Geography
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ विस्तारित भाग होता है, जिसकी औसत ढलान कम होती है और यह क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मतस्यन (Fishing) क्षेत्रों में गिने जाते हैं क्योंकि यहाँ सूर्य का प्रकाश महासागरीय नितल तक आसानी से पहुँच जाता है।
- 2. 'अपसौर' (Aphelion) और 'उपसौर' (Perihelion) की खगोलीय स्थितियाँ ज्वार-भाटा की ऊँचाई को प्रभावित करती हैं, जिसमें जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे पास (उपभू स्थिति) होता है, तो सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 20% ऊँचा 'बृहत् ज्वार' उत्पन्न होता है।
- 3. 'मैगलन जलसंधि' (Strait of Magellan) दक्षिण अमेरिका के मुख्य भूभाग और टिएरा डेल फुएगो द्वीपसमूह के बीच स्थित एक प्राकृतिक जलमार्ग है, जो प्रशांत महासागर को अटलांटिक महासागर से जोड़ती है।
- 4. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) मलय प्रायद्वीप और सुमात्रा द्वीप के बीच स्थित है, जो दक्षिण चीन सागर को अंडमान सागर (हिंद महासागर) से जोड़ती है और विश्व के सबसे व्यस्त व्यापारिक मार्गों में से एक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और जलसंधियों के भौगोलिक दृष्टिकोण से पूर्णतः सत्य हैं। महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का उथला सीमांत भाग होता है जहाँ प्लवक (Plankton) के विकास के लिए अनुकूल दशाएँ मिलने के कारण यह मछली पकड़ने का प्रमुख केंद्र बनता है। चंद्रमा की 'उपभू' (Perigee) और सूर्य की 'उपसौर' (Perihelion) स्थितियाँ ज्वार की शक्ति को अत्यधिक बढ़ा देती हैं। मैगलन जलसंधि और मलक्का जलसंधि वैश्विक समुद्री परिवहन के अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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भारत में सिंचाई प्रणालियों, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों के संदर्भ में…
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भारत की मृदा प्रणालियों और उनके विशिष्ट रासायनिक तथा भौतिक…
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पवन प्रणालियों, आर्द्रता के प्रकारों और चक्रवातों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'नार्वेस्टर' (Norwesters) या 'काल बैसाखी' स्थानीय रूप से उत्पन्न होने वाली तड़ित झंझावात (Thunderstorms) हैं, जो मुख्य रूप से असम और पश्चिम बंगाल राज्यों में ग्रीष्मकाल के अंत में आती हैं और चाय, जूट तथा धान की फसलों के लिए अत्यधिक लाभकारी होती हैं।
2. सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) किसी वायु parcel में मौजूद जलवाष्प के वास्तविक भार और उसी तापमान पर उस वायु की अधिकतम जलवाष्प धारण करने की क्षमता का अनुपात होती है, और यह तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है।
3. 'फॉन' (Foehn) एक स्थानीय गर्म और शुष्क पवन है, जो आल्प्स पर्वत को पार करते समय उसकी उत्तर की ढलान पर नीचे उतरती है, जिससे घाटी के क्षेत्रों में बर्फ जल्दी पिघलती है और अंगूर की फसल पकने में सहायता मिलती है।
4. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के विपरीत, शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) केवल महासागरों पर उत्पन्न होते हैं और इनमें उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तरह कोई स्पष्ट 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) नहीं पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों और उनके विशिष्ट वितरण तथा विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) देश के कुल क्षेत्रफल का सबसे बड़ा हिस्सा कवर करती है, जो मुख्य रूप से सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदानों में पाई जाती है और इसमें पोटाश तथा चूना प्रचुर मात्रा में होते हैं, जबकि फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है।
2. लाल और पीली मृदा (Red and Yellow Soils) का रंग मुख्य रूप से क्रिस्टलीय और रूपांतरित चट्टानों में लोहे के व्यापक विसरण के कारण लाल होता है, तथा जलयोजन (Hydration) के बाद यह निचले क्षेत्रों में पीले रंग की दिखाई देती है।
3. क्षारीय और लवणीय मृदाओं को भारत के विभिन्न क्षेत्रों में 'कल्लर', 'उह्र', और 'रूर' के नाम से जाना जाता है, और इन मृदाओं में नाइट्रोजन और जिप्सम की अत्यधिक अधिकता होती है, जिससे यह धान की खेती के लिए सर्वोत्तम होती हैं।
4. पीट और दलदली मृदा (Peaty and Marshy Soils) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत जैविक पदार्थों के बड़े पैमाने पर संचय से बनती हैं, जो सामान्यतः भारी और काले रंग की होती हैं तथा इनमें अत्यधिक मात्रा में घुलनशील लवण पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और उनसे संबंधित झीलों या जलाशयों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गोविन्द सागर झील' (Gobind Sagar Lake) भाखड़ा नांगल परियोजना के अंतर्गत सतलुज नदी पर निर्मित एक कृत्रिम जलाशय है, जो भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झीलों में से एक है।
2. 'सरदार सरोवर परियोजना' नर्मदा नदी पर गुजरात में स्थित है, और इसके पीछे बने जलाशय का नाम 'गोविन्द बल्लभ पंत सागर' रखा गया है, जो मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है।
3. 'नागार्जुन सागर परियोजना' कृष्णा नदी पर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित है, जिसके जलाशय का उपयोग सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन दोनों के लिए किया जाता है।
4. 'हीराकुंड बांध' महानदी पर ओडिशा में संबलपुर के पास बनाया गया दुनिया के सबसे लंबे मिट्टी के बांधों में से एक है, जिसके पीछे 'महाकाली जलाशय' का निर्माण हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित है, जिससे होकर सतलुज नदी तिब्बत से भारत में प्रवेश करती है, और यह भारत एवं चीन के बीच एक प्रमुख व्यापारिक सीमा चौकी है।
2. 'बनिहाल दर्रा' (Banihal Pass) पीर पंजाल श्रेणी के पश्चिमी भाग में स्थित है, जो जम्मू को श्रीनगर से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है और इसी दर्रे के नीचे प्रसिद्ध 'जवाहर सुरंग' तथा 'बनिहाल-काजीगुंड रेलवे सुरंग' बनाई गई है।
3. 'नीति दर्रा' (Niti Pass) उत्तराखंड राज्य में महान हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जो उत्तराखंड को तिब्बत के मानसरोवर और कैलाश पर्वत क्षेत्र से जोड़ता है।
4. 'यांग्याप दर्रा' (Yangyap Pass) अरुणाचल प्रदेश के उत्तर-पूर्वी कोने में स्थित है, जिससे होकर ब्रह्मपुत्र नदी (तिब्बत में 'त्सांगपो') भारत के अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
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