त्वरित लिंक्स
General Science
13 views
किसी प्रथम कोटि (First Order) की अभिक्रिया का अर्द्ध-आयु काल (Half-life) किसके समानुपाती होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्रथम कोटि की अभिक्रिया का अर्द्ध-आयु काल अभिकारक की प्रारंभिक सांद्रता पर निर्भर नहीं करता।
Related Questions
→
विशिष्ट ऊष्मा क्षमता (Specific Heat Capacity) और ऊष्मागतिकी के विभिन्न तापमान पैमानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जल की विशिष्ट ऊष्मा क्षमता अत्यधिक उच्च होने के कारण यह एक उत्कृष्ट शीतलक (Coolant) के रूप में कार्य करता है, जिसका अर्थ है कि यह न्यूनतम तापमान परिवर्तन के साथ बड़ी मात्रा में ऊष्मा को अवशोषित या विमुक्त कर सकता है।
2. केल्विन पैमाने पर व्यक्त किया जाने वाला तापमान निरपेक्ष तापमान (Absolute temperature) कहलाता है, और इस पैमाने पर 'त्रिक बिंदु' (Triple point) वह स्थिति है जहाँ जल की तीनों अवस्थाएँ (ठोस, द्रव और गैस) तापीय साम्यावस्था में सह-अस्तित्व में रहती हैं।
3. रुद्धोष्म प्रक्रिया (Adiabatic process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान हो सकता है, बशर्ते कि निकाय की कुल आंतरिक ऊर्जा नियत बनी रहे।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
प्रकाश गमन?
→
वस्तु को देखने के लिए प्रकाश का क्या आवश्यक है?
→
मानव शरीर में जैविक अणुओं, पोषण और विटामिनों की चयापचय क्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन B$_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विघटनीय विटामिन है जो यकृत (Liver) में कई वर्षों तक संचित रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की पैराइटल कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) अनिवार्य होता है।
2. 'क्वाशियोकोर' (Kwashiorkor) रोग गंभीर प्रोटीन की कमी के कारण होता है जिसमें ऊर्जा की कमी प्रमुख नहीं होती, जबकि 'मरास्मस' (Marasmus) प्रोटीन और कुल कैलोरी दोनों की गंभीर कमी से उत्पन्न होने वाला विकार है जो आमतौर पर शिशुओं में देखा जाता है।
3. जल-में-घुलनशील विटामिन (जैसे विटामिन C और B समूह के विटामिन) शरीर में आसानी से संग्रहित हो जाते हैं, जिसके कारण इनकी दैनिक आवश्यकता नहीं होती और इनके अत्यधिक सेवन से 'हाइपरविटामिनोसिस' की स्थिति उत्पन्न होती है।
4. हमारे शरीर में 'आवश्यक वसीय अम्ल' (Essential fatty acids), जैसे लिनोलिक और लिनोलेनिक अम्ल, का संश्लेषण स्वतः नहीं हो सकता है, इसलिए इन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना आवश्यक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक होने पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, और इस स्थिति में विरल माध्यम में अपवर्तित किरण का वेग शून्य हो जाता है।
2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो वह लेंस अपनी प्रकृति बदल लेता है और अवतल लेंस (अपसारी लेंस) की तरह व्यवहार करने लगता है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि वस्तु को अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र ($C$) और फोकस ($F$) के बीच रखा जाता है, तो उसका वास्तविक, उल्टा और वस्तु से बड़ा प्रतिबिंब वक्रता केंद्र से परे (परे $C$) बनता है।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन के दौरान, परावर्तित प्रकाश की कुल तीव्रता आपतित प्रकाश की तीव्रता के 100% के बराबर होती है क्योंकि इस परिघटना में माध्यम द्वारा प्रकाश का कोई अवशोषण या आंशिक अपवर्तन नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.