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Geography
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भारत की मिट्टी (मृदा) के प्रकार, उनके वितरण और रासायनिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) भारत के कुल क्षेत्रफल का सबसे बड़ा हिस्सा कवर करती है और यह मुख्य रूप से हिमालयी नदियों द्वारा लाए गए अवसादों के निक्षेपण से बनती है, जिसमें 'खादर' नई जलोढ़ मृदा है जो अधिक उपजाऊ होती है जबकि 'बांगर' पुरानी जलोढ़ मृदा है जिसमें कैल्शस (कंकर) ग्रंथियाँ पाई जाती हैं।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार काली मृदा (Black Soil), जिसे रेगुर या उष्णकटिबंधीय चेर्नोजम भी कहा जाता है, का निर्माण बेसाल्टिक लावा के अपक्षय से हुआ है और इसमें पोटाश, चूना तथा मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में होते हैं, जबकि इसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
- 3. लाल और पीली मृदा (Red and Yellow Soils) का लाल रंग मुख्य रूप से क्रिस्टलीय और रूपांतरित चट्टानों में लौह ऑक्साइड के व्यापक प्रसार के कारण होता है, तथा जल योजन (Hydration) के बाद यह मृदा पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है, जो कि नाइजीरिया और प्रायद्वीपीय भारत के उच्च वर्षा वाले क्षेत्रों में प्रमुखता से मिलती है।
- 4. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) की प्रक्रिया के परिणामस्वरुप बनती है, जिसमें सिलिका का निक्षालन बह जाता है और सतह पर आयरन व एल्यूमीनियम के ऑक्साइड शेष बचते हैं, जिससे यह मृदा काजू और टैपिओका की खेती के लिए अत्यधिक उपयुक्त हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि भारत में जलोढ़ मृदा सबसे बड़े क्षेत्रफल (लगभग 43%) पर फैली हुई है और नवीन जलोढ़ को 'खादर' तथा प्राचीन जलोढ़ को 'बांगर' कहा जाता है। कथन 2 सही है क्योंकि काली मिट्टी (रेगुर मृदा) का निर्माण दक्कन ट्रैप के बेसाल्ट चट्टानों के टूटने-फूटने से हुआ है और इसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है जबकि पोटाश, चूना और मैग्नीशियम अधिक होते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि लाल और पीली मृदा का विस्तार नाइजीरिया में नहीं बल्कि प्रायद्वीपीय भारत के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों तथा छिटपुट क्षेत्रों में पाया जाता है; नाइजीरिया अफ्रीका का एक देश है जिसका भारतीय मृदा भूगोल से सीधा संबंध नहीं है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार लैटेराइट मृदा (कथन 4) का निर्माण अत्यधिक वर्षा और उच्च तापमान के कारण लीचिंग (निक्षालन) प्रक्रिया से होता है और यह काजू, चाय, कॉफी और टैपिओका की खेती के लिए उपयुक्त होती है। अतः विकल्प (c) सही है।
Related Questions
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भारत के प्रमुख पर्वत, पर्वत श्रेणियों और घाटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पीर पंजाल' श्रेणी लघु हिमालय (मध्य हिमालय) की सबसे लंबी और सबसे महत्वपूर्ण श्रृंखला है, जो पश्चिम में झेलम नदी से लेकर पूर्व में व्यास नदी तक फैली हुई है तथा इसी श्रेणी में प्रसिद्ध 'बनिहाल दर्रा' स्थित है जो जम्मू को श्रीनगर से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है।
2. 'शांत घाटी' (Silent Valley) केरल राज्य के पलक्कड़ जिले में नीलगिरी पहाड़ियों के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है, जो अपनी अत्यधिक समृद्ध उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षावनों और दुर्लभ जैव विविधता के लिए जानी जाती है, और यहाँ कुंथीपुझा नदी प्रवाहित होती है।
3. 'नल्लामल्ला पहाड़ियाँ' (Nallamala Hills) पूर्वी घाट का एक हिस्सा हैं, जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों के मध्य कृष्णा और पेनार नदियों के बीच उत्तर-दक्षिण दिशा में फैली हुई हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक परतों (Layers), घनत्व भिन्नता और चट्टानों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी के क्रोड (Core) का औसत घनत्व भूपर्पटी (Crust) की तुलना में बहुत अधिक है, और भूकम्पीय तरंगों (S-waves) का क्रोड के बाहरी हिस्से से गुजरने पर अचानक रुक जाना यह सिद्ध करता है कि पृथ्वी का बाह्य क्रोड तरल अवस्था में है।
2. 'गोल्डश्मिट वर्गीकरण' (Goldschmidt Classification) के अनुसार पृथ्वी की आंतरिक संरचना को उसके रासायनिक तत्वों की आत्मीयता के आधार पर लिथोस्फीयर, पाيرोस्फीयर और बैरीस्फीयर में विभाजित किया गया है, जहाँ पायरोस्फीयर मुख्य रूप से सिलिकॉन और मैग्नीशियम (Sima) से समृद्ध है।
3. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) अत्यधिक विवर्तनिक दबाव और उच्च तापमान के कारण बड़े भू-भागों में होता है, जिसके परिणामस्वरूप मूल चट्टानों में खनिज कणों की समानांतर परतों या पट्टियों का निर्माण होता है जिसे 'पर्णाभता' (Foliation) कहा जाता है।
4. कायांतरित चट्टान के रूप में 'क्वार्ट्जाइट' (Quartzite) बलुआ पत्थर (Sandstone) के तापीय (Contact) या क्षेत्रीय कायांतरण से बनती है, जो अत्यधिक कठोर, टिकाऊ और गैर-पर्णाभ (Non-foliated) प्रकृति की होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि इन्हें जल वर्षा के साथ-साथ पिघलती हुई बर्फ और ग्लेशियरों से प्राप्त होता है, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ मौसमी (Seasonal) होती हैं और उनकी जल आपूर्ति पूरी तरह से वर्षा पर निर्भर करती है।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ अपने विकास के अंतिम चरण में हैं और उन्होंने अपनी घाटियों में आधार तल (Base level) को प्राप्त कर लिया है, जिसके कारण वे विसर्पण (Meandering) जैसी स्थलाकृतियों का निर्माण करती हैं और अपने निचले मार्गों में विस्तृत जलोढ़ मैदानों का सृजन करती हैं।
3. कोसी नदी, जिसे 'बिहार का शोक' कहा जाता है, अपने मार्ग परिवर्तन और भारी मात्रा में अवसाद (Silt) लाने के लिए कुख्यात है, और यह नदी महान हिमालय से निकलकर सीधे बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले गंगा की एक दाहिने तट की सहायक नदी बन जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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वायुमंडल की संरचना, तापमान की प्रवणता और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभमंडल में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में होने वाली गिरावट को 'सामान्य ह्रास दर' (Normal Lapse Rate) कहा जाता है, जो औसतन 6.5 डिग्री सेल्सियस प्रति 1,000 मीटर होती है।
2. समतापमंडल (Stratosphere) ओजोन परत की उपस्थिति के कारण गर्म होता है, जो पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है, और इसी परत में जेट विमानों के उड़ने के लिए आदर्श दशाएँ पाई जाती हैं।
3. 'डोलड्रम' (Doldrums) भूमध्य रेखा के पास स्थित एक शांत और कम वायुदाब का क्षेत्र है, जहाँ उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाएँ आपस में मिलती हैं, जिसे अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) भी कहा जाता है।
4. अश्व अक्षांश (Horse Latitudes) उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों से संबंधित क्षेत्र हैं, जो भूमध्य रेखा के दोनों ओर लगभग 30° से 35° अक्षांशों के मध्य स्थित होते हैं, और यहाँ मौसम अत्यधिक तूफानी तथा लगातार वर्षा वाला होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'समताप मंडल' (Stratosphere) की निचلی सीमा में ओजोन गैस की सांद्रता अधिक पाई जाती है, जिसे ओजोनोस्फीयर कहते हैं, और इसी परत में तापमान की ऊर्ध्वाधर प्रवृत्ति के कारण जेट विमानों के उड़ने के लिए आदर्श दशाएँ मिलती हैं क्योंकि यहाँ मौसम संबंधी उथल-पुथल न्यूनतम होती है।
2. 'आयनमंडल' (Ionosphere) में स्थित आयन और मुक्त इलेक्ट्रॉन रेडियो तरंगों को पृथ्वी की सतह पर परावर्तित करते हैं, जिससे लंबी दूरी के बेतार संचार (Wireless Communication) संभव होते हैं, और इसी परत में ध्रुवीय ज्योतियां (Aurora Borealis और Aurora Australis) देखने को मिलती हैं।
3. 'डोलड्रम' (Doldrums) या विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low-Pressure Belt) एक शांत पेटी है जहाँ धरातलीय क्षैतिज पवनें लगभग अनुपस्थित होती हैं और संवहनी धाराएँ प्रभावी होती हैं, तथा यह पेटी सूर्य की आभासी वार्षिक गति के साथ उत्तर और दक्षिण की ओर विस्थापित होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts), जिन्हें 'घोड़े का अक्षांश' (Horse Latitudes) भी कहा जाता है, का निर्माण पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न अपकेंद्रीय बल (Centrifugal Force) और विषुवत वृत्त से उठने वाली हवाओं के यहाँ नीचे उतरने (Subsidence) के फलस्वरूप होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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