त्वरित लिंक्स
General Science
15 views
द्रव्यमान क्षति (Mass Defect) ऊर्जा में किस प्रकार बदलती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
द्रव्यमान में कमी ऊर्जा के रूप में निकलती है।
Related Questions
→
मानव शरीर के परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हृदय चक्र (Cardiac cycle) के दौरान, 'आलि-निलय नोड' (AV Node) पेसमेकर के रूप में कार्य करता है जो स्वतः उत्पन्न होने वाले विद्युत आवेगों को आलिंद से निलय तक पहुँचाता है, जिससे निलय का संकुचन होता है।
2. तंत्रिका आवेग (Nerve impulse) के संचलन के समय, जब सिनेप्स (Synapse) पर विद्युत संकेत पहुँचता है, तो पुटिकाएँ (Vesicles) फट जाती हैं और न्यूरोट्रांसमीटर जैसे 'एसिटाइलकोलीन' (Acetylcholine) का विमोचन होता है, जो पश्च-सिनेप्टिक झिल्ली के ग्राही (Receptors) से जुड़कर रासायनिक संचरण को पूरा करता है।
3. रुधिर वाहिकाओं में रक्तदाब को नियंत्रित करने में मेडुला ऑब्लॉन्गेटा (Medulla oblongata) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो स्वायत्त तंत्रिका तंत्र के माध्यम से हृदय की धड़कन और वाहिकासंकीर्णन (Vasoconstriction) को नियमित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
यांत्रिकी (Mechanics) और ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी संरक्षी बल (Conservative Force) द्वारा किए गए कार्य का मान प्रयुक्त पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है, और इस प्रकार के बल के अंतर्गत एक पूर्ण बंद चक्र में किया गया कुल कार्य सदैव शून्य होता है।
2. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी पिंड पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, और यह प्रमेय केवल संरक्षी बलों के लिए ही वैध है, असंरक्षी बलों (जैसे घर्षण बल) के लिए इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है।
3. जब कोई पिंड किसी ऊर्ध्वाधर वृत्त में ऊर्ध्वाधर तल पर चक्कर लगाता है, तो डोरी के न्यूनतम बिंदु (सबसे नीचे के बिंदु) पर डोरी में तनाव का मान सर्वोच्च बिंदु (सबसे ऊपर के बिंदु) पर तनाव के मान से हमेशा उसके भार के छह गुने ($6mg$) के अंतर के बराबर होता है।
4. अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic Collision) के दौरान संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum) हमेशा लागू होता है, किंतु कुल गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती है, और ऊर्जा का एक हिस्सा ऊष्मा, ध्वनि या विरूपण (deformation) के रूप में हास हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
गामा किरणें?
→
इलेक्ट्रॉन खोज?
→
यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाने वाले 'माइटोकॉन्ड्रिया' और 'प्लास्टिड' (लवक) के संरचनात्मक तथा कार्यात्मक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माइटोकॉन्ड्रिया और हरित लवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं जिनमें स्वयं का परिपत्र (Circular) डीएनए, आरएण्ड (RNA) और 70S प्रकार के राइबोसोम उपस्थित होते हैं, जिससे ये अपने कुछ आवश्यक प्रोटीनों का संश्लेषण स्वयं कर सकते हैं।
2. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर उंगली जैसी अनेक अंगुलानुमा उभार होते हैं जिन्हें 'क्रिस्टी' (Cristae) कहा जाता है, और ये सतह के क्षेत्रफल को बढ़ाते हैं जहाँ इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला (ETS) और ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण के माध्यम से एटीपी का उत्पादन होता है।
3. हरित लवक के भीतर पाई जाने वाली चपटी झिल्लीयुक्त थैलियों को 'थाइलाकोइड्स' (Thylakoids) कहते हैं, जो सिक्कों के ढेरों के समान संरचनाएँ बनाती हैं जिन्हें 'स्ट्रोमा लैमिली' कहा जाता है, जहाँ प्रकाश संश्लेषण की प्रकाश-अस्वतंत्र (अंधकार) अभिक्रियाएँ होती हैं।
4. माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में पाइरुविक अम्ल के ऑक्सीकरण के लिए आवश्यक क्रेब्स चक्र (TCA Cycle) के सभी एंजाइम पाए जाते हैं, सिवाय 'सक्सीनेट डिहाइड्रोजनेज' एंजाइम के जो इसकी आंतरिक झिल्ली पर स्थित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.