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General Science
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पदार्थ के सामान्य गुणों, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface Tension) तापमान बढ़ने पर घट जाता है, क्योंकि तापमान में वृद्धि के साथ अणुओं की ऊष्मीय ऊर्जा बढ़ जाती है और उनके बीच का अंतरआणविक आकर्षण बल कमजोर हो जाता है।
- 2. द्रवों में श्यानता (Viscosity) तापमान पर निर्भर करती है; जहाँ तापमान बढ़ने पर द्रवों की श्यानता घट जाती है, वहीं गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने के साथ बढ़ जाती है।
- 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, और यह उत्प्लावन बल पूरी तरह से डूबी हुई वस्तु के आयतन और द्रव के घनत्व पर निर्भर करता है, वस्तु के अपने घनत्व पर नहीं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। पहला कथन पृष्ठ तनाव के तापमान पर प्रभाव को सही स्पष्ट करता है जहाँ ताप बढ़ने से ससंजन बल कम होता है। दूसरा कथन द्रवों और गैसों की श्यानता (Viscosity) के विपरीत व्यवहार को दर्शाता है; द्रवों में यह संसंजन बलों के कारण घटती है जबकि गैसों में संवेग स्थानांतरण बढ़ने से बढ़ती है। तीसरा कथन आर्किमिडीज के सिद्धांत (Archimedes' principle) के मूल नियमों का सटीक वर्णन करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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मानव शरीर में वृहद पोषक तत्वों और विटामिनों के जैव रासायनिक तथा चयापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ग््लुकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) वह चयापचय मार्ग है जिसके द्वारा गैर-कार्बोहाइड्रेट पूर्ववर्ती जैसे लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो अम्ल से ग्लूकोज का संश्लेषण मुख्य रूप से यकृत और वृक्क में होता है, जो उपवास या भुखमरी की स्थिति में रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
2. 'विटामिन D' (कैल्सीफेरॉल) का सक्रिय रूप '1,25-डाइहाइड्रॉक्सीकोलेकैल्सीफेरॉल' वास्तव में एक स्टेरॉयड हॉर्मोन की तरह कार्य करता है, जो आंतों से कैल्शियम और फॉस्फेट के अवशोषण को विनियमित करता है, और इसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' तथा वयस्कों में 'ऑस्टियोमैलेशिया' नामक रोग हो जाता है।
3. 'विटामिन B1' (थियामिन) का सक्रिय रूप 'थियामिन पाइरोफॉस्फेट' (TPP) कार्बोहाइड्रेट चयापचय के दौरान पाइरुवेट के एसिटाइल-कोए में ऑक्सीडेटिव डीकार्बोक्सिलेशन के लिए एक आवश्यक सह-एंजाइम है, और इसकी भारी कमी से 'बेरी-बेरी' नामक विकार उत्पन्न होता है।
4. 'विटामिन B12' (सायनोकोबलामिन) का अवशोषण छोटी आंत के शुरुआती हिस्से में स्वतंत्र रूप से हो जाता है, जिसके लिए पेट की parietal कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'आंतरिक कारक' (Intrinsic factor) की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के तंत्रों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय में जठर रस (Gastric juice) में उपस्थित 'पेप्सिनोजन' एक निष्क्रिय प्रोएंजाइम है, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) की उपस्थिति में सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होता है और प्रोटीन को प्रोटीज तथा पेप्टोन में जलघटित करता है।
2. फुफ्फुसीय वेंटिलेशन (Pulmonary ventilation) के दौरान, जब अंतःश्वसन मांसपेशियां (बाहरी इंटरकोस्टल मांसपेशियाँ और डायाफ्राम) संकुचित होती हैं, तो वक्ष गुहा का आयतन बढ़ जाता है, जिससे फेफड़ों के भीतर का अंतःफुफ्फुसीय दबाव वायुमंडलीय दबाव से कम हो जाता है और वायु फेफड़ों के अंदर प्रवाहित होती है।
3. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में न्यूरॉन्स के अक्षतंतु (Axon) पर 'मिएलिन आच्छद' (Myelin sheath) का निर्माण श्वान कोशिकाओं द्वारा होता है, जो तंत्रिका आवेगों के संचरण की गति को धीमा कर देती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाश?
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द्रव के सामान्य गुणों और उनके प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव मुख्य रूप से अणुओं के बीच लगने वाले ससंजक बलों (Cohesive forces) का परिणाम है, और जब द्रव का ताप उसके क्रांतिक ताप (Critical temperature) तक पहुँच जाता है, तो पृष्ठ तनाव का मान शून्य हो जाता है।
2. जब कोई केशिका नली (Capillary tube) ऐसे द्रव में डुबोई जाती है जो काँच को भिगोता है (जैसे जल), तो द्रव नली में ऊपर चढ़ जाता है और उसका चंद्रतल (Meniscus) अवतल (Concave) होता है, जबकि न भिगोने वाले द्रव (जैसे पारा) के मामले में चंद्रतल उत्तल (Convex) होता है।
3. द्रवों की श्यानता (Viscosity) तापमान बढ़ने पर घटती है क्योंकि अणुओं के बीच की संसक्त ऊर्जा कमजोर हो जाती है, जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है क्योंकि उच्च ताप पर गैसीय अणुओं के बीच आपसी टक्करों की आवृत्ति बढ़ जाती है।
4. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में पूर्ण या आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो उस पर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) उस वस्तु के गुरुत्व केंद्र पर ही कार्य करता है, चाहे वस्तु का घनत्व तरल के घनत्व से भिन्न क्यों न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रोगों, उनके संचरण के माध्यम और उनके उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ट्यूबरकुलोसिस' (Tuberculosis) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है, और इसके उपचार के लिए 'डॉट्ज़' (DOTS) प्रणाली के अंतर्गत आइसोनियाज़िड और रिampिनपिसिन जैसी औषधियाँ दी जाती हैं।
2. 'एड्स' (AIDS) एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है जिसका कारक एचआईवी (HIV) एक रेट्रोवाइरस है, जो मुख्य रूप से शरीर की सहायक टी-लिम्फोसाइट्स ($CD4^+$ T cells) को नष्ट करके प्रतिरक्षा तंत्र को गंभीर रूप से पंगु बना देता है।
3. 'मलेरिया' प्लाज्मोडियम परजीवी के कारण होता है, जिसका संचरण मादा एनाफिलीज मच्छर द्वारा होता है, और यह परजीवी अपने जीवन चक्र का अलैंगिक चरण मानव यकृत कोशिकाओं में पूरा करता है।
4. 'रेबीज' एक तीव्र विषाणु जनित केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का रोग है जो संक्रमित कुत्तों या चमगादड़ों के काटने से लार के माध्यम से फैलता है, और इस रोग के प्रकट होने पर इसकी मृत्यु दर लगभग शून्य होती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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