त्वरित लिंक्स
Geography
9 views
भारत की मृदा (मिट्टी) के वितरण, उनकी भौतिक-रासायनिक विशेषताओं तथा उनसे जुड़े कृषि संबंधी पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'मरुस्थलीय मृदा' (Desert Soils) मुख्य रूप से राजस्थान के पश्चिमी भाग में पाई जाती है, और इनमें विसृत रूप से कैल्सियम कार्बोनेट (कंकर) की मात्रा नीचे की परतों में बढ़ती जाती है, जिससे इस मृदा में जल अंतःस्यंदन (Infiltration) सीमित हो जाता है।
- 2. 'लाल और पीली मृदा' प्रायद्वीपीय पठार के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में क्रिस्टलीय आग्नेय चट्टानों पर विकसित होती है, जहाँ इसका पीला रंग मुख्य रूप से फेरिक ऑक्साइड के जलयोजन (Hydration) के कारण होता है।
- 3. 'लैटेराइट मृदा' देश के उन क्षेत्रों में व्यापक रूप से मिलती है जहाँ तापमान बहुत ऊँचा और वर्षा बहुत कम होती है, जिसके कारण तीव्र वाष्पीकरण से सतह पर केवल सिलिका के कण शेष बचते हैं।
- 4. 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soils) देश के कुल क्षेत्रफल का सबसे बड़ा हिस्सा बनाती है, और इसमें 'खादर' नई जलोढ़ मृदा है जो प्रत्येक वर्ष बाढ़ के मैदानों में नवीनित होती रहती है, जबकि 'बांगर' पुरानी जलोढ़ है जिसमें कैल्सियम कार्बोनेट की ग्रंथियाँ (कंकर) पाई जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि मरुस्थलीय मृदा में नीचे की परतों में कैल्सियम कार्बोनेट (कंकर) की सघनता बढ़ती जाती है, जो जल के अंतःस्यंदन को अवरुद्ध करती है। कथन 2 सही है क्योंकि लाल मृदा का पीला रंग इसके जलयोजित रूपों (Hydration) के कारण होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि लैटेराइट मृदा उच्च तापमान और *भारी वर्षा* वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) के कारण बनती है, न कि कम वर्षा वाले क्षेत्रों में। कथन 4 सही है क्योंकि जलोढ़ मृदा देश का सबसे बड़ा भू-भाग घेरती है, जिसमें खादर नवीन और बांगर पुरानी जलोढ़ होती है जिसमें कंकर पाए जाते हैं। भारतीय मृदा के विस्तृत वर्गीकरण के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
→
सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (जैवियन ग्रहों) और उनके विशिष्ट उपग्रहों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सभी बाह्य ग्रहों (बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण) में ठोस धरातल का अभाव होता है और ये मुख्य रूप से हाइड्रोजन एवं हीलियम जैसी गैसों से बने होते हैं, किंतु अत्यधिक दाब के कारण इनके आंतरिक क्रोड में 'धात्विक हाइड्रोजन' की परत पाई जाती है।
2. शनि ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह 'टाइटन' (Titan) हमारे सौर मंडल का एकमात्र ऐसा उपग्रह है जिसका अपना सघन वायुमंडल (मुख्य रूप से नाइट्रोजन युक्त) है और इसकी सतह पर तरल मीथेन तथा एथेन के झील एवं सागर पाए जाते हैं।
3. 'यूरोपा' (Europa) शनि ग्रह का एक प्रमुख उपग्रह है, जिसकी बर्फीली सतह के नीचे तरल पानी का एक विशाल वैश्विक महासागर होने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं, जहाँ पृथ्वी की तुलना में अधिक मात्रा में जल विद्यमान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत के प्रमुख उद्योगों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) तथा परिवहन तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का पहला पूर्णतः स्वदेशी और सार्वजनिक क्षेत्र का एकीकृत इस्पात कारखाना 'भिलाई इस्पात संयंत्र' है, जिसे छत्तीसगढ़ में सोवियत संघ (USSR) के तकनीकी और आर्थिक सहयोग से स्थापित किया गया था।
2. 'राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-2' (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी तक कुल 891 किलोमीटर की लंबाई में विस्तृत है, जो पूर्वोत्तर भारत के आंतरिक जल परिवहन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
3. भारत में 'भारतीय रेल' (Indian Railways) को कुल 18 रेलवे जोनों में विभाजित किया गया है, और कोलकाता मेट्रो वर्तमान में भारतीय रेलवे के अंतर्गत आने वाला 18वां जोन है, जो देश का पहला भूमिगत और पहला मेट्रो रेल नेटवर्क है।
4. 'विशाखापत्तनम बंदरगाह' देश का सबसे गहरा भूमि-आबद्ध (Landlocked) और सुरक्षित बंदरगाह है, जो मुख्य रूप से लौह अयस्क के जापान को निर्यात के लिए 'बैलाडिला' खदानों से जुड़ा हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारतीय मृदाओं के वर्गीकरण और उनके सूक्ष्म पोषक तत्वों या रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मरुस्थलीय मृदा' (Desert Soil) का रंग हल्के लाल से लेकर भूरे रंग तक होता है, जिसकी बनावट रेतीली और प्रकृति क्षारीय होती है, तथा इसमें विलेय लवणों और कैल्शिय कार्बोनेट की अधिकता के कारण नीचे की पर्तों में 'कंकड़' की परत पाई जाती है।
2. 'पीठीय या जैविक मृदा' (Peaty and Marshy Soils) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत वानस्पतिक पदार्थों के संचयन से बनती है, जो अत्यधिक अम्लीय प्रकृति की होती है और इसमें ह्यूमस तथा घुलनशील लवणों की कमी पाई जाती है।
3. 'लाल और पीली मृदा' मुख्य रूप से प्राचीन रवेदार और कायांतरित चट्टानों पर विकसित होती है, जिसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है, परंतु फेरिक ऑक्साइड्स की उपस्थिति के कारण इसका रंग लाल होता है।
4. 'क्षारीय मृदा' में सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के अनुपात में असंतुलन के कारण कृषि अनुपयुक्तता पाई जाती है, जिसके सुधार के लिए खेत में जिप्सम (विकिपीडिया संदर्भ) का उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
पृथ्वी के वायुमंडल की विभिन्न परतों, तापमान की व्युत्क्रमणता (Temperature Inversion) और वायुदाब पेटियों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में होने वाली सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) लगभग 6.5°C प्रति 1000 मीटर होती है, किंतु शीतकाल में लंबी रातें, साफ़ आसमान और शांत हवाओं जैसी परिस्थितियों के कारण धरातल के निकट तापमान की व्युत्क्रमणता उत्पन्न हो जाती है।
2. आयनमंडल (Ionosphere) में स्थित थर्मोस्फेयर (Thermosphere) परत में गैसों के अणु सौर एक्स-रे और पराबैंगनी विकिरणों द्वारा आयनित होते हैं, जिससे ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में तीव्र वृद्धि होती है और यह परत रेडियो तरंगों को पृथ्वी पर परावर्तित करने में सक्षम होती है।
3. अश्व अक्षांश (Horse Latitudes) या उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ गतिक रूप से प्रेरित (Dynamically Induced) होती हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन के कारण विषुवत वृत्त से ऊपर उठी हवाओं के ठंडा होकर नीचे बैठने से दोनों गोलार्धों में लगभग 30°-35° अक्षांशों के मध्य विकसित होती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ध्रुवीय उच्च वायुदाब पेटियाँ (Polar High Pressure Belts) तापीय रूप से प्रेरित (Thermally Induced) होती हैं, जहाँ अत्यधिक शीत के कारण हवा भारी होकर नीचे बैठती है और उच्च दाब का निर्माण करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पृथ्वी के प्रमुख पर्वतों, पठारों और मरुस्थलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अटाकामा मरुस्थल' मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर एंडीज पर्वतमाला और प्रशांत महासागर के बीच स्थित एक अत्यंत शुष्क क्षेत्र है, जहाँ 'पेरूवियन (हंबोल्ट) ठंडी जलधारा' का प्रभाव इस क्षेत्र को वर्षाविहीन बनाने में मुख्य भूमिका निभाता है।
2. 'तिब्बत का पठार' एक अंतःपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का प्रमुख उदाहरण है, जो हिमालय और कुंलन शान पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित है और यह पृथ्वी पर सबसे ऊँचा एवं सबसे बड़ा पठार है।
3. 'एटलस पर्वतमाला' एक युवा मोदार पर्वत (Young Fold Mountain) प्रणाली है, जो अफ्रीका महाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भाग में अटलांटिक महासागर और भूमध्य सागर के तटों के सहारे मोरक्को, अल्जीरिया और ट्यूनीशिया तक फैली हुई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.