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Geography
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वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. क्षوبमंडल (Troposphere) में ऊंचाई के साथ तापमान में होने वाली गिरावट की सामान्य दर को 'सामान्य ह्रास दर' (Normal Lapse Rate) कहा जाता है, जो प्रति 165 मीटर की ऊंचाई पर लगभग 1°C होती है, और इस परत में मौसम संबंधी सभी घटनाएं घटित होती हैं।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार समताप मंडल (Stratosphere) का निचला हिस्सा ओजोन गैस की प्रचुरता के कारण 'ओजोनोस्फेयर' कहलाता है, जो पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करता है, जिससे इस परत में ऊंचाई के साथ तापमान बढ़ने लगता है।
- 3. भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low Pressure Belt) एक तापीय रूप से प्रेरित (Thermally Induced) पेटी है, जहाँ अत्यधिक सूर्यताप के कारण हवाएं गर्म होकर ऊपर उठती हैं (संवहन धाराएं), जिसके कारण इसे 'डोलड्रम' (Doldrums) या शांत पेटी भी कहा जाता है।
- 4. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High Pressure Belts) गतिक रूप से प्रेरित (Dynamically Induced) पेटियाँ हैं, जिनका निर्माण पृथ्वी के घूर्णन के कारण विषुवत वृत्त से ऊपर उठी हवाओं के ठंडा होकर नीचे बैठने (Subsidence) के फलस्वरूप होता है, जिन्हें 'हॉर्स लैटीट्यूड' (Horse Latitudes) भी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन वायुमंडल के संगठन, परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। क्षोभमंडल में प्रति 165 मीटर पर 1°C तापमान घटता है। समताप मंडल में ओजोन परत के कारण ऊंचाई के साथ तापमान बढ़ता है। भूमध्यरेखीय निम्न दाब पेटी अत्यधिक तापमान (तापीय कारक) के कारण बनती है, जबकि उपोष्ण उच्च दाब पेटियां पृथ्वी के घूर्णन और वायु के अवतलन (गतिक कारक) से बनती हैं।
Related Questions
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विवर्तनिक प्लेट सीमाओं, भूकंपीय तरंगों के संचरण और ज्वालामुखी उद्गार की क्रियाप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अपरसारी प्लेट सीमाओं' (Divergent Plate Boundaries) पर मुख्य रूप से बेसाल्टिक लावा के शांत उद्गार के कारण शील्ड ज्वालामुखियों का निर्माण होता है, जो मध्य-महासागरीय कटकों (Mid-Oceanic Ridges) के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
2. भूकंप के उद्गम केंद्र (Focus या Hypocenter) से उत्पन्न होने वाली 'S-तरंगें' (Secondary Waves) अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse Waves) होती हैं, जो केवल ठोस माध्यम से ही गमन कर सकती हैं और तरल या अर्ध-तरल क्रोड (Core) से गुजरने में असमर्थ होती हैं।
3. 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) प्रशांत महासागर के चारों ओर फैली एक प्रमुख विवर्तनिक पेटी है, जहाँ मुख्य रूप से अभिसारी प्लेट सीमाओं के सहारे सबडक्शन जोन होने के कारण विश्व के सर्वाधिक सक्रिय ज्वालामुखी और विनाशकारी भूकंप आते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रिक्टर पैमाना भूकंप की तीव्रता (Magnitude) मापने का एक रेखीय (Linear) पैमाना है, जिसमें पैमाने पर प्रत्येक पूर्ण संख्या की वृद्धि पिछले स्तर से ठीक दोगुनी ऊर्जा को प्रदर्शित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय नितल का उच्चावच चार प्रमुख भागों में विभाजित है—महाद्वीपीय मग्नतट (Continental Shelf), महाद्वीपीय मग्नढाल (Continental Slope), गहरे महासागरीय मैदान (Abyssal Plains) और महासागरीय गर्त (Oceanic Trenches), जिसमें मग्नतट सबसे अधिक जैविक विविधता और मतस्य क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण होता है।
2. 'वृहत ज्वार' (Spring Tide) की उत्पत्ति उस स्थिति में होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक ही सीधी रेखा में (सिजगी/Syzygy की स्थिति) होते हैं, जो पूर्णिमा और अमावस्या दोनों दिनों को घटित होता है, जबकि 'लघु ज्वार' (Neap Tide) के समय चंद्रमा और सूर्य पृथ्वी के केंद्र पर समकोण बनाते हैं।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है जो प्रशांत महासागर को हिंद महासागर से जोड़ती है, तथा यह विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गो में से एक है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ज्वार-भाटा की उत्पत्ति के लिए 'सर आइज़क न्यूटन' का गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत और 'लाप्लास' का नहर सिद्धांत (Canal Theory) मुख्य रूप से उत्तरदायी माने जाते हैं, जिसमें चंद्रमा का ज्वार-उत्पादक बल सूर्य की तुलना में लगभग दोगुना प्रभावशाली होता है क्योंकि चंद्रमा पृथ्वी के अत्यधिक निकट स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'चिल्का झील' (Chilika Lake) भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की लैून झील है, जो महानदी के मुहाने पर स्थित होने के कारण मौसमी रूप से अपने जल की लवणता में परिवर्तन दर्शाती है और यह 'रामसर कन्वेंशन' के तहत भारत की पहली आर्द्रभूमि (Wetland) सूची में शामिल थी।
2. 'इdukki (इडुक्की) परियोजना' पेरियार नदी पर केरल राज्य में स्थित एक प्रमुख बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना है, जो एक ऊंचे कंक्रीट के आर्क बांध (Arch Dam) द्वारा निर्मित कृत्रिम जलाशय पर आधारित है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कर्नाटक में स्थित 'जोग जलप्रपात' (Jog Falls), जिसे 'गरसप्पा' या 'महात्मा गांधी जलप्रपात' भी कहा जाता है, शरावती नदी पर स्थित है और यह भारत का सबसे ऊँचा सीधा (Plunge) गिरने वाला जलप्रपात है।
4. 'कोयना परियोजना' महाराष्ट्र की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना है, जो कृष्णा नदी की प्रमुख सहायक नदी कोयना पर स्थित है और यह क्षेत्र उच्च भूकंपीय सक्रियता (Seismic Activity) के लिए भी जाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों (शैल चक्र) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मोहरोविक असंबद्धता (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और ऊपरी मेंटल के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ से प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
2. बेसाल्ट और गैब्रो आग्नेय चट्टानों के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिनमें बेसाल्ट एक बाह्य (Extrusive) आग्नेय चट्टान है, जबकि गैब्रो उसी रासायनिक संरचना वाली एक आंतरिक (Intrusive) आग्नेय चट्टान है।
3. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) केवल अवसादी चट्टानों के अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से अपने मूल रूप को बदलकर नई संरचना ग्रहण करने से बनती हैं, इसमें आग्नेय चट्टानों का कोई योगदान नहीं होता है।
4. पृथ्वी के क्रोड (Core) का बाहरी हिस्सा तरल अवस्था में है, जो डायनेमो प्रभाव के माध्यम से पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) को उत्पन्न करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र और नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश नदियाँ (जैसे गोदावरी, कृष्णा और कावेरी) अपने प्रवाहमार्ग के अंतिम चरणों में पुरानेपन (Old age) को प्राप्त कर चुकी हैं और इनके ढाल बहुत कम होने के कारण ये बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले विस्तृत डेल्टा का निर्माण करती हैं।
2. चंबल, बेतवा और केन नदियाँ यमुना की प्रमुख प्रायद्वीपीय सहायक नदियाँ हैं, जो उत्तर की ओर प्रवाहित होती हैं और यह इस बात का प्रमाण है कि प्रायद्वीपीय पठार का उत्तर-पूर्वी ढाल उत्तर और उत्तर-पूर्व की ओर है।
3. दामोदर नदी, जो हुगली नदी की एक सहायक नदी है, झारखंड के छोटानो Nagpur पठार से निकलती है और एक भ्रंश घाटी (Rift Valley) से प्रवाहित होने के कारण यह अपने मार्ग में तीव्र अपरदन करती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार लूनी नदी राजस्थान की एकमात्र बड़ी नदी है जो अरावली पर्वतमाला के निकट पुष्कर से निकलकर थार मरुस्थल से बहते हुए कच्छ के रण में विलुप्त हो जाती है, और यह एक अंतःस्थलीय (Inland drainage) अपवाह तंत्र का प्रमुख उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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