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Geography
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. महासागरीय नितल का उच्चावच चार प्रमुख भागों में विभाजित है—महाद्वीपीय मग्नतट (Continental Shelf), महाद्वीपीय मग्नढाल (Continental Slope), गहरे महासागरीय मैदान (Abyssal Plains) और महासागरीय गर्त (Oceanic Trenches), जिसमें मग्नतट सबसे अधिक जैविक विविधता और मतस्य क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण होता है।
- 2. 'वृहत ज्वार' (Spring Tide) की उत्पत्ति उस स्थिति में होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक ही सीधी रेखा में (सिजगी/Syzygy की स्थिति) होते हैं, जो पूर्णिमा और अमावस्या दोनों दिनों को घटित होता है, जबकि 'लघु ज्वार' (Neap Tide) के समय चंद्रमा और सूर्य पृथ्वी के केंद्र पर समकोण बनाते हैं।
- 3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है जो प्रशांत महासागर को हिंद महासागर से जोड़ती है, तथा यह विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गो में से एक है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ज्वार-भाटा की उत्पत्ति के लिए 'सर आइज़क न्यूटन' का गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत और 'लाप्लास' का नहर सिद्धांत (Canal Theory) मुख्य रूप से उत्तरदायी माने जाते हैं, जिसमें चंद्रमा का ज्वार-उत्पादक बल सूर्य की तुलना में लगभग दोगुना प्रभावशाली होता है क्योंकि चंद्रमा पृथ्वी के अत्यधिक निकट स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। 1. महासागरीय नितल का उच्चावच वास्तव में चार प्रमुख भागों—मग्नतट, मग्नढाल, गहरे महासागरीय मैदान और गर्तों में बंटा है; महाद्वीपीय मग्नतट सूर्य के प्रकाश की उपलब्धता और उथले जल के कारण प्लवक के विकास के लिए अनुकूल होता है, जिससे यह मतस्यन का प्रमुख क्षेत्र बनता है। 2. सिजगी की स्थिति में सूर्य और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बलों के मिलने से वृहत ज्वार (Spring Tide) आता है, जबकि समकोण की स्थिति (Quadrature) में लघु ज्वार (Neap Tide) आता है जो कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की अष्टमी को होता है। 3. मलक्का जलसंधि इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप और मलेशिया के मध्य हिंद महासागर और प्रशांत महासागर (अंडमान सागर और दक्षिण चीन सागर) को जोड़ती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ज्वार-उत्पादक बल में चंद्रमा का प्रभाव सूर्य से दोगुना होता है क्योंकि ज्वार बल दूरी के घन (Cube) के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि जलवायु क्षेत्रों और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में कुल सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा नलकूपों और अन्य कुओं (Tube wells and Wells) के माध्यम से सिंचित होता है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान राज्यों में भूजल निष्कर्षण का प्रतिशत सबसे अधिक है।
2. 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' (PMKSY) के अंतर्गत 'हर खेत को पानी' घटक का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म सिंचाई (ड్రిપ और स्प्रिंकलर) को बढ़ावा देना है, जिससे जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) में वृद्धि हो सके।
3. 'धान' (Paddy) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है जिसके लिए उच्च तापमान (25° से अधिक) और 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है, लेकिन इसे रोपण पद्धति के तहत पर्याप्त जल भराव वाले खेतों में उगाया जाता है, जिसके कारण यह पंजाब और हरियाणा जैसे कम वर्षा वाले राज्यों में नहरों और नलकूपों की भारी सिंचाई पर निर्भर है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की कृषि में कुल सिंचित क्षेत्रफल के मामले में नहरों (Canals) का स्थान नलकूपों के बाद दूसरा सबसे प्रमुख स्रोत है, और इंदिरा गांधी नहर परियोजना भारत की सबसे बड़ी नहर प्रणालियों में से एक है जो मुख्य रूप से पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों को सिंचित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) तथा हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले भी अस्तित्व में थीं और उत्थान के साथ-साथ गहरी गार्ज (Gorges) का निर्माण करती हुई अपने मार्ग पर बनी रहीं।
2. प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश नदियाँ (जैसे नर्मदा और ताप्ती को छोड़कर) पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, जिसका मुख्य कारण प्रायद्वीपीय पठार का पश्चिम से पूर्व की ओर सामान्य ढाल है।
3. 'कोसी नदी', जिसे 'बिहार का शोक' कहा जाता है, एक पूर्ववर्ती नदी है जो नेपाल में सप्तकोसी के रूप में बहती हुई अपने मार्ग बदलने (Lateral Migration) और भारी मात्रा में अवसाद (Silt) लाने के लिए कुख्यात है।
4. चंबल नदी, जो यमुना की एक प्रमुख सहायक नदी है, प्रायद्वीपीय पठार से निकलकर उत्तर की ओर बहती है और यह मध्य प्रदेश तथा राजस्थान में तीव्र अवनालिका अपरदन (Gully Erosion) द्वारा 'बिहड़' (Ravines) भूमि का निर्माण करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के मिलियन-प्लस (दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले) नगरों में कुल नगरीय जनसंख्या का सर्वाधिक अनुपात 'उत्तर प्रदेश' राज्य में दर्ज किया गया है, जबकि व्यक्तिगत रूप से 'महाराष्ट्र' राज्य में ऐसे नगरों की कुल संख्या सबसे अधिक है।
2. देश की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जातियों (Scheduled Castes) का सर्वाधिक प्रतिशत 'पंजाब' राज्य में पाया जाता है, जबकि अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) का सर्वाधिक प्रतिशत 'मिजोरम' राज्य में दर्ज किया गया है।
3. भारत की कुल जनसंख्या में साक्षरता दर 74.04% दर्ज की गई, जिसमें पुरुष साक्षरता (82.14%) और महिला साक्षरता (65.46%) के बीच का लिंग अंतर सबसे कम अंतर वाला राज्य या केंद्र शासित प्रदेश 'लक्षद्वीप' है।
4. ग्रामीण-शहरी प्रवास और जनसंख्या घनत्व के अनुसार, भारत का कुल जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जिसमें 'बिहार' राज्य 1106 व्यक्तियों के घनत्व के साथ राज्यों में शीर्ष स्थान पर है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में 'दिल्ली' का जनसंख्या घनत्व सर्वाधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets) और उनकी आंतरिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सभी जोवियन ग्रहों (बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून) के पास ठोस धरातल का अभाव है, और ये मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम जैसी हल्की गैसों से बने विशालकाय गैस गोले हैं।
2. 'शनि' ग्रह का घनत्व जल के घनत्व से भी कम है, अर्थात यदि इसे पानी के एक विशाल महासागर में डाला जाए, तो यह उस पर तैरने लगेगा।
3. 'यूरेनस' (अरुण) सौर मंडल का एकमात्र ऐसा ग्रह है जिसका घूर्णन अक्ष इतना अधिक झुका हुआ है कि यह अपनी कक्षा में लेटा हुआ प्रतीत होता है, जिसके कारण इसे 'लेटा हुआ ग्रह' भी कहा जाता है।
4. 'नेपच्यून' (वरुण) सौर मंडल का सबसे दूर स्थित ग्रह है, जिसकी खोज केपलर के ग्रहीय गति के नियमों के गणितीय विश्लेषण के आधार पर की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंतोषह रेखाओं (Discontinuities) और चट्टानों के वर्गीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गुटेनबर्ग असंतोषह' (Gutenberg Discontinuity) निचली मैन्टल और बाहरी क्रोड (Outer Core) के बीच की सीमा पर स्थित है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक भारी गिरावट आती है और द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
2. आग्नेय चट्टानों में सिलिका की मात्रा के आधार पर उनका वर्गीकरण किया जाता है; अम्लीय आग्नेय चट्टानों (जैसे ग्रेनाइट) में सिलिका की मात्रा 65% से अधिक होती है, जिसके कारण इनका लावा अत्यधिक श्यान (Viscous) और हल्का होता है, जबकि क्षारीय या बेसिक चट्टानों (जैसे बेसाल्ट) में फेरोमैग्नेशियन तत्वों की अधिकता होती है।
3. 'मेटामॉर्फिज्म' या कायांतरण की प्रक्रिया के दौरान, चूना पत्थर (Limestone) का रूपांतरण संगमरमर (Marble) में तथा बलुआ पत्थर (Sandstone) का रूपांतरण क्वार्ट्जाइट (Quartzite) में होता है, जो तापीय (Thermal) या स्पर्श कायांतरण के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की क्रोड (Core) मुख्य रूप से निकल और लोहे (Nife) से बनी है, जिसके कारण आंतरिक क्रोड (Inner Core) अत्यधिक उच्च दाब के प्रभाव के कारण ठोस अवस्था में पाई जाती है, जबकि बाहरी क्रोड तरल अवस्था में है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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