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Geography
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वतीय तंत्रों, पठारों और मरुस्थलों की उत्पत्ति एवं उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'एनाटोलिया का पठार' (Anatolian Plateau) एक अंतरपर्वतीय (Intermontane) पठार है जो पोंटिक और टॉरस पर्वत श्रेणियों के बीच तुर्की में स्थित है, और इसके अधिकांश भाग में शुष्क व अर्ध-शुष्क स्टेपी जलवायु पाई जाती है।
- 2. 'कोलोरैडो पठार' (Colorado Plateau) एक लावा पठार (Volcanic Plateau) का प्रमुख उदाहरण है, जिसका निर्माण विशाल मात्रा में बेसाल्टिक लावा के धरातल पर फैलने से हुआ है और यहाँ प्रसिद्ध ग्रैंड कैन्यन स्थित है।
- 3. 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका में एंडीज पर्वत और प्रशांत महासागर के बीच स्थित दुनिया के सबसे शुष्क मरुस्थलों में से एक है, जहाँ वर्षभर चलने वाली ठंडी पेरू (हम्बोल्ट) जलधारा इस क्षेत्र में वर्षा होने से रोकती है।
- 4. 'तिब्बत का पठार' (Tibetan Plateau) विश्व का सबसे ऊंचा और सबसे बड़ा अंतरपर्वतीय पठार है, जिसकी उत्पत्ति भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के अभिसरण (Convergence) के परिणामस्वरुप हुई है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि एनाटोलिया का पठार तुर्की में पोंटिक (उत्तर) और टॉरस (दक्षिण) पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित एक प्रमुख अंतरपर्वतीय पठार है। कथन 2 गलत है क्योंकि कोलोरैडो पठार एक विवर्तनिक रूप से उत्थित 'जल-अपवाहित' या 'कटियात्मक' (Dissected) पठार है, न कि विशुद्ध लावा पठार; यह अपनी क्षैतिज चट्टानी परतों और कोलोरैडो नदी द्वारा काटे गए ग्रैंड कैन्यन के लिए प्रसिद्ध है (लावा पठार का प्रमुख उदाहरण कोलम्बिया का पठार है)। कथन 3 सही है क्योंकि अटाकामा मरुस्थल दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर एंडीज पर्वत और प्रशांत महासागर के मध्य स्थित है तथा ठंडी पेरू (हम्बोल्ट) जलधारा के कारण यहाँ वायु में नमी संघनित नहीं हो पाती जिससे अत्यधिक शुष्कता बनी रहती है। कथन 4 सही है क्योंकि तिब्बत का पठार विश्व का सबसे ऊंचा अंतरपर्वतीय पठार है जो भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के टकराव (अभिसरण) से निर्मित हुआ है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भूवैज्ञानिक संरचना तथा परमाणु खनिजों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का अधिकांश कोयला भंडार 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों में पाया जाता है, जिसमें उच्च कोटि का बिटुमिनस कोयला मिलता है, जबकि टर्शरी युगीन कोयला मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में पाया जाता है जिसमें सल्फर की मात्रा अधिक होती है।
2. 'राजस्थान' का जावर क्षेत्र और खेतड़ी बेल्ट तांबे के लिए प्रसिद्ध हैं, जबकि देश में 'परमाणु ऊर्जा' के विकास के लिए आवश्यक यूरेनियम के सबसे बड़े भंडार झारखंड के सिंहभूम जिले (जादुगोड़ा) के अलावा हाल ही में आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ली और तेलंगाना में भी खोजे गए हैं।
3. भारत के अपतटीय (Offshore) क्षेत्रों में 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) देश का सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है, जिसका विकास मध्य Eocene युगीन चूना पत्थर संरचनाओं के आधार पर किया गया है, और यहाँ से तेल निष्कर्षण का कार्य ONGC द्वारा किया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार केरल के तटीय क्षेत्रों की बालू में पाया जाने वाला 'मोनोजाइट' (Monazite) थोरियम का एक प्रमुख अयस्क है, जिससे थोरियम प्राप्त किया जाता है जो भारत के दीर्घकालिक तीन-चरण वाले परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का आधार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनके तापमान संबंधी गुणों और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Pressure Belts) की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'समताप मंडल' (Stratosphere) की ऊपरी सीमा पर तापमान में वृद्धि का मुख्य कारण ओजोन गैस द्वारा पराबैंगनी (UV) विकिरणों का अवशोषण है, और इसी परत के निचले हिस्से में वाणिज्यिक विमानों की उड़ान के लिए अनुकूल आदर्श दशाएँ पाई जाती हैं।
2. 'मध्यमंडल' (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जहाँ ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में भारी गिरावट आती है और इस परत में मध्यमंडल की ऊपरी सीमा पर तापमान -90°C तक पहुँच जाता है।
3. 'उप-ध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटी' (Sub-polar Low-Pressure Belt) एक तापीय रूप से प्रेरित (Thermally induced) पेटी है, जो विषुवत वृत्त से आने वाली गर्म हवाओं और ध्रुवीय क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं के मिलने से उत्पन्न होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'आयनमंडल' (Ionosphere) थर्मोस्फीयर के अंतर्गत स्थित वह परत है जिसमें विद्युत् आवेशित आयन पाए जाते हैं, जो पृथ्वी से प्रेषित रेडियो तरंगों को वापस सतह पर परावर्तित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियाँ और प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में कुल सिंचित क्षेत्र (Net Irrigated Area) का सबसे बड़ा हिस्सा 'नदी नहरों' (Canals) के माध्यम से सिंचित होता है, जिसके बाद दूसरा स्थान नलकूपों और अन्य कुओं का आता है।
2. 'शून्य जुताई' (Zero Tillage) या न्यूनतम जुताई तकनीक मृदा के स्वास्थ्य को बनाए रखने, कार्बन संचयन बढ़ाने और फसल अवशेषों को जलाए बिना सीधे बुवाई करने में सहायक होती है, जो विशेष रूप से चावल-गेहूं फसल चक्र में अपनाई जा रही है।
3. 'धान' एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है जिसे अंकुरण और वृद्धि के समय उच्च तापमान (25°C से अधिक) तथा प्रचुर मात्रा में जल की आवश्यकता होती है, और भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में की जाती है जहाँ वार्षिक वर्षा 100 सेंटीमीटर से अधिक होती है या कृत्रिम सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'श्री विधि' (System of Rice Intensification - SRI) कम पानी, कम बीज और कम रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से धान की पैदावार बढ़ाने की एक आधुनिक कृषि पद्धति है, जिसकी शुरुआत सबसे पहले मेडागास्कर में हुई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ 'पूर्ववर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले भी प्रवाहित होती थीं और उन्होंने उत्थान के साथ-साथ अपनी घाटियों को गहरा करके गहरे महाखड्डों (Gorges) का निर्माण किया है।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ अपनी युवावस्था से परिपक्वता की ओर अग्रसर हैं और इनका मार्ग अधिकांशतः पूर्व निर्धारित तथा असमायोजित होता है, जिसके कारण ये अपने बेसिन में विस्तृत विसर्प (Meanders) और व्यापक बाढ़ के मैदानों का निर्माण करती हैं।
3. कोसी, गंडक और घाघरा जैसी नदियाँ हिमालयी तंत्र का हिस्सा हैं जो अपना जल सीधे गंगा नदी में प्रवाहित करती हैं, जबकि चंबल, बेतवा और केन नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार से निकलकर यमुना नदी के माध्यम से गंगा तंत्र में मिलती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी गोदावरी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है, और यह महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर से निकलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets), उनके उपग्रहों और क्षुद्रग्रह बेल्ट के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बृहस्पति का उपग्रह 'आयो' (Io) सौर मंडल का सबसे अधिक भूगर्भीय रूप से सक्रिय पिंड है, जिसकी सतह पर दर्जनों सक्रिय ज्वालामुखी पाए जाते हैं और इसका मुख्य कारण बृहस्पति तथा अन्य गैलीलियन उपग्रहों के बीच उत्पन्न होने वाला ज्वारीय घर्षण (Tidal Heating) है।
2. 'कॉइपर बेल्ट' (Kuiper Belt) नेपच्यून की कक्षा के परे सूर्य की परिक्रमा करने वाले बर्फीले पिंडों और प्लूटो जैसे बौने ग्रहों का एक विस्तृत क्षेत्र है, जो सौर मंडल के निर्माण के अवशेषों को प्रदर्शित करता है।
3. शनि ग्रह का घनत्व सौर मंडल के सभी ग्रहों में सबसे कम है, इतना कम कि यदि इसे किसी विशाल महासागर में रखा जाए तो यह पानी पर तैरने लगेगा।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार क्षुद्रग्रह बेल्ट (Asteroid Belt) मंगल और शनि ग्रहों के बीच स्थित है, जहाँ हज़ारों छोटे चट्टानी पिंड सूर्य की परिक्रमा करते हैं और यह क्षेत्र आंतरिक स्थलीय ग्रहों को बाह्य गैस दिग्गजों से अलग करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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