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Geography
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भारत में 'सकल कृषि जलवायु क्षेत्रों' (Agro-Climatic Zones) और प्रमुख फसल प्रतिरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. योजना आयोग (अब नीति आयोग) द्वारा भारत को कुल 15 प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिसका मुख्य आधार भौगोलिक दशाएँ, मृदा के प्रकार और तापमान हैं।
- 2. 'धान की गहनता' (Rice Intensification) वाले क्षेत्रों में 'श्री विधि' (System of Rice Intensification - SRI) का उपयोग जल के उपयोग की दक्षता को बढ़ाने तथा प्रति हेक्टेयर उपज में सुधार करने के लिए किया जाता है।
- 3. भारत में जायद ऋतु (Zaid Season) के दौरान उगाई जाने वाली प्रमुख फसलें तरबूज, ककड़ी और चारा फसलें हैं, जिन्हें बढ़ने के लिए कम तापमान और उच्च आर्द्रता की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि योजना आयोग द्वारा भारत को कृषि और जलवायु संबंधी विविधताओं के आधार पर 15 प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है। कथन 2 सही है क्योंकि 'श्री विधि' (SRI) धान उगाने की एक आधुनिक तकनीक है जो कम पानी के उपयोग के साथ जड़ों के बेहतर विकास और अधिक पैदाوار को बढ़ावा देती है। कथन 3 गलत है क्योंकि जायद ऋतु मुख्य रूप से मार्च से जून के बीच की ग्रीष्मकालीन अवधि होती है, जिसमें फसलों के पकने के लिए लंबी धूप और उच्च तापमान की आवश्यकता होती है, न कि कम तापमान की। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में तिब्बत के पठार का अत्यधिक गर्म होना निम्न वायुदाब क्षेत्र का निर्माण करता है, जो दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को भूमध्य रेखा पार करने के बाद फेरल के नियम के कारण दक्षिण-पश्चिमी मानसून हवाओं के रूप में भारत की ओर आकर्षित करता है।
2. 'अल-निनो' (El Nino) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी तट (पेरू के तट) पर जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप पर मानसून की वर्षा में वृद्धि होती है और अत्यधिक बाढ़ की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।
3. 'मैथ्यू मैडेलन इफेक्ट' या 'मैडेन-जुलियन दोलन' (MJO - Madden-Julian Oscillation) एक पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादलों और वर्षा की महासागरीय-वायुमंडलीय प्रणाली है, जो हिंद महासागर के ऊपर भारतीय मानसून के सक्रिय और कमजोर चरणों (Active and Break phases) को प्रभावित करती है।
4. उत्तर भारत के मैदानी भागों में शीतकाल के दौरान होने वाली 'मावठ' (Western Disturbances) भूमध्य सागर क्षेत्र से उठने वाले शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों के कारण होती है, जो रबी की फसलों (विशेषकर गेहूँ) के लिए अत्यंत लाभदायक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की भौगोलिक अवस्थिति, उनके भण्डार और विशेषता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में लिग्नाइट (भूरा कोयला) का सर्वाधिक भंडार 'तमिलनाडु' राज्य के नेवेली बेसिन में पाया जाता है, जबकि देश में एंथ्रेसाइट कोयला मुख्य रूप से जम्मू और कश्मीर के रियासी क्षेत्र में सीमित मात्रा में मिलता है।
2. 'राउरकेला' और 'भिलाई' इस्पात संयंत्रों को मुख्य रूप से 'दंतेवाड़ा' (बैलाडिला) और 'केंदुझर' (किरीबुरू) क्षेत्रों से उच्च कोटि का हेमेटाइट लौह अयस्क प्राप्त होता है।
3. आणविक खनिजों में 'थोरियम' का मुख्य स्रोत 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) है, जो केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की प्लेसर बालू में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का पहला सफल तेल कुआँ 1867 में असम के 'माकूम' (Makum) क्षेत्र में खोदा गया था, जबकि डिगबोई एशिया का सबसे पुराना लगातार संचालित होने वाला तेल क्षेत्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय नितल का सबसे विस्तृत भाग 'महासागरीय मैदान' (Abyssal Plains) होता है, जो महाद्वीपीय ढाल और मध्य-महासागरीय कटक के बीच पाया जाता है।
2. 'अपभू ज्वार' (Apogean Tide) के दौरान चंद्रमा पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी पर होता है, जिसके परिणामस्वरूप सामान्य ज्वार की तुलना में लगभग 20% कम ऊँचा ज्वार उत्पन्न होता है।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है और यह सुमात्र द्वीप (इंडोनेशिया) तथा मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वतीय तंत्रों, पठारों और मरुस्थलों की उत्पत्ति एवं उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'एनाटोलिया का पठार' (Anatolian Plateau) एक अंतरपर्वतीय (Intermontane) पठार है जो पोंटिक और टॉरस पर्वत श्रेणियों के बीच तुर्की में स्थित है, और इसके अधिकांश भाग में शुष्क व अर्ध-शुष्क स्टेपी जलवायु पाई जाती है।
2. 'कोलोरैडो पठार' (Colorado Plateau) एक लावा पठार (Volcanic Plateau) का प्रमुख उदाहरण है, जिसका निर्माण विशाल मात्रा में बेसाल्टिक लावा के धरातल पर फैलने से हुआ है और यहाँ प्रसिद्ध ग्रैंड कैन्यन स्थित है।
3. 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका में एंडीज पर्वत और प्रशांत महासागर के बीच स्थित दुनिया के सबसे शुष्क मरुस्थलों में से एक है, जहाँ वर्षभर चलने वाली ठंडी पेरू (हम्बोल्ट) जलधारा इस क्षेत्र में वर्षा होने से रोकती है।
4. 'तिब्बत का पठार' (Tibetan Plateau) विश्व का सबसे ऊंचा और सबसे बड़ा अंतरपर्वतीय पठार है, जिसकी उत्पत्ति भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के अभिसरण (Convergence) के परिणामस्वरुप हुई है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय तरंगों की गतिकी तथा चट्टानों के वर्गीकरण और कायांतरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कॉनराड असांतत्य (Conrad Discontinuity) ऊपरी भूप्रपर्टी (Upper Crust) और निचली भूप्रपर्टी (Lower Crust) के बीच स्थित होता है, जहाँ घनत्व और प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक परिवर्तन देखा जाता है।
2. 'गुटेनबर्ग असांतत्य' (Gutenberg Discontinuity) मेंटल और बाह्य क्रोड के बीच की सीमा को रेखांकित करता है, जहाँ प्राथमिक तरंगें (P-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं और द्वितीयक तरंगें (S-waves) अपनी अधिकतम गति प्राप्त कर लेती हैं।
3. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) मुख्य रूप से अत्यधिक विवर्तनिक दबाव (Tectonic Pressure) और उच्च तापमान के संयुक्त प्रभाव से विशाल भू-भाग पर चट्टानों के रूप-परिवर्तन को प्रेरित करता है, जिससे शिस्ट (Schist) और नाइस (Gneiss) जैसी पर्णिल (Foliated) चट्टानों का निर्माण होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मोहरोविकिक असांतत्य (Mohorovičić Discontinuity) क्रोड और मेंटल के बीच स्थित है, जबकि लेहमन असांतत्य (Lehmann Discontinuity) बाह्य क्रोड और आंतरिक क्रोड के बीच की सीमा को पृथक् करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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