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Geography
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भारत के परिवहन तंत्र और प्रमुख औद्योगिक अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग 'राष्ट्रीय राजमार्ग 44' (NH 44) है, जो उत्तर में श्रीनगर से शुरू होकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक लगभग 3,745 किलोमीटर की लंबाई में देश के 11 राज्यों से होकर गुजरता है।
- 2. 'डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया' (DFCCIL) के तहत निर्मित 'पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर' (Eastern DFC) लुधियाना (पंजाब) से शुरू होकर दानकुनी (पश्चिम बंगाल) तक जाता है, जो पूरी तरह से कोयला और खनिज आधारित उद्योगों के परिवहन पर केंद्रित है।
- 3. भारत के जलमार्ग परिवहन के अंतर्गत 'राष्ट्रीय जलमार्ग-2' (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के बीच लगभग 891 किलोमीटर की लंबाई में असम राज्य में स्थित है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में सड़क परिवहन देश के कुल यातायात का लगभग 85% यात्री और 70% माल ढोने का कार्य करता है, और लंबाई की दृष्टि से भारतीय सड़क नेटवर्क दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि NH 44 भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है जो श्रीनगर को कन्याकुमारी से जोड़ता है। कथन 2 सही है; पूर्वी DFC लुधियाना से दानकुनी तक है जो भारी उद्योगों, कोयला और माल ढुलाई के लिए समर्पित है। कथन 3 सही है क्योंकि राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी (सदिया से धुबरी) पर स्थित है। कथन 4 गलत है क्योंकि लंबाई और सड़क नेटवर्क के मामले में अमेरिका के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क जरूर है, लेकिन सड़क परिवहन द्वारा यात्री यातायात का हिस्सा लगभग 90% और माल ढुलाई का हिस्सा लगभग 64-70% के आसपास भिन्न डेटा के साथ उद्धृत होता है, तथापि विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का सड़क नेटवर्क दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा है, किंतु यहाँ कथन 4 में आँकड़ों की सूक्ष्म भिन्नता या आंशिक अशुद्धि के कारण इसे समग्र रूप से 1, 2 और 3 को सही माना गया है।
Related Questions
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महासागरीय जलधाराओं और उनके विशिष्ट प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कुरील जलधारा' (Kuril Current), जिसे ओयाशियो जलधारा भी कहा जाता है, प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो कामचटका प्रायद्वीप के पूर्व से दक्षिण की ओर बहती है और इसके मिलने से जापान के तटों पर घना कोहरा उत्पन्न होता है।
2. 'कैनरी जलधारा' (Canary Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर की एक गर्म जलधारा है, जिसके प्रभाव से दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका के तट पर शुष्क एवं मरुस्थलीय दशाओं का निर्माण होता है।
3. 'ब्राजील जलधारा' (Brazil Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे दक्षिण दिशा में प्रवाहित होती है।
4. 'अलास्का जलधारा' (Alaska Current) प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो उत्तरी अमेरिका के उत्तर-पश्चिमी तट के सहारे दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिसका अर्थ है कि वे हिमालय के उत्थान से पहले से बह रही थीं और उन्होंने उत्थान के साथ-साथ गहरी महाखड्डों (Gorges) का निर्माण करते हुए अपने मार्ग को बनाए रखा।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ अपने विकास के 'परिपक्व चरण' (Mature Stage) में हैं, जिसके कारण उनकी घाटियाँ चौड़ी और उथली होती हैं तथा वे विसर्पण (Meandering) की प्रवृत्ति प्रदर्शित करती हैं, जबकि इनकी अधिकांश नदियाँ मौसमी (Non-perennial) होती हैं।
3. कोसी नदी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है, जो नेपाल से निकलकर गंगा में मिलने से पहले अपने मार्ग परिवर्तन (Course Shifting) के लिए कुख्यात है और यह प्रायद्वीपीय पठार की एक अनुवर्ती (Consecquent) नदी का उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की मृदा (मिट्टी) के वितरण, उनकी विशेषताएँ और उनमें मिलने वाले पोषक तत्वों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मिट्टी का लाल रंग क्रिस्टलीय और रूपांतरित चट्टानों में लोहे (Iron) के व्यापक विसरण के कारण होता है, जबकि जलीय रूप में आने पर यह पीले रंग की दिखाई देती है, और इस मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस तथा ह्यूमस की सामान्यतः कमी पाई जाती है।
2. शुष्क मिट्टी (Arid Soil) का रंग हल्के लाल से लेकर भूरे रंग तक होता है, जो पश्चिमी राजस्थान में प्रमुखता से पाई जाती है, तथा इसमें नमक की मात्रा अधिक होने के कारण जल को वाष्पीकृत करके इससे साधारण नमक भी प्राप्त किया जाता है, और इसमें ह्यूमस तथा नाइट्रोजन की मात्रा पर्याप्त होती है।
3. लवणीय और क्षारीय मिट्टी (Saline and Alkaline Soil), जिसे 'कल्लर' भी कहा जाता है, में सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम का अनुपात अधिक होता है, जिसके कारण यह अनुजाऊ होती है और इसमें कृषि के लिए जिप्सम का प्रयोग कर सुधार किया जाता है।
4. पीटमय और दलदली मिट्टी (Peaty and Marshy Soil) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत जैविक पदार्थों के संचय से बनती है, जहाँ इस मिट्टी में ह्यूमस की मात्रा 40 से 50 प्रतिशत तक हो सकती है और यह गहरे रंग की तथा भारी होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के कुल जनसंख्या में उत्तर प्रदेश का स्थान प्रथम है, और देश की कुल जनसंख्या का लगभग 16.5% हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में निवास करता है, जबकि सबसे कम जनसंख्या सिक्किम राज्य में दर्ज की गई है।
2. वर्ष 2001 से 2011 के दशक के दौरान भारत की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर (Decadal Growth Rate) लगभग 17.7% रही, जिसमें मेघालय राज्य ने सभी राज्यों में सर्वाधिक दशकीय वृद्धि दर दर्ज की।
3. भारत का समग्र लिंगानुपात (Sex Ratio) 2011 की जनगणना के अनुसार 943 है, जिसमें केरल राज्य ने 1084 के लिंगानुपात के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में पुदुचेरी का लिंगानुपात सबसे अधिक है।
4. जनसंख्या घनत्व (Population Density) के मामले में, राष्ट्रीय औसत 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, तथा राज्यों में बिहार राज्य 1106 व्यक्तियों के घनत्व के साथ पहले स्थान पर है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी के वायुमंडल के संगठन, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल की कुल गैसों का लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की सतह से केवल 32 किलोमीटर की ऊंचाई तक सीमित है, जिसमें नाइट्रोजन (78%) और ऑक्सीजन (21%) का संयुक्त रूप से भारी आधिपत्य है।
2. 'मध्यमंडल' (Mesosphere) वायुमंडल की तीसरी परत है जो समताप सीमा के ऊपर लगभग 50 किमी से 80 किमी की ऊंचाई तक फैली है, और इस परत में ऊंचाई के साथ तापमान में भारी गिरावट आती है, जिससे यह वायुमंडल की सबसे ठंडी परत बन जाती है।
3. 'क्षोभसीमा' (Tropopause) पर तापमान ध्रुवों के ऊपर लगभग -45°C और भूमध्य रेखा के ऊपर लगभग -80°C होता है, जहाँ भूमध्य रेखा के ऊपर अधिक ऊंचाई के कारण यहाँ का तापमान ध्रुवों की तुलना में कम होता है।
4. 'ध्रुवीय उच्च वायुदाब पेटी' (Polar High-Pressure Belt) का निर्माण तापीय रूप से होता है, क्योंकि ध्रुवीय क्षेत्रों में वर्षभर सूर्य की किरणें अत्यंत तिरछी पड़ती हैं जिसके कारण अत्यधिक ठंड और भारी हवा के नीचे बैठने से उच्च दाब का विकास होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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