त्वरित लिंक्स
Geography
9 views
भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'जोजी ला दर्रा' (Zoji La) महान हिमालय श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है और इसका निर्माण सिंधु नदी की सहायक नदी द्वारा हुआ है।
- 2. 'नीति दर्रा' और 'माना दर्रा' दोनों उत्तराखंड राज्य में तिब्बत सीमा के पास स्थित हैं, जो भारत को तिब्बत से जोड़ते हैं और ये कैलाश-मानसरोवर यात्रा के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग प्रदान करते हैं।
- 3. 'यांग्याप दर्रा' (Yangyap Pass) अरुणाचल प्रदेश के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित है, जिसके पास से ही ब्रह्मपुत्र नदी ('दिहंग' के रूप में) भारत में प्रवेश करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। जोजी ला दर्रा जास्कर रेंज (महान हिमालय का हिस्सा) में स्थित है जो श्रीनगर और लेह को जोड़ता है। नीति और माना दर्रे उत्तराखंड में स्थित हैं और प्राचीन काल से ही तिब्बत के साथ व्यापार और तीर्थयात्रा का मार्ग रहे हैं। यांग्याप दर्रा अरुणाचल प्रदेश में स्थित है और ब्रह्मपुत्र नदी इसी के निकट भारत में प्रवेश करती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
→
चक्रवातों (Cyclones) और पवन प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के केंद्र में 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) स्थित होती है, जो अत्यंत शांत, मेघ-रहित क्षेत्र होता है जहाँ वायुदाब न्यूनतम और तापमान उच्चतम होता है।
2. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) केवल महासागरीय सतहों पर ही उत्पन्न होते हैं और उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तुलना में इनका आकार बहुत छोटा लेकिन हवाओं की गति अत्यंत तीव्र होती है।
3. कोरिओलिस बल (Coriolis Force) पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाला एक आभासी बल है, जो उत्तरी गोलार्ध में पवनों को उनकी मूल दिशा के दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है, तथा भूमध्य रेखा पर इसका मान शून्य होता है।
4. जेट स्ट्रीम (Jet Streams) क्षोभमंडल की ऊपरी परतों में अत्यधिक तीव्र गति से बहने वाली संकीर्ण हवा की धाराएँ हैं, जो मौसम के मिजाज और उपोष्ण कटिबंधीय उच्च दाब पेटियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारतीय मृदाओं की विशेषता और उनके वितरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदा का विकास दक्कन पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में रवेदार आग्नेय चट्टानों पर कम वर्षा वाले क्षेत्रों में होता है, तथा जल के साथ मिलने पर लौह ऑक्साइड के जलयोजन के कारण यह पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है।
2. शुष्क और मरुस्थलीय मृदाओं में ह्यूमस और नाइट्रोजन की मात्रा नगण्य तथा कैल्शियम कार्बोनेट की अधिकता के कारण नीचे की परतों में 'कंकड़' की परत पाई जाती है।
3. 'रर', 'ऊसर' या 'कल्लर' के रूप में पहचानी जाने वाली लवणीय और क्षारीय मृदाओं में सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम के लवण प्रचुर मात्रा में होते हैं, जिसके कारण इनमें नाइट्रोजन और चूने की अधिकता होती है और ये उपजाऊ हो जाती हैं।
4. लैटेराइट मृदा का निर्माण उच्च तापमान और अत्यधिक भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) प्रक्रिया के परिणामस्वरूप होता है, जिसके कारण सिलिका का क्षालन हो जाता है और ऊपरी परत में लौह तथा एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बचते हैं, जो चाय और कॉफी की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों की विशेषताओं और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समताप मंडल (Stratosphere) की ऊपरी सीमा पर तापमान लगभग -60°C तक गिर जाता है, और इसी परत के निचले हिस्से में ओज़ोन गैस की अधिकता पाई जाती है जो पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है, तथा यह परत वाणिज्यिक विमानों की उड़ान के लिए आदर्श मानी जाती है क्योंकि यहाँ मौसम संबंधी उथल-पुथल (जैसे बादल, आंधी-तूफान) नहीं होती है।
2. आयनमंडल (Ionosphere) में स्थित 'डी' (D) और 'ई' (E) परतें रेडियो तरंगों को पृथ्वी की सतह पर परावर्तित करती हैं, जिससे लंबी दूरी के बेतार संचार (Wireless Communication) संभव होते हैं, तथा इन परतों का निर्माण उच्च ऊर्जा वाले सौर विकिरण और पराबैंगनी किरणों द्वारा गैसों के आयनीकरण के कारण होता है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटी (Subtropical High-Pressure Belt) का निर्माण मुख्य रूप से तापीय (Thermal) कारणों से होता है, जहाँ भूमध्य रेखा से उठने वाली गर्म हवाएं ठंडी होकर उत्तर और दक्षिण की ओर उतरती हैं, जिसके कारण यहाँ शांत वायु का क्षेत्र (Horse Latitudes) पाया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार क्षوبमंडल (Troposphere) वायुमंडल की सबसे निचली परत है, जिसमें ऊंचाई में वृद्धि के साथ प्रति 165 मीटर की दर से तापमान में 1°C की गिरावट होती है, जिसे सामान्य ताप पतन दर (Normal Lapse Rate) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, आर्द्रता के प्रकार और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रोज़बी तरंगें' (Rossby Waves) क्षोभमंडल के ऊपरी स्तरों और समताप मंडल में प्रवाहित होने वाली लंबी वायुमंडलीय तरंगें हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन (कोरिऑलिस प्रभाव) और तापमान प्रवणता के कारण जेट स्ट्रीम के मार्ग में विशाल वक्रों (Meanders) के रूप में उत्पन्न होती हैं।
2. 'पर्वतीय वर्षा' (Orographic Rainfall) तब होती है जब आर्द्र पवनें किसी पर्वतीय अवरोध से टकराकर ऊपर उठती हैं, जिसके फलस्वरूप पवन-मुख ढाल (Windward Slope) पर भारी वर्षा होती है, जबकि विपरीत दिशा का वृष्टिछाया क्षेत्र (Rain-shadow Area) शुष्क रहता है।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के केंद्र में 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) स्थित होती है, जो उच्च दाब (High Pressure) का क्षेत्र होती है जहाँ हवाएँ तेजी से नीचे बैठती हैं और आसमान अत्यंत साफ व शांत होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) का निर्माण ध्रुवीय वाताग्र (Polar Front) के सहारे गर्म और ठंडी वायु राशियों के अभिसरण से होता है, जिनका मार्ग सामान्यतः पश्चिम से पूर्व की ओर पछुआ हवाओं द्वारा निर्देशित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
हमारे सौर मंडल के ग्रहों, उनकी आंतरिक गतिशीलता, उपग्रहों और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आंतरिक ग्रह (पार्थिव ग्रह) मुख्य रूप से भारी चट्टानों और सिलिकेट खनिजों से बने होते हैं और उनके घनत्व उच्च होते हैं, जबकि बाह्य ग्रह (जोवियन ग्रह) गैसीय पिंड हैं जिनके घनत्व पार्थिव ग्रहों की तुलना में काफी कम होते हैं।
2. 'ऑर्ट क्लाउड' (Oort Cloud) हमारे सौर मंडल के सबसे बाहरी छोर पर स्थित बर्फीले और धूमकेतु नुमा पिंडों का एक गोलाकार आवरण है, जिसे दीर्घकालिक धूमकेतुओं (Long-period comets) का उद्गम स्थल माना जाता है।
3. शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) ग्रह हमारे सौर मंडल के अन्य ग्रहों के विपरीत दिशा में यानी पूर्व से पश्चिम (Retrograde rotation) की ओर घूर्णन करते हैं, जिसके कारण इन दोनों ग्रहों पर सूर्योदय पश्चिम में और सूर्यास्त पूर्व में होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार बृहस्पति का उपग्रह 'गैनीमेड' (Ganymede) न केवल सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है, बल्कि यह आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसके पास अपना स्वयं का आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र भी मौजूद है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.