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General Science
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मानव अंतःस्रावी तंत्र और विभिन्न हॉर्मोनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हाइपोथैलेमस से स्रावित होने वाला 'सोमाटोसटेटिन' (Somatostatin) हॉर्मोन अग्र पीयूष ग्रंथि से 'ग्रोथ हॉर्मोन' (GH) के स्राव को रोकता है, जबकि थायरोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन (TRH) प्रोलैक्टिन के स्राव को भी प्रेरित करता है।
- 2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) के एड्रिनल मेडुला द्वारा स्रावित 'एपिनेफ्रिन' और 'नॉरएपिनेफ्रिन' कैटेकोलामीन हॉर्मोन हैं, जो आपातकालीन परिस्थितियों में ग्लाइकोजेनोलिसिस को प्रेरित करके रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को बढ़ाते हैं।
- 3. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की 'अल्फा कोशिकाएँ' इंसुलिन का स्राव करती हैं, जो यकृत कोशिकाओं में ग्लूकोज को ग्लाइकोजन में बदलने (ग्लाइकोजेनेसिस) को प्रेरित करता है, जिससे रुधिर शर्करा का स्तर घटता है।
- 4. पैराथाइरॉइड ग्रंथि से स्रावित होने वाला 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हॉर्मोन है, जो रक्त में कैल्सियम आयनों के स्तर को बढ़ाने के लिए हड्डियों के अवशोषण (Bone resorption) और वृक्कों द्वारा कैल्सियम के पुनרוत्शोषण को प्रेरित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि हाइपोथैलेमस से निकलने वाला सोमाटोसटेटिन वृद्धि हॉर्मोन (GH) के स्राव का संदमन (inhibition) करता है और TRH प्रोलैक्टिन के स्राव को भी उद्दीप्त करता है। कथन 2 सही है, एड्रिनल मेडुला के कैटेकोलामीन (एपिनेफ्रिन और नॉरएपिनेफ्रिन) 'फाइट या फ्लाइट' हॉर्मोन हैं जो ग्लाइकोजेनोलिसिस द्वारा ग्लूकोज बढ़ाते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि इंसुलिन का स्राव लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की 'बीटा (β) कोशिकाओं' द्वारा होता है, न कि अल्फा (α) कोशिकाओं द्वारा (अल्फा कोशिकाएँ ग्लूकागॉन का स्राव करती हैं)। कथन 4 सही है, पैराथर्मोन (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हॉर्मोन है जो रुधिर में कैल्सियम की मात्रा को बढ़ाता है। अंतःस्रावी ग्रंथियों के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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विलयन और उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, जो राउल्ट के नियम का एक अणुसंख्यक गुणधर्म है।
2. वेंट-हॉफ कारक ($i$) का मान उन विलेय पदार्थों के लिए हमेशा एक से अधिक होता है जो जलीय विलयन में पूर्ण रूप से संघनित (Association) हो जाते हैं, क्योंकि अणुओं के जुड़ने से कणों की कुल संख्या बढ़ जाती है।
3. उत्प्रेरक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) को परिवर्तित करके अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करते हैं, किंतु वे साम्य स्थिरांक (Equilibrium Constant) के मान को बदल देते हैं।
4. जिओलाइट्स (Zeolites) त्रि-विमीय सिलिकेट नेटवर्क संरचना वाले सूक्ष्मछिद्रित उत्प्रेरक हैं जो 'आकार-वरण उत्प्रेरण' (Shape-selective Catalysis) प्रदर्शित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके प्रमुख यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हरोल्ट प्रक्रम (Hall-Héroult process) में शुद्ध एल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूएस्पर ($CaF_2$) के मिश्रण में घोला जाता है, जहाँ क्रायोलाइट विलायक का कार्य करते हुए मिश्रण के गलनांक को कम करता है और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाता है।
2. कॉपर मैटे (Copper matte), जो प्रगलन (Smelting) प्रक्रिया के दौरान परावर्ती भट्टी (Refractory furnace) में प्राप्त होता है, मुख्य रूप से क्यूप्रस सल्फाइड ($Cu_2S$) और फेरस सल्फाइड ($FeS$) का मिश्रण होता है, और इससे तांबे के निष्कर्षण (बेसेमरलीकरण) के दौरान फेरस सल्फाइड को हटाने के लिए सिलिका ($SiO_2$) का उपयोग गालक (Flux) के रूप में किया जाता है।
3. सफेद फॉस्फोरस ($P_4$) एक अत्यधिक अभिक्रियाशील, प्रतिक्रियाशील और दीप्तशील (Phosphorescent) अणु है जो कमरे के तापमान पर वायु में स्वतः जल उठता है, जबकि लाल फॉस्फोरस पॉलीमरिक संरचना होने के कारण कम अभिक्रियाशील होता है और विषैला नहीं होता है।
4. संक्रमण धातुओं के यौगिकों में 'लैंथेनाइड संकुचन' के कारण 4d और 5d संक्रमण श्रेणियों के तत्वों (जैसे जिरकोनियम और हाफ्नियम) की परमाणु त्रिज्याएँ और रासायनिक गुण लगभग समान हो जाते हैं, जिससे उन्हें अयस्कों से पृथक्करण करना अत्यंत कठिन हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कार्य का मात्रक?
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मानव पोषण और जैव अणुओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो यकृत और अन्य ऊतकों में कई वर्षों तक संग्रहीत रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की parietal कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'नैज कारक' (Intrinsic factor) का होना अनिवार्य है।
2. 'आवश्यक अमीनो अम्ल' (Essential amino acids) वे होते हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर के भीतर पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पाता है, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से लेना आवश्यक होता है; उदाहरण के लिए, वैलीन, ल्यूसीन और टायरोसिन आवश्यक अमीनो अम्ल की श्रेणी में आते हैं।
3. कार्बोहाइड्रेट चयापचय में, ग्लाइकोजेनेसिस (Glycogenesis) वह प्रक्रिया है जिसमें ग्लूकोज के अणु ग्लाइकोजन में परिवर्तित होकर यकृत और कंकाल पेशियों में संचित होते हैं, जबकि ग्लूकोनियोजेनेसिस (Gluconeogenesis) गैर-कार्बोहाइड्रेट स्रोतों (जैसे अमीनो अम्ल और ग्लिसरोल) से ग्लूकोज का निर्माण है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भौतिक राशियों, उनके एसआई मात्रकों (SI Units) और विमीय विश्लेषण (Dimensional Analysis) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'प्लांग स्थिरांक' (Planck's constant) का विमीय सूत्र वही होता है जो कोणीय संवेग (Angular momentum) का होता है, और एसआई प्रणाली में इसका मात्रक जूल-सेकंड ($J\cdot s$) है।
2. 'श्याता गुणांक' (Coefficient of viscosity) का एसआई मात्रक पास्कल-सेकंड ($Pa\cdot s$) या $kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$ है, तथा इसका विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ होता है।
3. 'पृष्ठ तनाव' (Surface tension) और 'ऊर्जा घनत्व' (Energy density) दोनों की विमाएँ भिन्न होती हैं, क्योंकि पृष्ठ तनाव बल प्रति एकांक लंबाई है जबकि ऊर्जा घनत्व प्रति एकांक आयतन में संचित ऊर्जा है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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