BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
10 views

पृथ्वी की आंतरिक संरचना, परतों के घनत्व और विभिन्न प्रकार की चट्टानों (शैल) के रूपांतरण चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पृथ्वी के क्रोड (Core) का औसत घनत्व क्रस्ट और मेंटल की तुलना में बहुत अधिक है, और इसका बाह्य क्रोड तरल अवस्था में होने के कारण S-तरंगों को अवशोषित कर लेता है, जिससे इसके पार एक 'शैडो ज़ोन' (Shadow Zone) का निर्माण होता है।
  2. 2. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) केवल आग्नेय चट्टानों के भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों से बनती हैं, जबकि अवसादी चट्टानें कभी भी रूपांतरित चट्टानों में परिवर्तित नहीं हो सकती हैं क्योंकि उनमें खनिजों की क्रिस्टलीय संरचना का अभाव होता है।
  3. 3. 'गैब्रॉ' (Gabbro) और 'डोलрит' (Dolerite) अंतर्भेदी आग्नेय चट्टानों के उदाहरण हैं, जो बेसाल्टिक मैग्मा के पृथ्वी की सतह के नीचे धीरे-धीरे ठंडे होने से बड़े क्रिस्टल का निर्माण करती हैं।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की ऊपरी परत यानी 'सियाल' (Sial) में सिलिकॉन और एल्युमिनियम की प्रधानता होती है, जबकि सीमा (Sima) परत में सिलिकॉन और मैग्नीशियम की अधिकता पाई जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि पृथ्वी का बाह्य क्रोड तरल अवस्था में है, जिसके कारण अनुप्रस्थ तरंगें (S-waves) इसमें से नहीं गुजर सकती हैं और 105° से 145° के बीच S-वेव का शैडो ज़ोन बनता है। कथन 2 गलत है क्योंकि रूपांतरित चट्टानें आग्नेय, अवसादी और यहाँ तक कि पहले से मौजूद रूपांतरित चट्टानों के अत्यधिक ताप और दाब के कारण रूप बदलने से बनती हैं (जैसे चूना पत्थर का संगमरमर में बदलना)। कथन 3 सही है क्योंकि गैब्रॉ और डोलराइट अंतर्भेदी (Intrusive) आग्नेय चट्टानें हैं जो बेसाल्टिक मैग्मा के क्रस्ट के भीतर ठंडा होने से बनती हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की आंतरिक परतों और रासायनिक संरचना का वैज्ञानिक वर्गीकरण भू-भौतिकीय साक्ष्यों पर आधारित है।
Share:

Related Questions

भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी अवस्थिति/संयोजकता के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. ज़ोजिला दर्रा (Zoji La) - यह जांस्कर श्रेणी में स्थित है जो श्रीनगर को लेह (लद्दाख) से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है और सिंधु नदी इस दर्रे के पास से प्रवाहित होती है। 2. शिपकी ला दर्रा (Shipki La) - यह हिमाचल प्रदेश में जांस्कर श्रेणी में स्थित है, जिसके पास से सतलुज नदी भारत में तिब्बत से प्रवेश करती है। 3. बोमडिला दर्रा (Bomdi La) - यह अरुणाचल प्रदेश में महान हिमालयी श्रेणी में स्थित है जो तवांग को तिब्बत के ल्हासा से जोड़ता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार नीति दर्रा (Niti Pass) उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ता है जो ग्रेटर हिमालयी क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? विश्व की प्रमुख नदियों और उनके किनारे स्थित नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. बुडापेस्ट (Budapest) - यह नगर 'डैन्यूबु' (Danube) नदी के तट पर स्थित है, जिसे 'यूरोप की नदी' कहा जाता है और यह कई यूरोपीय राजधानियों से होकर बहती है। 2. रोम (Rome) - यह ऐतिहासिक नगर 'टाइबर' (Tiber) नदी के किनारे बसा हुआ है, जो इटली की राजधानी है और टायर्रियन सागर में गिरती है। 3. पेरिस (Paris) - यह नगर 'सीन' (Seine) नदी के तट पर स्थित है, जो फ्रांस की राजधानी है और अंग्रेजी चैनल के पास मुहाना बनाती है। 4. बर्लिन (Berlin) - यह नगर 'स्प्री' (Spree) नदी के किनारे बसा हुआ है, जो जर्मनी की राजधानी है और एल्बे नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियाँ और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के 'सकल सिंचित क्षेत्र' (Gross Irrigated Area) में कुओं और नलकूपों की हिस्सेदारी सर्वाधिक है, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य का प्रथम स्थान है, जबकि नहरों द्वारा सिंचाई का प्रतिशत इसके बाद दूसरा सबसे बड़ा माध्यम है। 2. 'धान की गहनता प्रणाली' (System of Rice Intensification - SRI) पारंपरिक रोपाई विधि की तुलना में प्रति किलोग्राम चावल उत्पादन के लिए अधिक जल की खपत करती है, क्योंकि इसमें पौधों को लगातार बाढ़ वाले जल स्तर (Standing water) में रखना अनिवार्य होता है। 3. 'जीरो टिलेज' (Zero Tillage) तकनीक मृदा के स्वास्थ्य और नमी के संरक्षण में अत्यधिक प्रभावी है, क्योंकि इसमें खेत की पारंपरिक जुताई किए बिना और पिछली फसल के अवशेषों को जलाए बिना सीधे ही सीड-ड्रिल मशीन से अगली फसल की बुवाई की जाती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए लागू 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचन योजना' (PMKSY) के 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' घटक का मुख्य उद्देश्य जल उपयोग दक्षता में सुधार करना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों—पर्वतों, पठारों, मैदानों और मरुस्थलों—के निर्माण, उनकी विवर्तनिक प्रकृति और भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पामीर का पठार' (Pamir Knot), जिसे 'विश्व की छत' भी कहा जाता है, एक अंतरपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो ट्यूनेरियन और हिमालयी वलय प्रणालियों के मिलने से बनता है और इसके चारों ओर तियान शान, कुतुएन, काराकोरम और हिंदूकुश पर्वत श्रेणियां फैली हुई हैं। 2. 'टकला मकान मरुस्थल' (Taklamakan Desert) मध्य एशिया के तारिम बेसिन में स्थित एक शीतोष्ण व वृष्टिछाया कटिबंधीय रेतीला मरुस्थल है, जो उत्तर में तियान शान और दक्षिण में कुनलुन पर्वतों से घिरा हुआ है। 3. उत्तर भारत के मैदान (Indo-Ganga-Brahmaputra Plains) एक प्रकार के रचनात्मक (Structural) मैदान हैं, जिनका निर्माण मुख्य रूप से हिमालय पर्वतमाला और प्रायद्वीपीय पठार के बीच एक विशाल अग्र-द्रोणी (Foredeep) में जलोढ़ निक्षेपों के भरने से हुआ है। 4. दक्षिण अफ्रीका में स्थित 'कारू पठार' (Karoo Plateau) और भारत का 'दक्कन का पठार' (Deccan Plateau) दोनों ही ज्वालामुखी मूल के लावा निक्षेपों से निर्मित उच्च भूमियाँ हैं, जिन्हें लावा पठार या गुंबदाकार पठार की श्रेणी में रखा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लोनार झील (Lonar Lake) महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में दक्कन ट्रैप के बेसाल्ट चट्टानों पर उल्कापिंड के प्रभाव (Meteorite Impact) से बनी एक क्रेटर झील है, जिसे राष्ट्रीय भू-विरासत स्मारक के रूप में अधिसूचित किया गया है। 2. 'शरावती नदी' पर कर्नाटक में स्थित कुंचिकल जलप्रपात (Kunchikal Falls) भारत का सबसे ऊँचा सोपानकीय (Tiered) जलप्रपात है, जिसकी कुल ऊँचाई लगभग 455 मीटर है। 3. दामोदर घाटी निगम (DVC) भारत की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है, जिसकी स्थापना 1948 में अमेरिकी 'टेनेसी वैली अथॉरिटी' (TVA) की तर्ज पर की गई थी, और इसके अंतर्गत तिलैया, कोनार, मैथन और पचेट बांधों का निर्माण किया गया है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार चिल्का झील भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून झील है, जो महानदी और गोदावरी के डेल्टा के मध्य ओडिशा राज्य में स्थित है और शीतकाल में यहाँ प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में आते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.