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Geography
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भारत में कोयले का सबसे बड़ा भंडार किस राज्य में पाया जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
झारखंड में भारत का सबसे बड़ा कोयला भंडार पाया जाता है, विशेषकर झरिया और बोकारो क्षेत्र में।
Related Questions
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतियों (पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल) की उत्पत्ति और उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अनातोलिया का पठार' (Anatolian Plateau) एक अंतःपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो पोंटिक और टॉरस पर्वत श्रेणियों के बीच तुर्की में स्थित है और यह उत्तर-एशियाई विवर्तनिक प्लेट के प्रभाव क्षेत्र में आता है।
2. मरुस्थल वर्गीकरण के अंतर्गत चिली में स्थित 'अटाकामा मरुस्थल' मुख्य रूप से तटीय और वृष्टिछाया प्रभाव के कारण एक अति-शुष्क मरुस्थल है, जहाँ पेरू (हम्बोल्ट) ठंडी महासागरीय धारा की उपस्थिति के कारण वाष्पीकरण और वर्षा की संभावना न्यूनतम हो जाती है।
3. 'ब्लैक फॉरेस्ट' (Black Forest) और 'वास्जेस' (Vosges) पर्वत वलित पर्वतों के उदाहरण नहीं हैं, बल्कि ये भ्रंशोत्थ या ब्लॉक पर्वत (Block Mountains / Horsts) हैं, जिनका निर्माण विवर्तनिक तनाव बलों (Tension Forces) के कारण धरातल के धंसने और मध्य भाग के ऊपर उठने से हुआ है।
4. कोलोराडो पठार (Colorado Plateau) उत्तरी अमेरिका में स्थित एक अंतर-महाद्वीपीय मैदान का प्रकार है, जहाँ अपरदनकारी शक्तियों द्वारा 'ग्रैंड कैन्यन' जैसी गहरी महाखड्ड घाटियों का निर्माण किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और उनसे संबंधित नदियों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. हीराकुंड बाँध परियोजना - महान नदी (ओडिशा)
2. तुंगभद्रा बहुउद्देशीय परियोजना - कृष्णा नदी की सहायक नदी तुंगभद्रा (कर्नाटक और आंध्र प्रदेश)
3. रिहन्द परियोजना - सोन नदी की सहायक नदी रिहन्द (उत्तर प्रदेश)
4. माताटीला परियोजना - बेतवा नदी (उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) के वितरण, उनकी उत्पत्ति को प्रभावित करने वाले कारकों तथा उनके जलवायु पर पड़ने वाले प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अगुल्हास जलधारा' (Agulhas Current) हिंद महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो अफ्रीका के पूर्वी तट के सहारे दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है और महाद्वीप के दक्षिणी छोर पर मोजाम्बिक धारा के साथ मिलकर मुख्य रूप से पश्चिमी पवन प्रवाह में विलीन हो जाती है।
2. उत्तरी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'कैनेरी जलधारा' (Canary Current) एक ठंडी जलधारा है, जो उत्तर की ओर से आने वाले ठंडे पानी को अफ्रीका के उत्तर-पश्चिमी तट के सहारे दक्षिण की ओर ले जाती है और इसके प्रभाव से सहारा मरुस्थल के तटीय क्षेत्रों में शुष्क परिस्थितियों का निर्माण होता है।
3. 'ला नीना' (La Niña) की स्थिति के दौरान, प्रशांत महासागर में विषुवतीय पूर्वी व्यापारिक पवनें (Trade Winds) अत्यधिक तीव्र हो जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप पश्चिमी प्रशांत महासागर में गर्म जल का संकेंद्रण बढ़ जाता है तथा पूर्वी प्रशांत (पेरू के तट के पास) में ठंडे जल का अपवेलिंग (Upwelling) तीव्र हो जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय जलधाराओं के संचलन में पृथ्वी का घूर्णन (कोरियोलिस बल), प्रचलित पवनें, तापमान एवं लवणता में भिन्नता और महाद्वीपीय तटरेखाओं का विन्यास मुख्य रूप से उत्तरदायी होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भू-तापीय और अपारंपरिक विशेषताओं तथा परमाणु ऊर्जा से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में लिग्नाइट कोयला (Lignite Coal) के सबसे बड़े भंडार तमिलनाडु के नेवेली बेसिन में पाए जाते हैं, इसके अतिरिक्त इसके कुछ निक्षेप राजस्थान के पालाना, गुजरात के कच्छ और जम्मू-कश्मीर के करेवा क्षेत्रों में भी मिलते हैं।
2. देश का पहला प्रायोगिक भू-तापीय ऊर्जा संयंत्र (Geothermal Power Plant) लद्दाख के पुगा घाटी (Puga Valley) क्षेत्र में स्थापित किया गया है, जहाँ प्राकृतिक रूप से गर्म पानी के झरने और वाष्प के भंडार उपलब्ध हैं।
3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में 'तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम' (Three-stage Nuclear Power Programme) की परिकल्पना डॉ. होमी जहांगीर भाभा द्वारा की गई थी, जिसके दूसरे चरण में प्राकृतिक यूरेनियम और प्लूटोनियम-239 ईंधन का उपयोग करके फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों (FBR) के संचालन का प्रावधान है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार केरल के समुद्रतटीय बालू में भारी मात्रा में पाए जाने वाले 'मोनाजाइट' (Monazite) अयस्क से थोरियम प्राप्त होता है, जिसका उपयोग भारतीय परमाणु कार्यक्रम के तीसरे चरण में विखंडनीय ईंधन (Uranium-233) के रूप में किया जाना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की विभिन्न प्रकार की मिट्टियों और उनके भौगोलिक तथा रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मिट्टी का निर्माण मुख्य रूप से ग्रेनाइट और नीस जैसी प्राचीन क्रिस्टलीय और कायांतरित चट्टानों के अपक्षय से होता है, जिसमें लौह ऑक्साइड की उपस्थिति के कारण इसका रंग लाल होता है, जबकि जल योजन (Hydration) के बाद यह पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है और यह मृदा सामान्यतः नाइट्रोजन, फास्फोरस तथा ह्यूमस की कमी वाली होती है।
2. काली मृदा (Regur Soil) का विस्तार मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप के बेसल्टिक लावा क्षेत्रों में पाया जाता है, और इसमें 'स्वतः जुताई' (Self-ploughing) का विशेष गुण होता है क्योंकि गीली होने पर यह अत्यधिक चिपचिपी और फूल जाती है, तथा सूखने पर इसमें चौड़ी व गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
3. लेटेराइट मृदा का विकास उच्च तापमान और अत्यधिक भारी वर्षा वाले मानसूनी क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप होता है, जहाँ सिलिका जैसे घुलनशील तत्व बह जाते हैं और सतह पर केवल आयरन तथा एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बचते हैं, जिसके कारण यह मिट्टी अम्लीय प्रकृति की होती है और चाय, कॉफी तथा काजू की कृषि के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जलोढ़ मृदा (Alluvial Soils) भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 43% हिस्सा कवर करती है, जो देश के उत्तरी मैदानों और तटीय घाटियों में सर्वाधिक पाई जाती है, और इसे आयु के आधार पर नवीन 'बांगर' तथा पुरानी 'खदर' मृदा में वर्गीकृत किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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