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General Science
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अपवर्तन?

Detailed Explanation

प्रकाश का मुड़ना।
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द्रवों के प्रवाह और उनके सामान्य गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी नली में बहने वाले आदर्श द्रव के लिए, बर्लेमी का प्रमेय (Bernoulli's Theorem) ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार धाराखीय प्रवाह में द्रव के किसी भी बिंदु पर दाब ऊर्जा, गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का कुल योग नियत रहता है। 2. पृष्ठ तनाव (Surface Tension) किसी द्रव का वह गुण है जिसके कारण द्रव का मुक्त पृष्ठ न्यूनतम क्षेत्रफल घेरने का प्रयास करता है, और जल में थोड़े से सर्पिल या डिटर्जेंट मिलाने पर उसका पृष्ठ तनाव बढ़ जाता है, जिससे कपड़ों के मैल आसानी से साफ हो जाते हैं। 3. श्यानता (Viscosity) द्रवों का वह आंतरिक गुण है जो उनकी परतों के बीच होने वाले आपेक्षिक गति का विरोध करता है, तथा ताप में वृद्धि होने पर द्रवों की श्यानता घट जाती है जबकि गैसों की श्यानता ताप बढ़ने के साथ बढ़ जाती है। 4. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूरी तरह या आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावक बल का अनुभव करती है, और यह उत्प्लावक बल वस्तु के गुरुत्व केंद्र (Center of gravity) पर कार्य करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत लेंसों, दर्पणों और प्रकाश के अपवर्तन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब प्रकाश की किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक हो जाता है, तो प्रकाश का अपवर्तन होने के बजाय वह उसी माध्यम में वापस लौट जाता है, जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) कहते हैं। 2. एक उत्तल लेंस को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो वह लेंस अपनी अभिसारी (Converging) प्रकृति को खो देता है और एक अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है। 3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि दर्पण की फोकस दूरी $f$ है, तो उत्तल दर्पण की फोकस दूरी परिपाटी के अनुसार ऋणात्मक (-) ली जाती है, जबकि अवतल दर्पण की फोकस दूरी धनात्मक (+) ली जाती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? भौतिक राशियों और उनके मापन की प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एसआई (SI) पद्धति में सात मूल राशियाँ और दो पूरक राशियाँ हैं; जिनमें पूरक राशियों के अंतर्गत 'समकोण' (Plane angle) का मात्रक 'रेडियन' तथा 'घन कोण' (Solid angle) का मात्रक 'स्टेरेडियन' है, और ये दोनों ही विरहित (Dimensionless) राशियाँ हैं। 2. एक 'प्रकाश वर्ष' (Light-year) वह दूरी है जो निर्वात में प्रकाश द्वारा एक सौर वर्ष में तय की जाती है, और इसका मान लगभग $9.46 imes 10^{15}$ मीटर होता है। 3. पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जिसका मान लगभग $3.26$ प्रकाश वर्ष होता है, और यह उस चाप की लंबाई पर आधारित है जो पृथ्वी की कक्षा की औसत त्रिज्या के बराबर चाप बनाती है। 4. सीजीएस (CGS) पद्धति में कार्य या ऊर्जा का निरपेक्ष मात्रक 'अर्ग' (Erg) होता है, और 1 जूल (Joule) ठीक $10^7$ अर्ग के बराबर होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? प्रकाश का प्रकीर्णन किस रंग के लिए सबसे अधिक होता है? प्रदूषण?
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