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Geography
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भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति का मुख्य कारण ग्रीष्मकाल में भारतीय उपमहाद्वीप पर अत्यधिक ताप के कारण तीव्र निम्न वायुदाब (Low Pressure) का विकास है, जिससे मेडागास्कर के पूर्व में हिंद महासागर पर उच्च वायुदाब से हवाएँ दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनों के रूप में भूमध्य रेखा को पार करके दक्षिण-पश्चिम मानसून में परिवर्तित हो जाती हैं।
  2. 2. 'मानसून प्रस्फोट' (Monsoon Burst) मुख्य रूप से बंगाल की खाड़ी की शाखा द्वारा असम और मेघालय की पहाड़ियों पर अचानक होने वाली मूसलाधार वर्षा को कहा जाता है, जो पूर्वोत्तर भारत में ग्रीष्मकालीन मानसून के प्रवेश का प्रतीक है।
  3. 3. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) शीतकाल के दौरान भूमध्यसागरीय क्षेत्र से उत्पन्न होने वाली शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातीय प्रणालियाँ हैं, जो जेट स्ट्रीम के प्रभाव से भारत के उत्तर-पश्चिम भागों में वर्षा (महावत) लाती हैं, जो रबी फसलों (विशेषकर गेहूँ) के लिए अत्यंत लाभदायक होती हैं।
  4. 4. मानसून का निवर्तन (Retreating Monsoon) मुख्य रूप से अक्टूबर और नवंबर के महीनों में होता है, जिसके दौरान आसमान साफ हो जाता है और उच्च तापमान तथा आर्द्रता के संयोजन से 'अक्टूबर की गर्मी' (October Heat) जैसी असहज स्थिति उत्पन्न होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति भूमध्य रेखा पार करने वाली दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनों और भारतीय उपमहाद्वीप पर बने तापीय निम्न दाब के अंतर के कारण होती है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'मानसून प्रस्फोट' (Monsoon Burst) मुख्य रूप से केरल तट पर अरब सागर की शाखा के अचानक और मूसलाधार वर्षा के साथ आगमन को कहा जाता है, न कि पूर्वोत्तर में बंगाल की खाड़ी की शाखा को। कथन 3 सही है, पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर से आते हैं और उत्तर-पश्चिम भारत में रबी फसलों के लिए वरदान साबित होते हैं। कथन 4 सही है, शरद ऋतु में मानसून के लौटने के समय 'अक्टूबर हीट' की स्थिति बनती है। विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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