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Geography
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पृथ्वी के वायुमंडल की संरचना, विभिन्न मंडलों की विशेषताओं और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. क्षोभमंडल (Troposphere) की मोटाई भूमध्य रेखा पर सबसे अधिक (लगभग 16-18 किमी) होती है क्योंकि यहाँ संवहन धाराओं का प्रभाव अत्यधिक प्रबल होता है, जबकि ध्रुवों पर यह सबसे कम होती है, और इस परत में प्रति 165 मीटर की ऊँचाई पर तापमान में 1°C की दर से कमी आती है जिसे 'सामान्य ह्रास दर' (Normal Lapse Rate) कहा जाता है।
- 2. मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जिसमें ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में पुन: गिरावट आने लगती है और यहाँ ऊपरी सीमा पर तापमान गिरकर -90°C तक पहुँच जाता है, तथा अंतरिक्ष से आने वाले उल्कापिंड इस परत में प्रवेश करते ही जलकर समाप्त हो जाते हैं।
- 3. विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी (Doldrums) एक गतिक रूप से प्रेरित (Dynamically Induced) पेटी है, जो पृथ्वी के वार्षिक परिक्रमण और अत्यधिक वर्षा के कारण निर्मित होती है, जहाँ धरातलीय पवनें शांत रहती हैं।
- 4. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts) के विस्तार वाले क्षेत्रों को प्राचीन काल में नाविकों द्वारा 'घोड़े के अक्षांश' (Horse Latitudes) कहा जाता था, क्योंकि यहाँ से भारी और ठंडी हवाओं के बैठने के कारण उच्च वायुदाब बनता है और पवनें अत्यंत मंद हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि क्षोभमंडल की मोटाई भूमध्य रेखा पर सर्वाधिक होती है और इस परत में तापमान ऊँचाई के साथ घटता है। कथन 2 सही है क्योंकि मध्यमंडल वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है और उल्कापिंड इसी में नष्ट होते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी (Doldrums) एक **तापीय रूप से प्रेरित** (Thermally Induced) पेटी है, न कि गतिक रूप से प्रेरित। कथन 4 सही है क्योंकि उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों को 'घोड़े के अक्षांश' कहा जाता है जो गतिक रूप से प्रेरित होती हैं। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपात और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लोनार झील (Lonar Lake) महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में दक्कन ट्रैप के बेसाल्टिक चट्टानों पर उल्कापिंड के प्रभाव (Meteorite impact) से बनी एक क्रेटर झील है, जिसे वर्ष 2020 में रामसर साइट घोषित किया गया था।
2. शरावती नदी पर कर्नाटक में स्थित 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls) भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है, जिसकी कुल ऊँचाई लगभग 455 मीटर है, न कि पारंपरिक रूप से चर्चित गेरसोप्पा (योग) जलप्रपात।
3. कोसी नदी पर निर्मित 'हनुमान नगर बराज' भारत और नेपाल की एक संयुक्त परियोजना है, जिसे 'बिहार का शोक' कही जाने वाली इस नदी पर बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई के उद्देश्य से विकसित किया गया था।
4. सांभर झील राजस्थान की सबसे बड़ी अंतःप्रवाही खारे पानी की झील है, जो तीन जिलों—जयपुर, नागौर और अजमेर की सीमा पर फैली हुई है और यहाँ से बड़े पैमाने पर नमक का उत्पादन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक प्रदेशों और परिवहन तंत्र (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल व जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हुगली औद्योगिक प्रदेश (Hooghly Industrial Region) भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है, जिसका विकास मुख्य रूप से दामोदर घाटी कोयला क्षेत्रों की निकटता, हुगली नदी के नौगम्य जलमार्ग और ब्रिटिश काल में जूट उद्योग की प्रारंभिक स्थापना के कारण हुआ था।
2. राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 (NW-1) प्रयागराज से हल्दिया तक गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली पर स्थित देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1,620 किलोमीटर है।
3. भारत का पहला सूती वस्त्र कारखाना 1854 में बॉम्बे (मुंबई) में कवासजी डाबर द्वारा स्थापित किया गया था, जबकि आधुनिक रूप से सबसे पहला सफल जूट मिल वर्ष 1855 में पश्चिम बंगाल के रिसड़ा में स्थापित किया गया था।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'स्वर्ण चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना भारत के चार महानगरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता) को जोड़ने वाली छह-लेन वाली राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना है, जिसका प्रबंधन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की वायुमंडलीय प्रणालियों, चक्रवातों और आर्द्रता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) केवल जलीय सतहों पर उत्पन्न होते हैं और उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तुलना में इनका आकार बहुत छोटा लेकिन तीव्र विनाशकारी होता है।
2. 'कोरिऑलिस बल' (Coriolis Force) पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होता है, जो उत्तरी गोलार्ध में पवनों को दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है, तथा भूमध्य रेखा पर यह बल अधिकतम होता है।
3. ओस (Dew) का निर्माण तब होता है जब संघनन O°C से ऊपर के तापमान पर ओस बिंदु (Dew Point) से नीचे होता है, जिससे जलवाष्प सीधे सूक्ष्म जल की बूंदों के रूप में ठंडी सतहों पर जमा हो जाती है।
4. जेट स्ट्रीम (Jet Streams) क्षोभमंडल की ऊपरी परतों में तीव्र गति से चलने वाली संकीर्ण हवा की धाराएँ हैं, जिनमें 'ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम' (Polar Front Jet Stream) भारत में सर्दियों के मौसम में उत्तर-पश्चिम भारत में होने वाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) की वर्षा को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की क्रियाविधियों और सुनामी तरंगों के संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक (P) तरंगें अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की तरह ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक (S) तरंगें अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं और ये केवल ठोस माध्यम में ही संचरित हो सकती हैं।
2. 'शिल्ड ज्वालामुखी' (Shield Volcanoes) अत्यधिक चिपचिपी और सिलिका-समृद्ध अम्लीय लावा से निर्मित होते हैं, जो विस्फोटक उद्गार के जरिए तेजी से ठंडे होकर ऊँचे शकुन या शंकु (Cones) बनाते हैं।
3. सुनामी (Tsunami) तरंगें गहरे महासागरों में बहुत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम ऊँचाई वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इसका आभास नहीं होता, किंतु उथले तटों पर पहुँचने पर इनकी गति कम हो जाती है और इनकी ऊँचाई अत्यधिक बढ़ जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भूकंप का 'अधिकरण' (Epicenter) वह बिंदु होता है जो पृथ्वी की सतह पर ठीक 'अवरोध या फोकस' (Focus/Hypocenter) के लंबवत ऊपर स्थित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों और उनके रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदाएँ मुख्यतः रवेदार और रूपांतरित चट्टानों पर लोहे के व्यापक विसरण (Diffusion) के कारण विकसित होती हैं, और इनमें सिलिका, चूना, नाइट्रोजन तथा ह्यूमस की मात्रा कम होती है, जबकि फेरिक ऑक्साइड की अधिकता के कारण इनका रंग लाल होता है।
2. लैटेराइट मृदा उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) का परिणाम है, जिसमें चूना और सिलिका का निक्षालन हो जाता है तथा मृदा में लोहा और एल्युमिनियम के यौगिक शेष बच जाते हैं, जो काजू और टैपिओका की कृषि के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
3. काली मृदा (रेगुर मृदा) का निर्माण दक्कन ट्रैप के बेसाल्ट लावा के अपक्षय से हुआ है, और इसमें जल धारण करने की अद्भुत क्षमता पाई जाती है, जिसके कारण शुष्क मौसम में इसमें स्वतः गहरी दरारें पड़ जाती हैं, किंतु इसमें फास्फोरस, नाइट्रोजन और जैविक पदार्थों की प्रचुरता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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