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Geography
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की अवस्थिति और उनके geological संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत में मिलने वाला लगभग 98% से अधिक कोयला 'गोडवाना क्रम' की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दाम्बा, महानदी, गोदावरी और सोन नदी घाटियों में संकेंद्रित है, और यह उच्च कोटि का बिटुमिनस कोयला है जिसमें गंधक (Sulfur) की मात्रा बहुत कम होती है।
  2. 2. 'मुंबई हाई' (Mumbai High) क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा अपतटीय पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है, जिसकी खोज वर्ष 1974 में की गई थी, और यहाँ पेट्रोलियम का मुख्य उत्पादन 'मिशेल कै L-III' (Miocene Limestone) संस्तर से होता है।
  3. 3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए आवश्यक 'यूरेनियम' के प्रमुख भंडार झारखंड के जादूगोड़ा के अतिरिक्त मेघालय के 'डोंगयहृल' (Domiasiat) क्षेत्र और आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ली (तुम्मलपल्ले) में स्थित हैं, जहाँ डोलोमाइट और चूना पत्थर की चट्टानों में यूरेनियम का संचय पाया जाता है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का पहला कोयला खनन स्थल पश्चिम बंगाल का 'रानीगंज' क्षेत्र है, जहाँ वर्ष 1774 में ईस्ट इंडिया कंपनी के समय वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हुआ था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1. भारत का अधिकांश कोयला (लगभग 98%) गोंडवाना क्रम की चट्टानों से मिलता है जो बिटुमिनस प्रकार का है और इसमें सल्फर कम तथा राख अधिक होती है। 2. मुंबई हाई में तेल का मुख्य भंडार मियोसीन युग के चूना पत्थर (Miocene Limestone - L-III संस्तर) में पाया जाता है। 3. यूरेनियम के भंडार झारखंड के जादूगोड़ा के साथ-साथ आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ली और मेघालय के डोमिएसियात में विस्तृत हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में कोयले का प्रथम उत्खनन रानीगंज (पश्चिम बंगाल) में 1774 में जॉन समर और सुएटल ग्रीव्स द्वारा शुरू किया गया था। अतः सभी चार कथन सही हैं।
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