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General Science
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पौधों की रसोई?

Detailed Explanation

पत्ती।
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ब्यूटेन का सूत्र? गाय? यांत्रिकी (Mechanics) और ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी संरक्षी बल (Conservative Force) द्वारा किए गए कार्य का मान प्रयुक्त पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है, और इस प्रकार के बल के अंतर्गत एक पूर्ण बंद चक्र में किया गया कुल कार्य सदैव शून्य होता है। 2. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी पिंड पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, और यह प्रमेय केवल संरक्षी बलों के लिए ही वैध है, असंरक्षी बलों (जैसे घर्षण बल) के लिए इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है। 3. जब कोई पिंड किसी ऊर्ध्वाधर वृत्त में ऊर्ध्वाधर तल पर चक्कर लगाता है, तो डोरी के न्यूनतम बिंदु (सबसे नीचे के बिंदु) पर डोरी में तनाव का मान सर्वोच्च बिंदु (सबसे ऊपर के बिंदु) पर तनाव के मान से हमेशा उसके भार के छह गुने ($6mg$) के अंतर के बराबर होता है। 4. अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic Collision) के दौरान संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum) हमेशा लागू होता है, किंतु कुल गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती है, और ऊर्जा का एक हिस्सा ऊष्मा, ध्वनि या विरूपण (deformation) के रूप में हास हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? द्रव्यमान क्षति (Mass Defect) ऊर्जा में किस प्रकार बदलती है? संक्रमण धातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक व्यवहार, समन्वय यौगिकों (Coordination Compounds) तथा धातु निष्कर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'थर्माइट प्रक्रम' (Thermite Process) में एल्युमिनियम पाउडर का उपयोग अपचायक (Reducing agent) के रूप में किया जाता है, जो भारी धातु ऑक्साइडों (जैसे फेरिक ऑक्साइड) को अपचयित करके पिघली हुई अवस्था में धातु प्राप्त करने में सहायता करता है, क्योंकि एल्युमिनियम की ऑक्सीजन के प्रति बंधुता अत्यधिक उच्च होती है। 2. संक्रमण धातुओं के आयन जलीय विलयन में सामान्यतः रंगीन होते हैं, जिसका मुख्य कारण d-d संक्रमण (d-d transition) है, जिसमें अयुग्मित d-इलेक्ट्रॉन दृश्य प्रकाश के फोटॉन को अवशोषित कर एक कक्षक से दूसरे कक्षक में उत्तेजित होते हैं। 3. जब कॉपर पाइराइट्स ($CuFeS_2$) का भूनन (Roasting) किया जाता है, तो यह क्यूप्रस सल्फाइड और फेरस सल्फाइड के मिश्रण में बदल जाता है, और प्रगलित (Smelting) प्रक्रिया के दौरान सिलिका ($SiO_2$) मिलाकर 'धातु मल' (Slag) के रूप में $FeSiO_3$ को अलग किया जाता है। 4. जिंक ब्लेड ($ZnS$) अयस्क के सांद्रण के लिए 'फेन प्लवन विधि' (Froth Flotation Process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें चीड़ का तेल (Pine oil) और सोडियम एथिल जैन्थेट का उपयोग ग्राही (Collector) के रूप में किया जाता है, और इस प्रक्रम की विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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