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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक परतों (Layers), घनत्व भिन्नता और चट्टानों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पृथ्वी के क्रोड (Core) का औसत घनत्व भूपर्पटी (Crust) की तुलना में बहुत अधिक है, और भूकम्पीय तरंगों (S-waves) का क्रोड के बाहरी हिस्से से गुजरने पर अचानक रुक जाना यह सिद्ध करता है कि पृथ्वी का बाह्य क्रोड तरल अवस्था में है।
  2. 2. 'गोल्डश्मिट वर्गीकरण' (Goldschmidt Classification) के अनुसार पृथ्वी की आंतरिक संरचना को उसके रासायनिक तत्वों की आत्मीयता के आधार पर लिथोस्फीयर, पाيرोस्फीयर और बैरीस्फीयर में विभाजित किया गया है, जहाँ पायरोस्फीयर मुख्य रूप से सिलिकॉन और मैग्नीशियम (Sima) से समृद्ध है।
  3. 3. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) अत्यधिक विवर्तनिक दबाव और उच्च तापमान के कारण बड़े भू-भागों में होता है, जिसके परिणामस्वरूप मूल चट्टानों में खनिज कणों की समानांतर परतों या पट्टियों का निर्माण होता है जिसे 'पर्णाभता' (Foliation) कहा जाता है।
  4. 4. कायांतरित चट्टान के रूप में 'क्वार्ट्जाइट' (Quartzite) बलुआ पत्थर (Sandstone) के तापीय (Contact) या क्षेत्रीय कायांतरण से बनती है, जो अत्यधिक कठोर, टिकाऊ और गैर-पर्णाभ (Non-foliated) प्रकृति की होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि पृथ्वी के बाह्य क्रोड से S-तरंगें (अनुप्रस्थ तरंगें) गमन नहीं कर सकतीं, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि बाह्य क्रोड तरल अवस्था में है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'पायरोस्फीयर' (Pyrosphere) पृथ्वी की आंतरिक संरचना का मानक वैज्ञानिक वर्गीकरण नहीं है (सुएस् के अनुसार क्रस्ट, मेंटल और क्रोड या सियाल, सीमा, निफे प्रमुख हैं)। कथन 3 सही है, क्षेत्रीय कायांतरण के तहत भारी दबाव के कारण खनिजों का पुनर्गठन होता है जिससे पर्णाभता (Foliation) उत्पन्न होती है। कथन 4 सही है, बलुआ पत्थर के कायांतरण से क्वार्ट्जाइट का निर्माण होता है जो कि एक गैर-पर्णाभ चट्टान है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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