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Geography
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भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत के कुल जनसंख्या में उत्तर प्रदेश का स्थान प्रथम है, और देश की कुल जनसंख्या का लगभग 16.5% हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में निवास करता है, जबकि सबसे कम जनसंख्या सिक्किम राज्य में दर्ज की गई है।
- 2. वर्ष 2001 से 2011 के दशक के दौरान भारत की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर (Decadal Growth Rate) लगभग 17.7% रही, जिसमें मेघालय राज्य ने सभी राज्यों में सर्वाधिक दशकीय वृद्धि दर दर्ज की।
- 3. भारत का समग्र लिंगानुपात (Sex Ratio) 2011 की जनगणना के अनुसार 943 है, जिसमें केरल राज्य ने 1084 के लिंगानुपात के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में पुदुचेरी का लिंगानुपात सबसे अधिक है।
- 4. जनसंख्या घनत्व (Population Density) के मामले में, राष्ट्रीय औसत 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, तथा राज्यों में बिहार राज्य 1106 व्यक्तियों के घनत्व के साथ पहले स्थान पर है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वर्ष 2011 की अंतिम जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या 121 करोड़ से अधिक थी। उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है जहाँ कुल जनसंख्या का लगभग 16.51% हिस्सा निवास करता है, वहीं सिक्किम भारत का सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य है। देश की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 17.7% रही जिसमें पूर्वोत्तर राज्य मेघालय (27.9%) ने राज्यों में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की। भारत का औसत लिंगानुपात 943 है, जिसमें केरल (1084) शीर्ष पर है और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में लिंगानुपात सबसे अधिक है। राष्ट्रीय जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है और बिहार 1106 के घनत्व के साथ राज्यों में प्रथम स्थान पर है। इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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महासागरीय जलधाराओं और उनके क्षेत्रीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ओयाशियो जलधारा (Oyashio Current) — उत्तरी प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो कामचटका प्रायद्वीप के पूर्व से दक्षिण की ओर बहती है और कुरील जलधारा के रूप में भी जानी जाती है।
2. अगुलहास जलधारा (Agulhas Current) — हिंद महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है।
3. कैनरी जलधारा (Canary Current) — अटलांटिक महासागर के उत्तरी गोलार्ध की एक ठंडी जलधारा है, जिसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के तट पर शुष्क और मरुस्थलीय दशाओं (सहारा मरुस्थल) का विस्तार होता है।
4. ब्राजील जलधारा (Brazil Current) — दक्षिण अटलांटिक महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे दक्षिण दिशा में प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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विवर्तनिक प्रक्रियाओं, भूकंपीय तरंगों के छाया क्षेत्रों (Shadow Zones) तथा सुनामी की hydrodynamic विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. S-तरंगों (द्वितीयक तरंगें) का छाया क्षेत्र P-तरंगों के छाया क्षेत्र की तुलना में काफी विस्तृत होता है, क्योंकि S-तरंगें केवल ठोस माध्यमों में संचरण कर सकती हैं और पृथ्वी का तरल बाह्य क्रोड (Outer Core) इन तरंगों को पूरी तरह से अवशोषित या अवरुद्ध कर देता है, जिससे अधिकेंद्र (Epicenter) से 105° से 145° के बीच का पूरा क्षेत्र S-तरंगों के लिए मूक क्षेत्र बन जाता है।
2. 'सुनामी' (Tsunami) तरंगें खुले महासागर में बेहद कम ऊँचाई और अत्यंत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र से गुजरते समय जहाजों को इनका आभास तक नहीं होता, किंतु महाद्वीपीय मग्नतट पर पहुँचते ही घर्षण और गहराई में कमी के कारण इनकी गति कम हो जाती है और इनकी तरंग ऊँचाई (Amplitude) में विस्फोटक वृद्धि हो जाती है।
3. विवर्तनिक रूप से सक्रिय अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Plate Boundaries) पर उत्पन्न होने वाले गहरे फोकस वाले भूकंप (Deep-focus earthquakes), उथले फोकस वाले भूकंपों की तुलना में अधिक व्यापक सतही क्षति और विनाश का कारण बनते हैं, क्योंकि उनकी ऊर्जा बिना किसी ह्रास के सीधे सतह पर प्रकट होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रिक्टर पैमाना और मरकैली पैमाना (Mercalli Scale) दोनों ही भूकंप के परिमाण को मापने की इकाइयाँ हैं, जिसमें मरकैली पैमाना मुक्त होने वाली ऊर्जा की मात्रा को अंकों में व्यक्त करता है जबकि रिक्टर पैमाना भूकंप द्वारा दृश्यमान भवनों को पहुँची क्षति का गुणात्मक आकलन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंतोषह रेखाओं (Discontinuities) और चट्टानों के वर्गीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गुटेनबर्ग असंतोषह' (Gutenberg Discontinuity) निचली मैन्टल और बाहरी क्रोड (Outer Core) के बीच की सीमा पर स्थित है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक भारी गिरावट आती है और द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
2. आग्नेय चट्टानों में सिलिका की मात्रा के आधार पर उनका वर्गीकरण किया जाता है; अम्लीय आग्नेय चट्टानों (जैसे ग्रेनाइट) में सिलिका की मात्रा 65% से अधिक होती है, जिसके कारण इनका लावा अत्यधिक श्यान (Viscous) और हल्का होता है, जबकि क्षारीय या बेसिक चट्टानों (जैसे बेसाल्ट) में फेरोमैग्नेशियन तत्वों की अधिकता होती है।
3. 'मेटामॉर्फिज्म' या कायांतरण की प्रक्रिया के दौरान, चूना पत्थर (Limestone) का रूपांतरण संगमरमर (Marble) में तथा बलुआ पत्थर (Sandstone) का रूपांतरण क्वार्ट्जाइट (Quartzite) में होता है, जो तापीय (Thermal) या स्पर्श कायांतरण के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रोड (Core) मुख्य रूप से निकल और लोहे (Nife) से बनी है, जिसके कारण आंतरिक क्रोड (Inner Core) अत्यधिक उच्च दाब के प्रभाव के कारण ठोस अवस्था में पाई जाती है, जबकि बाहरी क्रोड तरल अवस्था में है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय मानसून की उत्पत्ति और क्रियाविधि को प्रभावित करने वाले कारकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मैस्करेन उच्च' (Mascarene High), जो दक्षिणी हिंद महासागर में मेडागास्कर के पूर्व में स्थित एक उच्च वायुदाब क्षेत्र है, ग्रीष्मकाल में दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को पुनर्जीवित करने और उन्हें भारतीय उपमहाद्वीप की ओर मोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. आईटीसीजेड (ITCZ) की उत्तर की ओर ग्रीष्मकालीन विस्थापन की स्थिति 'मानसूनी गर्त' (Monsoon Trough) को जन्म देती है, जो गंगा के मैदान के ऊपर कम वायुदाब की एक लंबी द्रोणी बनाती है।
3. 'तिब्बती पठार' का अत्यधिक तापन ग्रीष्मकाल में एक उच्च-क्षोभमंडलीय प्रति-चक्रवात (High-tropospheric Anticyclone) को उत्पन्न करता है, जिससे ऊपरी स्तर पर 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) का विकास होता है जो मानसून को मजबूत करती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'एल नीनो' (El Nino) की परिघटना के दौरान पेरू के तट पर ठंडे पानी का अपवेलिंग (Upwelling) अत्यधिक तीव्र हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी वर्षा में असामान्य वृद्धि होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं, घाटियों और उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. काराकोरम श्रेणी (Karakoram Range) को 'उच्च एशिया की रीढ़' (Backbone of High Asia) कहा जाता है, और इसी श्रेणी में भारत की सबसे ऊँची चोटी 'के2' (गॉडविन ऑस्टिन) स्थित है, जो सियाचिन ग्लेशियर के समीप अवस्थित है।
2. पीर पंजाल श्रेणी (Pir Panjal Range) लघु हिमालय (या मध्य हिमालय) की सबसे लंबी और सबसे महत्वपूर्ण श्रृंखला है, जो हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में फैली हुई है और इसी पर 'बनिहाल दर्रा' स्थित है जो श्रीनगर को जम्मू से सड़क मार्ग से जोड़ता है।
3. कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) जास्कर और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य एक समेकित अंतर-पर्वतीय (Intermontane) द्रोणी है, जिसमें पाए जाने वाले 'करेवा' (Karewa) निक्षेप जाफरान (केसर) की खेती के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार वृहद हिमालय (Great Himalaya) को 'इम्मानुएल' या 'हिमाद्री' भी कहा जाता है, और यह अपनी सतत संरचना के लिए जाना जाता है जिसमें माउंट एवरेस्ट, कंचनजंगा और नंदा देवी जैसी विश्व की सर्वोच्च शिखर श्रृंखलाएँ शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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