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Geography
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भारतीय जलवायु और मानसून की उत्पत्ति तथा वर्षा के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ग्रीष्मकाल में उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों और थार मरुस्थल पर कम वायुदाब के क्षेत्र (मानसूनी गर्त) का विकास होता है, जो दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को विषुवत रेखा पार करने के बाद दक्षिण-पश्चिमी मानसून के रूप में आकर्षित करता है।
- 2. तिब्बत का पठार ग्रीष्मकाल में एक विशाल 'उष्मा इंजन' (Thermal High) के रूप में कार्य करता है, जो क्षोभमंडल के ऊपरी स्तर पर उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Easterly Jet Stream) के विकास और इसके स्थिरीकरण के लिए उत्तरदायी है।
- 3. 'ला नीना' (La Nina) घटना के दौरान पेरू के तट पर ठंडे पानी का असामान्य प्रकटीकरण होता है, जिससे पश्चिमी प्रशांत महासागर में वायुदाब कम और पूर्वी प्रशांत महासागर में वायुदाब बढ़ जाता है, जिसके परिणामस्वरूप भारत में मानसूनी वर्षा की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय मानसून की वापसी (Retreating Monsoon) की प्रक्रिया सितंबर के आरंभ में उत्तर-पश्चिम भारत से शुरू होती है, जिसके कारण बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करके तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में शीतकाल के दौरान उत्तर-पूर्वी मानसून से भारी वर्षा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि ग्रीष्मकाल में उत्तर-पश्चिम भारत के अत्यधिक गर्म होने से वहाँ निम्न वायुदाब का क्षेत्र (मानसूनी गर्त या ITCZ) बनता है, जो दक्षिणी गोलार्ध से आने वाली दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को आकर्षित करता है, जो फेरल के नियम के कारण विषुवत रेखा पार करने के बाद दक्षिण-पश्चिमी मानसून बन जाती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि तिब्बत का पठार ग्रीष्मकाल में एक 'थर्मल लो' (Thermal Low) यानी तापीय रूप से निम्न वायुदाब क्षेत्र के रूप में कार्य करता है, न कि 'थर्मल हाई' के रूप में। यह उच्च तापमान के कारण ऊपर की ओर हवाओं का संवहन करता है और ऊपरी क्षोभमंडल में उच्च दाब का क्षेत्र बनाकर पूर्वी जेट स्ट्रीम को प्रेरित करता है। कथन 3 सही है क्योंकि ला नीना की स्थिति में पश्चिमी प्रशांत (हिन्द महासागर/इंडोनेशिया के पास) में वायुदाब कम और पूर्वी प्रशांत में उच्च दाब होता है, जो भारतीय मानसूनी हवाओं को अधिक मजबूत करता है और भारत में सामान्य से अच्छी वर्षा होती है। कथन 4 सही है, विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार लौटते हुए मानसून (उत्तर-पूर्वी मानसून) से बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने के कारण भारत के दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप (विशेषकर तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय भागों) में नवंबर-दिसंबर के दौरान वर्षा होती है।
Related Questions
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों (पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल) की उत्पत्ति और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रॉकी पर्वतमाला' (Rockies) उत्तर अमेरिका की एक प्रमुख वलित पर्वत श्रृंखला है, जिसका निर्माण प्रशांत महासागरीय प्लेट और उत्तर अमेरिकी प्लेट के अभिसरण के फलस्वरूप टर्शरी काल में हुआ था।
2. 'कोलोरैडो का पठार' (Colorado Plateau) संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक अंतर्पर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका निर्माण विस्तृत मैग्मैटिक अंतर्वेधन (Magmatic Intrusion) और अत्यधिक वलन के कारण हुआ है।
3. विश्व प्रसिद्ध 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित एक अति शुष्क मरुस्थल है, जिसके निर्माण में पेरू (हम्बोल्ट) ठंडी जलधारा और एंडीज पर्वतमाला द्वारा निर्मित वृष्टिछाया क्षेत्र (Rain shadow area) की मुख्य भूमिका है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार यूरोप की 'आल्प्स पर्वतमाला' एक प्राचीन अवशिष्ट पर्वत (Relict Mountain) का उदाहरण है, जिसका निर्माण कैलिडोनियन हरियाणी हलचल के दौरान हुआ था और वर्तमान में यह अपनी नवीन वलित अवस्था खो चुकी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और जलप्रपातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'नागार्जुन सागर परियोजना' कृष्णा नदी पर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित एक वृहद बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसके पीछे निर्मित 'गमगम्भी जलाशय' देश की सबसे बड़ी चिनाई (Masonry) वाले बांधों में से एक है।
2. 'लोनार झील' महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में दक्कन के बेसाल्टिक लावा ट्रैप के बीच स्थित एक उल्कापिंडीय प्रभाव (Meteorite Impact) से बनी क्रेटर झील है, जिसकी जल की प्रकृति खारी और क्षारीय दोनों है।
3. 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls) कर्नाटक के शिमोगा जिले में वाराही नदी द्वारा निर्मित भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है, जिसकी कुल ऊँचाई लगभग 455 मीटर है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार झारखंड में स्वर्णरेखा नदी की सहायक 'कंची नदी' पर स्थित 'हुंड्रू जलप्रपात' (Hundru Falls) छोटा नागपुर पठार क्षेत्र का एक प्रसिद्ध प्रपात है, जो लगभग 98 मीटर की ऊँचाई से गिरता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा उनको जोड़ने वाले मार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. चांग ला दर्रा (Chang La) - यह दर्रा लद्दाख को तिब्बत से जोड़ता है और यह महान हिमालय क्षेत्र में स्थित है, जो पंगोंग झील के मार्ग में पड़ता है।
2. रोहतांग दर्रा (Rohtang Pass) - यह पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है जो कुल्लू घाटी को लाहौल और स्पीति घाटियों से जोड़ता है, और इसका नियंत्रण सीमा सड़क संगठन (BRO) के पास है।
3. माना दर्रा (Mana Pass) - यह उत्तराखंड में जास्कर श्रेणी में स्थित है, जो भारत को तिब्बत से जोड़ता है और यह देश के सबसे ऊंचे मोटर योग्य दरों में से एक है।
4. पालघाट दर्रा (Palakkad Gap) - यह पश्चिमी घाट में स्थित एक प्रमुख दर्रा है जो नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित है और केरल को तमिलनाडु से जोड़ता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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भारत की जनगणना 2011 के आंकड़ों और जनजातीय/मानवजातीय वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) का कुल प्रतिशत लगभग 8.6% है, जिसमें मध्य प्रदेश राज्य में देश की कुल अनुसूचित जनजाति की आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा निवास करता है।
2. भारत में भाषाई परिवारों के वर्गीकरण के अनुसार 'आस्ट्रिक' (Austroasiatic) भाषा परिवार को बोलने वाले लोग मुख्य रूप से मध्य और पूर्वी भारत की जनजातियों (जैसे संताल, मुंडा, हो) द्वारा बोले जाते हैं, और यह परिवार ऑस्ट्रो-एशियाटिक भाषा समूह के अंतर्गत आता है।
3. भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों (जैसे मिजोरम, नागालैंड और मेघालय) में कुल जनसंख्या के सापेक्ष अनुसूचित जनजातियों का अनुपात 85% से अधिक है, जहाँ मुख्य रूप से तिब्बती-बर्मी (Tibeto-Burman) भाषा परिवार की मंगोलॉयड मानवजातीय शाखा से संबंधित जनजातियाँ निवास करती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की मुख्य भूमि पर निवास करने वाली अधिकांश प्रमुख जनजातियाँ 'प्रोटो-ऑस्ट्रोलाॅयड' (Proto-Australoid) और 'नेग्रिटो' (Negrito) जैसी मानवजातीय (Racial) प्रजातियों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विवर्तनिक भूकंपों (Tectonic Earthquakes) और ज्वालामुखी सक्रियता की क्रियाप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विवर्तनिक भूकंप पृथ्वी की पर्पटी (Crust) के भीतर चट्टानों के लचीलेपन की सीमा (Elastic Limit) के पार जाने पर संचित तनाव के अचानक विमोचन के कारण उत्पन्न होते हैं, जो मुख्य रूप से विनाशात्मक (अभिसारी) और संरक्षी (रूपांतरित) प्लेट सीमाओं पर अत्यधिक आवृत्ति के साथ दर्ज किए जाते हैं।
2. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी सक्रियता प्लेट सीमाओं से दूर अंतरा-प्लेट (Intra-plate) क्षेत्रों में होती है, जहाँ मेंटल प्लूम (Mantle Plume) के पिघलने से बेसाल्टिक मैग्मा का निर्माण होता है, और इसका उत्कृष्ट उदाहरण हवाई द्वीप समूह है जो प्रशांत प्लेट के उत्तर-पश्चिम की ओर खिसकने के कारण क्रमिक रूप से निर्मित हुआ है।
3. 'सुनामी' तरंगें जब गहरे समुद्र से तटीय क्षेत्रों के उथले पानी में प्रवेश करती हैं, तो उनकी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और वेग में भारी वृद्धि हो जाती है, जबकि उनकी कुल ऊँचाई नाटकीय रूप से घट जाती है, जिससे समुद्र तट पर अचानक जलस्तर में गिरावट या भारी विनाशकारी दीवार जैसी लहरें उत्पन्न होती हैं।
4. 'पैक्सिलैथ' (Pahoehoe) लावा अपने चिकने, रस्सेदार और लहरदार सतह के विन्यास के लिए जाना जाता है, जो कम श्यानता (Low Viscosity) वाले बेसाल्टिक मैग्मा के ठंडे होने से बनता है, जबकि 'आह-आह' (Aa) लावा अत्यधिक चिपचिपा और खुरदरा होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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