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General Science
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आकाश नीला?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्रकीर्णन।
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यांत्रिकी (Mechanics) और ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी संरक्षी बल (Conservative Force) द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है, और इस प्रकार के बल के अंतर्गत एक बंद पथ में किया गया कुल कार्य सदैव शून्य होता है।
2. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी वस्तु पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, और यह प्रमेय केवल संरक्षी बलों के लिए ही मान्य है, असांरक्षी बलों जैसे घर्षण बल के लिए नहीं।
3. जब कोई निकाय प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic Collision) से गुजरता है, तो न केवल रैखिक संवेग संरक्षित रहता है, बल्कि कुल गतिज ऊर्जा भी संरक्षित रहती है, बशर्ते इस प्रक्रिया में कोई भी यांत्रिक ऊर्जा ऊष्मा या ध्वनि के रूप में क्षय न हो।
4. अपकेंद्री बल (Centrifugal Force) एक वास्तविक बल है जो जड़त्वीय निर्देश तंत्र (Inertial Frame of Reference) में वृत्ताकार गति कर रहे पिंड पर केंद्र की ओर कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हॉर्मोनों की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अग्र पीयूष ग्रंथि (Anterior pituitary) द्वारा स्रावित 'प्रोलैक्टिन' (Prolactin) हॉर्मोन मुख्य रूप से स्तन ग्रंथियों के विकास और दुग्ध उत्पादन को उत्तेजित करता है, जबकि 'ऑक्सीटोसिन' हॉर्मोन का स्राव पश्च पीयूष ग्रंथि से होता है जो दुग्ध के निष्कासन (Milk ejection) और प्रसव के दौरान गर्भाशय की चिकनी पेशियों के संकुचन को प्रेरित करता है।
2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) का वल्कुट (Cortex) भाग 'कॉर्टिसोल' (Cortisol) का स्राव करता है, जो एक मुख्य ग्लूकोकॉर्टिकोइड है और यह शरीर में ग्लाइकोजेनोलिसिस को प्रेरित करने के साथ-साथ सूजनरोधी (Anti-inflammatory) प्रतिक्रिया और प्रतिरक्षा प्रणाली के दमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
3. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'थैलीटोनिन' (Calcitonin) हॉर्मोन रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है, जो कि पैराथायराइड हॉर्मोन (PTH) के प्रभावों का पूरी तरह से पूरक (Synergistic) होता है और हड्डियों से कैल्शियम के अवशोषण को तीव्र करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव रोगों, उनके संचरण के माध्यमों, रोगजनकों (Pathogens) और उनके नैदानिक परीक्षणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ट्यूबरकुलोसिस' (तपेदिक) माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण होता है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, और इसके निदान के लिए किया जाने वाला 'माउंटॉक्स परीक्षण' (Mantoux test) एक प्रकार का त्वचा परीक्षण है जो सेल-मीडिएटेड इम्युनिटी पर आधारित होता है।
2. 'एड्स' (AIDS) उत्पन्न करने वाला एचआईवी (HIV) एक रेट्रोवायरस है जिसमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में द्वि-रज्जुक आरएनए (Double-stranded RNA) पाया जाता है, जो संक्रमण के पश्चात होस्ट कोशिकाओं के रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज एंजाइम का उपयोग करके डीएनए का संश्लेषण करता है।
3. 'मलेरिया' प्लासमोडियम प्रजाति के परजीवी के कारण होता है, जिसमें प्लासमोडियम फाल्ciparum सबसे गंभीर प्रकार का मलेरिया उत्पन्न करता है और यह मस्तिष्क को प्रभावित करके 'सेरेब्रल मलेरिया' का कारण बन सकता है, जिसका वाहक मादा एनाफिलिस मच्छर होता है।
4. 'टाइफाइड' साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु जनित रोग है, जिसकी पुष्टि के लिए 'विडाल परीक्षण' (Widal test) किया जाता है, जो रोगी के सीरम में मौजूद एंटीबॉडी और जीवाणु के एंटीजन के बीच प्रति-अवक्षेपण या संकोचलन (Agglutination) प्रतिक्रिया पर आधारित होता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) की क्रियाविधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह एक अणुसंख्यक गुण है जो विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करता है, न कि उनकी प्रकृति पर।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान यदि किसी वैद्युत अपघट्य के जलीय विलयन में संगुणन (Association) होता है, तो 1 से कम होता है, जबकि पूर्ण वियोजन की स्थिति में यह उत्पन्न होने वाले कुल आयनों की संख्या के बराबर होता है।
3. एन्जाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) में प्रयुक्त होने वाले जैव-उत्प्रेरक अत्यधिक विशिष्ट होते हैं और वे रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation energy) को बढ़ा देते हैं, जिससे अभिक्रिया की दर तीव्र हो जाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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आवर्त सारणी के तत्वों के रासायनिक गुणों और आवर्तिता (Periodicity) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी परमाणु की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर इसका मान अधिक ऋणात्मक होता जाता है, जबकि हैलोजन तत्वों के लिए यह सबसे अधिक ऋणात्मक होता है।
2. संक्रमण धातुओं (d-ब्लॉक के तत्व) के आयनों और यौगिकों द्वारा रंग प्रदर्शित करने का मुख्य कारण उनके आंशिक रूप से भरे d-कक्षकों में 'd-d संक्रमण' होना है, तथा लैंथेनाइड्स के मामले में रंग f-f संक्रमण के कारण उत्पन्न होता है।
3. आधुनिक आवर्त सारणी में लैंथेनाइड और ऐक्टिनाइड श्रेणियों के तत्वों को मुख्य आवर्त सारणी के नीचे अलग से स्थान दिया गया है, क्योंकि उनके सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और रासायनिक गुण मुख्य सारणी के s-ब्लॉक के तत्वों से पूर्णतः मेल खाते हैं।
4. किसी उदासीन गैसीय परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन को निष्कासित करके उसे धनायन में बदलने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा को आयनन एन्थैल्पी कहते हैं, और आवर्त सारणी के किसी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर इसका मान परमाणु आकार में वृद्धि के कारण सामान्यतः घटता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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