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General Science
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाने वाले कोशिका अंगों (Cell organelles) और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर 'क्रिस्टी' (Cristae) नामक उंगली जैसी संरचनाएँ होती हैं, जिन पर 'ऑक्सिसोम' (Oxysomes या $F_0-F_1$ कण) स्थित होते हैं, जो एटीपी ($ATP$) संश्लेषण के लिए ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण को उत्प्रेरित करते हैं।
- 2. खुरदरे अंतःप्रद्रव्यी जालिका (Rough Endoplasmic Reticulum) की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं, जो मुख्य रूप से लिपिड संश्लेषण और स्टेरॉयड हॉर्मोन्स के उपापचय में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
- 3. गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) में 'सिस' (Cis) सिस्टर्नी जो केंद्रक की ओर होती है, परिपक्वकारी (Maturing) या 'ट्रांस' (Trans) सिस्टर्नी से भिन्न होती है, और यह ग्लाइकोसिलेशन (Glycosylation) के माध्यम से प्रोटीन और लिपिड के रूपांतरण का मुख्य केंद्र है।
- 4. लाइसोसोम (Lysosomes) एकल झिल्ली से घिरे ऐसे थैलेनुमा अंगक हैं जिनमें अम्लीय हाइड्रोलैस (Hydrolytic enzymes) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो pH लगभग 5 पर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली के वलय 'क्रिस्टी' बनाते हैं जिन पर $F_0-F_1$ कण (ऑक्सिसोम) होते हैं जो एटीपी निर्माण में सहायक हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि लिपिड और स्टेरॉयड हॉर्मोन्स का संश्लेषण 'चिकनी अंतःप्रद्रव्यी जालिका' (Smooth ER) द्वारा किया जाता है, जबकि खुरदरी अंतःप्रद्रव्यी जालिका प्रोटीन संश्लेषण से जुड़ी होती है। कथन 3 सही है, गॉल्जीकाय की सिस (निर्माणकारी) और ट्रांस (परिपक्वकारी) सतहें होती हैं जहाँ ग्लाइकोसिलेशन जैसी प्रक्रियाएँ होती हैं। कथन 4 सही है, लाइसोसोम एकल झिल्लीयुक्त अंगक हैं जिनमें अम्लीय फॉस्फेटेज और हाइड्रोलेस एंजाइम होते हैं जो कम pH पर सक्रिय रहते हैं। विकिपीडिया संदर्भ।
Related Questions
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन के नामकरण, समवयवता (Isomerism) और रासायनिक अभिक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऐल्केन (Alkanes) श्रृंखला में जैसे-जैसे कार्बन परमाणुओं की संख्या बढ़ती है, श्रृंखला समवयवीयों (Chain isomers) की संख्या भी तेजी से बढ़ती है, उदाहरण के लिए हेप्टेन ($C_7H_{16}$) के कुल 9 संरचनात्मक समवयवी संभव हैं।
2. जब किसी असममित ऐल्कीन पर हाइड्रोजन हैलाइड (जैसे $HBr$) का योग होता है, तो 'मार्कोवनीकॉव नियम' (Markovnikov's rule) के अनुसार ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु पर जुड़تا है जिसके पास हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या न्यूनतम होती है।
3. बेन्जीन ($C_6H_{6}$) में सभी छह कार्बन-कार्बन बंधों की लंबाई समान होती है (लगभग $139\text{ pm}$), जो एकल और द्विबंध के बीच की होती है, और इसका मुख्य कारण डोकैलाइन संरचनाओं (Kekulé structures) के बीच का अनुनाद (Resonance) है।
4. ऐल्काइन्स (Alkynes) में कार्बन-कार्बन त्रिबंध ($C \equiv C$) उपस्थित होता है, जिसमें एक मजबूत सिग्मा बंध और दो कमजोर पाई बंध होते हैं, और ये असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होने के कारण अमोनियायुक्त कॉपर क्लोराइड विलयन के साथ लाल अवक्षेप बनाते हैं यदि वे टर्मिनल ऐल्काइन हों।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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प्रकाश तरंग का माध्यम?
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परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धांत यह प्रतिपादित करता है कि किसी गतिमान सूक्ष्म कण की स्थिति और उसके संवेग का एक साथ यथार्थ निर्धारण करना असंभव है, तथा दोनों में अनिश्चितता का गुणनफल $\Delta x \cdot \Delta p_x \ge \frac{h}{4\pi}$ के बराबर या उससे अधिक होता है।
2. पाऊँ का अपवर्जन नियम (Pauli Exclusion Principle) के अनुसार, किसी परमाणु में किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं का मान सर्वसम (एक समान) हो सकता है, बशर्ते उनका चक्रण (Spin) विपरीत दिशा में हो।
3. आफबाऊ नियम (Aufbau Principle) के अनुसार, परमाणु में इलेक्ट्रॉनों का भरना ऊर्जा के बढ़ते क्रम में होता है, जिसमें किसी कक्षक के लिए ऊर्जा का निर्धारण $(n + l)$ नियम द्वारा किया जाता है, और जिस कक्षक के लिए $(n + l)$ का मान कम होता है, उसकी ऊर्जा कम होती है।
4. हुंड का अधिकतम बहुलकता नियम (Hund's Rule of Maximum Multiplicity) यह बताता है कि समभ्रंश कक्षकों (Degenerate orbitals) में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तब तक प्रारंभ नहीं होता जब तक कि प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन न आ जाए और उनके चक्रण समदिश (Parallel) न हों।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुणों (पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज का सिद्धांत) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह द्वारा न्यूनतम क्षेत्रफल प्राप्त करने की प्रवृत्ति 'पृष्ठ तनाव' (Surface Tension) कहलाती है, जिसका मुख्य कारण अणुओं के बीच लगने वाला ससंजक बल है, और तापमान में वृद्धि होने पर इसका मान घट जाता है।
2. श्यानता (Viscosity) द्रवों और गैसों दोनों का गुण है; जहाँ तापमान बढ़ने पर द्रवों की श्यानता घटती है, वहीं गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है।
3. जब किसी केशिका नली (Capillary tube) को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जो नली की दीवारों को नहीं भिगोता है (जैसे जल और चाँदी का संपर्क), तो द्रव नली के भीतर ऊपर चढ़ने के बजाय नीचे दब जाता है और अवनमन प्रदर्शित करता है।
4. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में डुबोया जाता है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, और इस उत्प्लावन बल का प्रभावकारी केंद्र हटाए गए द्रव के द्रव्यमान केंद्र पर स्थित होता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' कहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र और हॉर्मोनल विनियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रो핀-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीप्त कर ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) के संश्लेषण और स्रावण को प्रेरित करता है।
2. पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) स्वयं किसी भी हॉर्मोन का संश्लेषण नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस के न्यूरोसेक्रेटरी कोशिकाओं द्वारा उत्पादित ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) हॉर्मोन्स का संचयन और विमोचन करती है।
3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का कॉर्टेक्स भाग एंड्रोजन, ग्लूकोकोर्टिकोइड्स और मिनਰलोकॉर्टिकोइड्स का स्रावण करता है, जबकि इसका मेडुला भाग 'लड़ो या भागो' प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने वाले कैटेकोलामाइन्स (एपिनीफ्राइन और नॉरएपिनीफ्राइन) का उत्पादन करता है।
4. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाएँ मिश्रित ग्रंथि के रूप में कार्य करती हैं, जिसमें अल्फा कोशिकाएँ 'इंसुलिन' का स्रावण करती हैं जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कम करता है, जबकि बीटा कोशिकाएँ 'ग्लुकागोन' का स्रावण करती हैं जो ग्लाइकोजेनोलिसिस को बढ़ावा देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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