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Geography
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भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक प्रदेशों और परिवहन तंत्र (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल व जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हुगली औद्योगिक प्रदेश (Hooghly Industrial Region) भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है, जिसका विकास मुख्य रूप से दामोदर घाटी कोयला क्षेत्रों की निकटता, हुगली नदी के नौगम्य जलमार्ग और ब्रिटिश काल में जूट उद्योग की प्रारंभिक स्थापना के कारण हुआ था।
- 2. राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 (NW-1) प्रयागराज से हल्दिया तक गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली पर स्थित देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1,620 किलोमीटर है।
- 3. भारत का पहला सूती वस्त्र कारखाना 1854 में बॉम्बे (मुंबई) में कवासजी डाबर द्वारा स्थापित किया गया था, जबकि आधुनिक रूप से सबसे पहला सफल जूट मिल वर्ष 1855 में पश्चिम बंगाल के रिसड़ा में स्थापित किया गया था।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'स्वर्ण चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना भारत के चार महानगरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता) को जोड़ने वाली छह-लेन वाली राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना है, जिसका प्रबंधन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूरी तरह से सत्य हैं। 1. हुगली औद्योगिक प्रदेश का विकास जूट उद्योग, कोयले की प्राप्ति और हुगली नदी के जलमार्ग के कारण हुआ था। 2. राष्ट्रीय जलमार्ग 1 (NW-1) प्रयागराज से हल्दिया के बीच गंगा-भागीरथी-हुगली नदी पर स्थित देश का सबसे लंबा जलमार्ग है (लंबाई लगभग 1,620 किमी)। 3. भारत में आधुनिक सूती वस्त्र उद्योग की पहली सफल मिल 1854 में मुंबई में तथा पहली जूट मिल 1855 में रिसड़ा (पश्चिम बंगाल) में लगाई गई थी। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार स्वर्ण चतुर्भुज परियोजना देश के चार प्रमुख महानगरों को आपस में जोड़ने वाली एक बहु-लेन राजमार्ग परियोजना है।
Related Questions
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भारत की मृदा प्रणालियों और उनके विशिष्ट वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदा का विकास मुख्य रूप से दक्कन पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में रवेदार आग्नेय चट्टानों पर कम वर्षा वाले क्षेत्रों में होता है, तथा जल के साथ मिलने पर लौह ऑक्साइड के जलयोजन (Hydration) के कारण यह पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है।
2. शुष्क और मरुस्थलीय मृदाओं (Arid Soils) का विस्तार मुख्य रूप से अरावली के पश्चिम में थार मरुस्थल क्षेत्र में पाया जाता है, जिनमें ह्यूमस और नाइट्रोजन की मात्रा नगण्य तथा कैल्शियम कार्बोनेट की अधिकता के कारण नीचे की परतों में 'कंकड़' की परत पाई जाती है।
3. पीट और दलदली मृदाएँ (Peaty and Marshy Soils) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत कार्बनिक पदार्थों के बड़े पैमाने पर संचय से विकसित होती हैं, जिनमें पोटाश और फॉस्फोरस की प्रचुरता होती है, जिससे ये मृदाएँ धान की खेती के लिए सबसे कम उपजाऊ मानी जाती हैं।
4. पर्वतीय और वन मृदाएँ (Forest and Mountain Soils) मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाती हैं, जहाँ ढाल के अनुसार इनकी बनावट में भिन्नता पाई जाती है, तथा घाटियों के निचले हिस्सों में ये मृदाएँ अधिक उपजाऊ और अम्लीय प्रकृति की होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जलवायु और मानसूनी वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर-पश्चिम भारत में ग्रीष्मकालीन मानसून के दौरान होने वाली वर्षा की मात्रा पूर्व से पश्चिम की ओर घटती जाती है, जिसका मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी की शाखा द्वारा नमी का धीरे-धीरे कम होना और अरावली पर्वतमाला का मानसूनी हवाओं के समानांतर स्थित होना है।
2. पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढालों पर 200 सेमी से अधिक भारी वर्षा होती है, जबकि इसके ठीक पूर्व में स्थित वृष्टिछाया क्षेत्र (Rain shadow region), जैसे कि दक्कन के पठार का आंतरिक भाग, 'वर्षा की छाया' के कारण बहुत कम (50 सेमी से कम) वर्षा प्राप्त करता है।
3. 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) भूमध्य सागर क्षेत्र से उत्पन्न होने वाली शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातीय प्रणालियाँ हैं, जो शीतकाल में उत्तर-पश्चिम भारत (पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में हल्की वर्षा या 'मावत' लाती हैं, जो रबी की फसलों (विशेषकर गेहूँ) के लिए अत्यंत लाभदायक होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उत्तर-पूर्वी भारत के मेघालय पठार पर स्थित चेरापूंजी और मावसिनराम में विश्व की सर्वाधिक औसत वार्षिक वर्षा का मुख्य कारण मेघालय कीप (Funnel) जैसी पहाड़ी स्थलाकृति है, जहाँ बंगाल की खाड़ी की मानसूनी हवाएँ खासी, गारो और जयंतिया पहाड़ियों के बीच फंसकर अत्यधिक संघनन के कारण मूसलाधार वर्षा करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विश्व की प्रमुख नदियों और उनके किनारे स्थित ऐतिहासिक एवं प्रमुख नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'बुडापेस्ट' (Budapest) शहर 'डैन्यूबु' (Danube) नदी के तट पर स्थित है, जो हंगरी की राजधानी है और इस नदी को दो भागों (बुडा और पेस्ट) में विभाजित करती है।
2. 'शंघाई' (Shanghai) शहर चीन की प्रसिद्ध 'यांग्त्सी' (Yangtze) नदी के मुहाने पर पूर्वी चीन सागर के तट पर स्थित है, जो देश का सबसे बड़ा वित्तीय और वाणिज्यिक केंद्र है।
3. 'वियना' (Vienna) और 'बेलग्रेड' (Belgrade) दोनों प्रमुख यूरोपीय राजधानियाँ क्रमशः 'सीन' और 'हाइवे' नदियों के किनारे बसी हुई हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रूस की राजधानी 'मॉस्को' (Moscow) 'मोस्कवा नदी' (Moskva River) के तट पर स्थित है, जो वोल्गा नदी प्रणाली का एक प्रमुख हिस्सा है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूपर्पटी (Crust) के रासायनिक संघटन और चट्टानों के चक्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में भार के अनुसार सर्वाधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व ऑक्सीजन है, जिसके बाद सिलिकॉन, एल्युमिनियम और लोहा का स्थान आता है, जबकि संपूर्ण पृथ्वी (Whole Earth) के स्तर पर लोहे (Iron) की मात्रा सर्वाधिक होती है।
2. 'बेसाल्टिक मैग्मा' (Basaltic Magma) में सिलिका की मात्रा कम (लगभग 45-55%) होती है, जिसके कारण यह अधिक तरल और कम चिपचिपा होता है, और इसके शीतलन से आग्नेय चट्टानें बनती हैं जो प्रायः क्षारीय और फेरोमैग्नेशियन खनिजों से समृद्ध होती हैं।
3. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) केवल अवसादी चट्टानों के अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से अपने रूप परिवर्तन के फलस्वरूप बनती हैं, तथा आग्नेय चट्टानों का कायांतरण (Metamorphism) इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों (शैल चक्र) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की क्रस्ट (Crust) और मेंटल के ऊपरी भाग को मिलाकर 'स्थलमंडल' (Lithosphere) कहा जाता है, जिसकी औसत मोटाई लगभग 10 से 200 किमी के बीच होती है और यह दुर्बलतामंडल (Asthenosphere) के ऊपर तैरती है।
2. 'ग्रैनाइट' (Granite) एक अंतर्भेदी आग्नेय चट्टान (Intrusive Igneous Rock) है, जो मैग्मा के पृथ्वी की सतह के नीचे धीरे-धीरे ठंडे होने से बनती है और इसमें क्वार्ट्ज तथा फेल्डस्पार खनिजों की बहुलता होती है।
3. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) पृथ्वी की सतह पर परत-दर-परत निक्षेपण के फलस्वरूप बनती हैं, और इसी कारण इनमें जीवाश्मों (Fossils) के पाए जाने की सर्वाधिक संभावना होती है, जबकि कायांतरित चट्टानें पूरी तरह से जीवाश्म मुक्त होती हैं।
4. कायांतरण (Metamorphism) की प्रक्रिया के दौरान अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से चूना पत्थर (Limestone) संगमरमर (Marble) में और बलुआ पत्थर (Sandstone) क्वार्ट्जाइट में परिवर्तित हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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