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General Science
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मानव पोषण और जैव अणुओं (विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसका भंडारण यकृत में कई वर्षों तक हो सकता है, जबकि अन्य अधिकांश जल-विलेय विटामिन शरीर में संचित नहीं होते और मूत्र के साथ उत्सर्जित हो जाते हैं।
  2. 2. ग्लाइकोजन एक अत्यधिक शाखित पॉलिसैराइड है जो मुख्य रूप से जंतुओं और कवक में ऊर्जा संचय का कार्य करता है, तथा इसकी संरचना पादप स्टार्च के 'एमिलापैक्टिन' के समान होती है किंतु इसमें शाखाओं का घनत्व बहुत अधिक होता है।
  3. 3. आवश्यक अमीनो अम्ल वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर की कोशिकाओं में आनुवंशिक रूप से हो सकता है, जबकि अनावश्यक अमीनो अम्ल वे हैं जिन्हें शरीर में संश्लेषित नहीं किया जा सकता और उन्हें आहार के माध्यम से लेना अनिवार्य होता है।
  4. 4. सेलूलोज एक रैखिक पॉलिसैराइड है जो बीटा-डी-ग्लूकोज इकाइयों के C1-C4 ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने वाले एंजाइम की अनुपस्थिति के कारण यह ऊर्जा का स्रोत नहीं बन पाता।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एक जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट होता है और यह यकृत में संचित हो सकता है। कथन 2 सही है क्योंकि ग्लाइकोजन अत्यधिक शाखित पॉलिसैराइड है जो जंतुओं में संचित भोजन है और इसकी संरचना एमिलापैक्टिन से मिलती-जुलती है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'आवश्यक अमीनो अम्ल' (Essential amino acids) वे होते हैं जिन्हें मानव शरीर संश्लेषित नहीं कर सकता और उन्हें आहार से लेना पड़ता है, जबकि 'अनावश्यक' वे हैं जो शरीर में बन सकते हैं। कथन 4 सही है क्योंकि सेलूलोज बीटा-ग्लूकोज इकाइयों से बना एक रैखिक पॉलिसैराइड है जिसे मानव पाचन तंत्र नहीं पचा सकता। जैव अणुओं और पोषण के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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मानव शरीर में विटामिन K की कमी के परिणामस्वरूप निम्नलिखित में से किस कारक पर सबसे सीधा और प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है? धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा उनके परिष्करण (Refining) की विधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'मोंड प्रक्रम' (Mond process) का उपयोग निकेल धातु के शोधन के लिए किया जाता है, जिसमें अशुद्ध निकेल को कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ गर्म करके एक वाष्पशील यौगिक 'न निकेल टेट्राकार्बोनिड' बनाया जाता है, जिसे बाद में उच्च ताप पर अपघटित करके अत्यंत शुद्ध निकेल प्राप्त किया जाता है। 2. 'एल्युमिनोथर्मी प्रक्रम' (Alumino-thermic process) में एल्युमिनियम का उपयोग अपचायक के रूप में किया जाता है, और जब क्रोमियम या मैंगनीज के ऑक्साइडों को एल्युमिनियम चूर्ण के साथ गर्म किया जाता है, तो यह अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) होती है जिसके परिणामस्वरूप पिघली हुई धातु प्राप्त होती है। 3. 'भर्जन' (Roasting) की प्रक्रिया मुख्य रूप से सल्फाइड अयस्क को वायु की सीमित मात्रा में उसके गलनांक से नीचे के ताप पर गर्म करके ऑक्साइड में बदलने की विधि है, जबकि 'निस्तापन' (Calcination) कार्बोनेट या हाइड्रेटेड ऑक्साइड अयस्कों को वायु की अनुपस्थिति या सीमित आपूर्ति में गर्म करने की प्रक्रिया है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी चालक का विद्युत प्रतिरोध उसकी लंबाई के अनुक्रमानुपाती और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा प्रतिरोधकता (Resistivity) का मान चालक के पदार्थ की प्रकृति और उसके तापमान पर निर्भर करता है, न कि उसकी ज्यामितीय विमाओं पर। 2. जब प्रतिरोधकों को समांतर क्रम (Parallel Combination) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध परिपथ के प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध के मान से अधिक होता है, और सभी प्रतिरोधकों के सिरों पर विभवांतर का मान भिन्न-भिन्न होता है। 3. किरचॉफ का प्रथम नियम (Kirchhoff's Current Law) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है। 4. किसी विद्युत बल्ब का फिलामेंट टंगस्टन का बना होता है क्योंकि इसका गलनांक बहुत उच्च होता है तथा उच्च तापमान पर यह बिना पिघले दीप्त हो सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? धातुओं, अधातुओं और उनके प्रमुख यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा उनके औद्योगिक अनुप्रयोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'सफेद फॉस्फोरस' (White Phosphorus) अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और दीप्तिमान (Phosphorescent) ठोस होता है, जो पानी में अघुलनशील होने के कारण जल के अंदर संग्रहित किया जाता है, तथा यह कास्टिक सोडा ($NaOH$) के साथ गर्म करने पर जहरीली फॉस्फीन ($PH_3$) गैस उत्पन्न करता है। 2. 'कांस्य' (Bronze) तांबे और टिन की एक मिश्रधातु है, जबकि 'पीतल' (Brass) तांबे और जस्ते (Zinc) की मिश्रधातु है, जिसमें जस्ते की उपस्थिति पीतल को संक्षारण-प्रतिरोधी बनाती है, किंतु कांस्य की तुलना में पीतल में तन्यता (Ductility) कम होती है। 3. 'सिंदूर' (Vermilion या Red Lead) का रासायनिक नाम लेड टेट्राक्साइड ($Pb_3O_4$) है, जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से लाल रंग के पेंट पिगमेंट और बैटरी निर्माण में किया जाता है। 4. जब सिलिकॉन डाइऑक्साइड ($SiO_2$) को सोडियम कार्बोनेट के साथ उच्च तापमान पर पिघलाया जाता है, तो सोडियम सिलिकेट बनता है, जिसे 'जल कांच' (Water Glass) कहा जाता है, और यह जल में आसानी से घुलकर एक क्षारीय विलयन बनाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल सहसंयोजक बंध (Sigma bonds) होते हैं, और इन्हें 'पैराफिन' (Paraffins) भी कहा जाता है क्योंकि इनकी रासायनिक प्रतिक्रियाशीलता सामान्य परिस्थितियों में बहुत कम होती है। 2. 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) पेट्रोल (गैसोलीन) की प्रस्फोटन-रोधी (Anti-knocking) क्षमता का माप है, जिसमें अत्यधिक प्रस्फोटन उत्पन्न करने वाले 'n-हेप्टेन' को शून्य (0) और उच्च प्रस्फोटन-रोधी गुण वाले 'आइसो-ऑक्टेन' को 100 अंक दिए जाते हैं। 3. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, और इसे cylinders में गंधहीन रूप में भरा जाता है, जिससे सुरक्षा कारणों से रिसाव का पता लगाने के लिए इसमें एथिल मर्कैप्टेन मिलाया जाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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