BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
10 views

भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और झीलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'इडुक्की जलविद्युत परियोजना' (Idukki Hydroelectric Project) पेरियार नदी पर केरल राज्य में स्थित एक चाप बाँध (Arch Dam) है, जो पश्चिमी घाट की कार्डामोम पहाड़ियों के बीच बनाई गई एक कृत्रिम झील का उपयोग करती है।
  2. 2. 'गोविंद वल्लभ पंत सागर' (Govind Ballabh Pant Sagar), जो रिहंद नदी पर रिहंद बाँध के निर्माण से बनी भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील (मानव निर्मित जलाशय) है, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है।
  3. 3. 'चैत्यगिरि' या 'तुंगभद्रा बहुउद्देशीय परियोजना' कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की एक संयुक्त परियोजना है, जिसमें तुंगभद्रा नदी पर हॉस्पिट के समीप बाँध बनाकर 'पम्पा सागर' जलाशय का निर्माण किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। इdukki (इडुक्की) बाँध पेरियार नदी पर बना भारत का एक प्रमुख डबल-कर्व आर्क डैम है। रिहंद बाँध परियोजना के तहत सोन की सहायक रिहंद नदी पर बना गोविंद वल्लभ पंत सागर देश की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है। तुंगभद्रा परियोजना कृष्णा नदी की प्रमुख सहायक तुंगभद्रा पर स्थित है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets) और उनकी खगोलीय विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सभी बाह्य ग्रहों (बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून) के पास अपने स्वयं के वलय (Ring Systems) मौजूद हैं, जो मुख्य रूप से धूलकणों, चट्टानी टुकड़ों और बर्फ के छोटे कणों से बने हैं। 2. 'शनि' ग्रह का घनत्व जल के घनत्व से भी कम है, जिसका अर्थ है कि यदि इसे इतने बड़े महासागर में डाला जाए जहाँ यह समा सके, तो यह उस पर तैरने लगेगा। 3. 'नेपच्यून' सौर मंडल का सबसे दूर स्थित ग्रह है, जिसके वायुमंडल में मीथेन गैस की प्रचुरता के कारण यह गहरे नीले रंग का दिखाई देता है और इसके पास सौर मंडल का सबसे तीव्र गति से चलने वाला पवन तंत्र (Supersonic Winds) पाया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले भी विद्यमान थीं और इन्होंने उत्थान के साथ-साथ अपनी घाटियों को गहरा करके गार्ज (Gorges) का निर्माण किया है। 2. प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश प्रमुख नदियाँ (जैसे महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी) पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं और डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और ताप्ती नदियाँ भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होकर बहती हुई अरब सागर में गिरती हैं और ऐश्वरी (Estuary) बनाती हैं। 3. 'लूनी नदी' अरावली श्रेणी के निकट पुष्कर से दो धाराओं—सारस्वत और साबरमती के रूप में निकलती है और थार मरुस्थल से प्रवाहित होते हुए अंततः कच्छ के रण के दलदली क्षेत्र में विलुप्त हो जाती है, जो अंतःस्थलीय (Inland) अपवाह तंत्र का एक प्रमुख उदाहरण है। 4. ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में 'सांगपो' के नाम से पूर्व दिशा में बहती है और अरुणाचल प्रदेश में 'दिहंग' के रूप में प्रवेश करती है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारतीय मृदाओं (मिट्टी) के वर्गीकरण, उनकी रासायनिक विशेषताओं और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) देश के कुल क्षेत्रफल का सबसे बड़ा हिस्सा घेरती है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से नदियों द्वारा लाई गई तलछट के निक्षेपण से होता है, और इसमें खादर मृदा पुरानी जलोढ़ होती है जिसमें कंकड़ या कैल्सियम कार्बोनेट ग्रंथियों की प्रचुरता पाई जाती है। 2. काली मृदा (Black Soil), जिसे 'रेगुर मृदा' भी कहा जाता है, मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप क्षेत्र में बेसाल्ट चट्टानों के अपक्षय से बनती है, और इसमें अत्यधिक आर्द्रता होने पर यह चिपचिपी हो जाती है तथा सूखने पर इसमें चौड़ी और गहरी दरारें पड़ जाती हैं, जिससे इसमें स्वतः जुताई (Self-ploughing) का गुण पाया जाता है। 3. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil) का विकास मानसूनी जलवायु के अंतर्गत उच्च तापमान और भारी वर्षा के बीच वैकल्पिक रूप से शुष्क और आर्द्र स्थितियों के दौरान तीव्र निक्षालन (Leaching) के फलस्वरूप होता है, जिसमें सिलिका का पूर्णक्षय हो जाता है और केवल आयरन व एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बचते हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शुष्क और मरुस्थलीय मृदाओं (Arid Soils) में घुलनशील लवणों और फॉस्फोरस की अधिकता होती है, जबकि नाइट्रोजन की कमी पाई जाती है और कैल्सियम की मात्रा नीचे की परतों में बढ़ने के कारण कंकड़ की परत बन जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? अग्निजन्य चट्टानों (Igneous Rocks) का निर्माण कैसे होता है? महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) के वितरण, उनकी उत्पत्ति के कारकों और उनके क्षेत्रीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'फोकलैंड जलधारा' (Falkland Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो अंटार्कटिका के ठंडे जल को उत्तर की ओर लाते हुए दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट (अर्जेन्टीना के तट) के सहारे प्रवाहित होती है। 2. उत्तरी गोलार्ध के उच्च अक्षांशों में 'अलास्का जलधारा' (Alaska Current) एक ठंडी जलधारा का प्रमुख उदाहरण है, जो उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट पर उत्तर की ओर बहते हुए वहाँ के तटीय तापमान को अत्यधिक हिमाच्छादित कर देती है। 3. 'पश्चिमी ऑस्ट्रेलेई जलधारा' (West Australian Current) हिंद महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट के सहारे दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और इस क्षेत्र में शुष्क जलवायु तथा मरुस्थलीकरण के विकास में सहायक होती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय जलधाराओं की दिशा में मौصमी परिवर्तन (Seasonal Reversal) मुख्य रूप से उत्तरी हिंद महासागर में मानसूनी हवाओं के प्रभाव के कारण स्पष्ट रूप से देखा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.