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General Science
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प्रोपेन का सूत्र?

Detailed Explanation

C3H8।
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मानव पोषण और जैव अणुओं (विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसका भंडारण यकृत में कई वर्षों तक हो सकता है, जबकि अन्य अधिकांश जल-विलेय विटामिन शरीर में संचित नहीं होते और मूत्र के साथ उत्सर्जित हो जाते हैं। 2. ग्लाइकोजन एक अत्यधिक शाखित पॉलिसैराइड है जो मुख्य रूप से जंतुओं और कवक में ऊर्जा संचय का कार्य करता है, तथा इसकी संरचना पादप स्टार्च के 'एमिलापैक्टिन' के समान होती है किंतु इसमें शाखाओं का घनत्व बहुत अधिक होता है। 3. आवश्यक अमीनो अम्ल वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर की कोशिकाओं में आनुवंशिक रूप से हो सकता है, जबकि अनावश्यक अमीनो अम्ल वे हैं जिन्हें शरीर में संश्लेषित नहीं किया जा सकता और उन्हें आहार के माध्यम से लेना अनिवार्य होता है। 4. सेलूलोज एक रैखिक पॉलिसैराइड है जो बीटा-डी-ग्लूकोज इकाइयों के C1-C4 ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने वाले एंजाइम की अनुपस्थिति के कारण यह ऊर्जा का स्रोत नहीं बन पाता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वेनबर्ग नियम (Hardy-Weinberg principle) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाले जनसंख्या में जीन आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर और निरंतर बनी रहती हैं, बशर्ते उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, अनुवांशिक विचलन (Genetic drift) और जीन प्रवाह जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों। 2. 'अनुवांशिक अपवाह' (Genetic drift) मुख्य रूप से बड़ी आबादी में अधिक प्रभावी होता है, जो 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) के माध्यम से अनुकूल जीनों की आवृत्ति को तेजी से बढ़ाता है। 3. लामार्कवाद के विपरीत, डार्विनवाद (Darwinism) में 'प्राकृतिक चयन' (Natural selection) की अवधारणा इस बात पर जोर देती है कि जीवों में उत्पन्न होने वाली विभिन्न विभिन्न वंशागत भिन्नताओं में से केवल वही भिन्नताएं प्रकृति द्वारा चुनी जाती हैं जो पर्यावरण के अनुकूल होती हैं। 4. समजात अंग (Homologous organs), जैसे व्हेल के फलिपर, चमगादड़ के पंख और मानव के हाथ, रचना और उत्पत्ति में समान होते हैं क्योंकि वे अभिसारी विकास (Convergent evolution) का परिणाम होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) के वैचारिक और मात्रात्मक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल (Lewis Acids) वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म (Electron pair) को ग्रहण कर सकती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा केंद्रीय परमाणु के संयोजी कोष में अष्टक अपूर्ण रखने वाले यौगिक (जैसे $BF_3$) लुईस अम्ल की श्रेणी में आते हैं। 2. जब एक दुर्बल अम्ल ($CH_3COOH$) को उसके प्रबल क्षार ($NaOH$) के साथ उदासीनीकरण कराया जाता है, तो बनने वाले लवण का जल-अपघटन (Hydrolysis) होने के कारण तुल्यांकी बिंदु पर विलयन का pH मान 7 से कम (अम्लीय) होता है। 3. ब्रॉन्स्टेड-लाउरी अवधारणा के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) अत्यंत दुर्बल होता है, जबकि जल की उभयधर्मी (Amphoteric) प्रकृति के कारण यह एक ही समय में ब्रॉन्स्टेड अम्ल और ब्रॉन्स्टेड क्षार दोनों के रूप में कार्य कर सकता है। 4. बफर विलयन (Buffer solution) वे विलयन होते हैं जो अपने अंदर थोड़ी मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाने पर अपने pH मान में परिवर्तन का विरोध करते हैं, और अम्लीय बफर विलयन का एक उत्कृष्ट उदाहरण दुर्बल अम्ल और उसके प्रबल क्षार से बने लवण का जलीय मिश्रण है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? एक अवतल लेंस द्वारा बना प्रतिबिंब हमेशा कैसा होता है? मानव शरीर में होने वाले संक्रामक रोगों और उनके रोगजनकों (Pathogens) के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. कालाजार (Kala-azar) - यह प्रोटोजोआ परजीवी 'लेशमेनिया डोनोवानी' (Leishmania donovani) के कारण होता है, जिसका वाहक 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी) है और यह मुख्य रूप से यकृत तथा प्लीहा को प्रभावित करता है। 2. कुष्ठ रोग (Leprosy) - यह 'माइकोबैक्टीरियम लेप्री' (Mycobacterium leprae) नामक जीवाणु के कारण होता है, जो मुख्य रूप से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क को सबसे पहले और सबसे गंभीर रूप से क्षति पहुँचाता है। 3. जापानी एन्सेफलाइटिस (Japanese Encephalitis) - यह एक विषाणु जनित रोग है जो 'फ्लेविवायरस' (Flavivirus) परिवार का है और इसका संचरण मुख्य रूप से 'क्यूलेक्स' प्रजाति की संक्रमित मादा मच्छरों के काटने से होता है। 4. ट्रेकोमा (Trachoma) - यह 'क्लैमाइडिया ट्रेकोमैटिस' (Chlamydia trachomatis) नामक सूक्ष्मजीव के संक्रमण से होता है, जो आँख की कॉर्निया और कंजंक्टिवा को प्रभावित करके दीर्घकालिक रूप से अंधेपन का कारण बन सकता है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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