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General Science
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) की जटिल परिघटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी बंद कुंडली से जुड़े चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर उस कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) के परिमाण के समानुपाती होती है, और लेंस का नियम (Lenz's law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का पालन करते हुए प्रेरित धारा की दिशा को इस प्रकार निर्धारित करता है कि वह उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
  2. 2. 'स्वप्रेरण' (Self-induction) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह अपने ही भीतर प्रवाहित होने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका एसआई मात्रक 'हेनरी' (Henry) है, जो कि वेबर प्रति ऐम्पियर के तुल्य होता है।
  3. 3. एक आदर्श ट्रांसफॉर्मर में प्राथमिक और द्वितीयक कुंडलियों के फेरों की संख्या का अनुपात वोल्टेज को परिवर्तित करता है, और यदि किसी ट्रांसफॉर्मर में ऊर्जा हानि पूरी तरह शून्य मान ली जाए, तो द्वितीयक कुंडली से प्राप्त निर्गत शक्ति (Output power) प्राथमिक कुंडली को दी गई निवेश शक्ति (Input power) से अधिक हो जाती है ताकि धारा का मान बढ़ सके।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि फैराडे के नियम के अनुसार प्रेरित EMF चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के बराबर होता है और लेंस का नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित होकर प्रेरित धारा की दिशा को स्पष्ट करता है। कथन 2 भी सही है क्योंकि स्वप्रेरण (Self-induction) किसी कुंडली का अंतर्जात गुण है जो धारा परिवर्तन का विरोध करता है और इसका मात्रक हेनरी ($Wb/A$) होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार एक आदर्श ट्रांसफॉर्मर में निर्गत शक्ति (Output power) कभी भी निवेश शक्ति (Input power) से अधिक नहीं हो सकती, बल्कि आदर्श स्थिति में यह निवेश शक्ति के ठीक बराबर होती ($V_p I_p = V_s I_s$) है। विद्युत चुंबकीय प्रेरण के विस्तृत सिद्धांतों को समझने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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