और द्वितीयक (S) तरंगें पूरी तरह विलुप्त हो जाती हैं।
  2. 2. पृथ्वी की क्रोड (Core) मुख्य रूप से निकेल और लोहे (NIFE) से बनी हुई है, जिसमें बाह्य क्रोड पिघली हुई (द्रव) अवस्था में है जबकि आंतरिक क्रोड अत्यधिक दाब के कारण ठोस अवस्था में पाई जाती है।
  3. 3. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) प्राथमिक चट्टानें कहलाती हैं जिनका निर्माण मैग्मा या लावा के ठंडे होने से होता है, और बेसाल्ट तथा ग्रेनाइट क्रमशः बाह्य (ज्वालामुखी) और आंतरिक (पातालीय) आग्नेय चट्टानों के प्रमुख उदाहरण हैं।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मोहरोविक असंबद्धता (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा को निरूपित करती है, जहाँ से भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक तीव्र वृद्धि (तोरण) दर्ज की जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। कॉनराड असंबद्धता ऊपरी और निचले क्रस्ट को अलग करती है, जबकि गुटेनबर्ग असंबद्धता मेंटल और बाह्य क्रोड के बीच स्थित है जहाँ S-तरंगें (जो केवल ठोस में चलती हैं) विलुप्त हो जाती हैं क्योंकि बाह्य क्रोड तरल अवस्था में है। क्रोड (NIFE) में भारी तत्व हैं, जहाँ बाह्य क्रोड द्रव और आंतरिक क्रोड अत्यधिक दबाव के कारण ठोस है। आग्नेय चट्टानें मैग्मा के ठंडा होने से बनती हैं; बेसाल्ट एक बाह्य आग्नेय और ग्रेनाइट पातालीय (आंतरिक) आग्नेय चट्टान है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मोहरोविक (मोहो) असंबद्धता क्रस्ट और मेंटल के बीच सीमा बनाती है जहाँ घनत्व बढ़ने के कारण भूकंपीय तरंगों की गति बढ़ जाती है। अतः विकल्प (d) सही है।
Share:

Related Questions

पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों (पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल) तथा उनकी विवर्तनिक और जलवायुजनित उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'एंडीज पर्वतमाला' (Andes Mountains) दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित विश्व की सबसे लंबी वलित पर्वत श्रृंखला है, जिसका निर्माण महासागरीय नाज़का प्लेट और महाद्वीपीय दक्षिण अमेरिकी प्लेट के अभिसरण के फलस्वरूप हुआ है। 2. 'तिब्बत का पठार' (Tibetan Plateau) एक अंतर्पर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका निर्माण भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टक्कर के बाद क्रस्ट के संपीड़न और विवर्तनिक उत्थान के कारण हुआ है। 3. 'गोबी मरुस्थल' (Gobi Desert) मंगोलिया और चीन के मध्य स्थित एक शीत मरुस्थल (Cold Desert) है, जिसके निर्माण का प्रमुख कारण उच्च अक्षांशीय स्थिति के साथ-साथ हिमालय और अन्य उच्च पर्वतमालाओं द्वारा निर्मित वृष्टिछाया (Rain shadow) क्षेत्र होना है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार यूरोप की 'यूराल पर्वतमाला' एक अत्यंत नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountain) का उदाहरण है, जिसका निर्माण वर्तमान टर्शरी काल की अल्पाइन हलचल के दौरान हुआ था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में 'परिसंचारी फव्वारा सिंचाई' (Rotational Sprinkler Irrigation) और 'टपकन सिंचाई' (Drip Irrigation) दोनों ही सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियाँ हैं, जिनमें टपकन सिंचाई वाष्पीकरण और भू-पृष्ठीय अपवाह (Runoff) को न्यूनतम करते हुए जल-उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को लगभग 90% तक बढ़ा देती है। 2. 'बहु-फसल प्रणाली' (Multiple Cropping) के अंतर्गत एक ही कृषि वर्ष में एक ही खेत में एक के बाद एक दो या अधिक फसलें उगाई जाती हैं, जबकि 'अंतर-फसल प्रणाली' (Intercropping) में दो या दो से अधिक फसलों को एक साथ एक ही खेत में एक निश्चित पंक्ति पैटर्न में उगाया जाता है। 3. 'दलहनी फसलें' (Pulses) वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करने में असमर्थ होती हैं, जिसके कारण उन्हें अपनी वृद्धि के लिए मृदा में भारी मात्रा में रासायनिक नाइट्रोजन उर्वरकों के प्रयोग की आवश्यकता होती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में कुल सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा स्रोत 'नलकूप और अन्य कुएँ' (Tubewells and Wells) हैं, उसके पश्चात दूसरा सबसे बड़ा स्रोत नहरें (Canals) आती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'बुर्जिल दर्रा' (Burzil Pass) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है और यह प्राचीन काल में मध्य एशिया और भारत के बीच का एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग था। 2. 'बड़ा लाचा ला दर्रा' (Bara-lacha La) जास्कर श्रेणी में स्थित है, जिससे होकर चिनाव नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ चंद्र और भागा प्रवाहित होती हैं और यह मनाली को लेह से जोड़ता है। 3. 'नीति दर्रा' (Niti Pass) उत्तराखंड में कुमाऊं हिमालय क्षेत्र में स्थित है, जो भारत को तिब्बत के कैलाश मानसरोवर क्षेत्र से जोड़ता है और यह शीतकाल में बर्फबारी के कारण बंद रहता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'यांग्याप दर्रा' (Yangyap Pass) अरुणाचल प्रदेश के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित है, जिससे होकर ब्रह्मपुत्र नदी (तिब्बत में सांगपो) भारत में प्रवेश करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? विश्व की प्रमुख नदियाँ और उनके तट पर स्थित प्रसिद्ध नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. राइन नदी (Rhine River) - बॉन (Bonn) और रॉटरडैम (Rotterdam) 2. सीन नदी (Seine River) - पेरिस (Paris) और रूएन (Rouen) 3. डेन्यूब नदी (Danube River) - वियना (Vienna), बुडापेस्ट (Budapest) और बेलग्रेड (Belgrade) 4. सेंट लॉरेंस नदी (Saint Lawrence River) - मांट्रियल (Montreal) और क्यूबेक सिटी (Quebec City) विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? भारत की पर्वत प्रणालियों, उनकी संरचनात्मक विशेषताओं और प्रमुख घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'जांस्कर श्रेणी' (Zanskar Range) ट्रांस-हिमालय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण भाग है, जो मुख्य महान हिमालय (Greater Himalayas) के उत्तर में स्थित है और नंगा पर्वत के पश्चिमी छोर से होते हुए तिब्बत की ओर विस्तारित है। 2. 'पीर पंजाल श्रेणी' (Pir Panjal Range) लघु हिमालय (Lesser Himalayas) की सबसे लंबी और सबसे पश्चिमी श्रेणी है, जो मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में फैली हुई है और यह 'बनिहाल दर्रा' के माध्यम से जम्मू को श्रीनगर से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ती है। 3. 'चुम्बी घाटी' (Chumbi Valley) एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घाटी है जो भारत, भूटान और चीन (तिब्बत) के त्रिसंधि (Tri-junction) क्षेत्र के पास स्थित है और इसे तिब्बत जाने वाले प्राचीन रेशम मार्ग (Silk Road) के एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है। 4. 'बारालाचा ला' (Baralacha La) दर्रा जांस्कर और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य स्थित एक जल-विभाजक दर्रा है, जिससे होकर 'चिनाव' नदी की दो प्रमुख स्रोत नदियाँ—चंद्र और भागा—निकलती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.