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General Science
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मानव शरीर के परिसंचरण और पाचन तंत्र के क्रियात्मक समन्वय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. यकृत पोर्टल शिरा तंत्र (Hepatic Portal System) आंत से निकलने वाले रक्त को सीधे हृदय में भेजने से पहले यकृत में ले जाता है, जहाँ पोषक तत्वों का नियमन होता है और विषाक्त पदार्थों का निराविषीकरण (Detoxification) किया जाता है।
- 2. आमाशय की म्यूकोसा में पाई जाने वाली 'मुख्य कोशिकाएँ' (Chief cells या Peptic cells) पेप्सिनोजेन का स्रावण करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में बदल जाता है और यह प्रोटीन को सीधे अमीनो अम्ल में पूर्ण रूप से जल-अपघटित कर देता है।
- 3. हृदय चक्र (Cardiac Cycle) के दौरान, निलय सिस्टोल (Ventricular Systole) की शुरुआत में द्विवलनी (Mitral) और त्रिवलनी (Tricuspid) कपाटों के बंद होने से 'डब' (Dubb) ध्वनि उत्पन्न होती है, जो रक्त को महाधमनी और फुफ्फुस धमनी में धकेलती है।
- 4. मानव शरीर में लिंफ (लसिका) वसा के पाचन और अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि आंत की भित्ति में वसा अम्लों और ग्लिसरोल का अवशोषण मुख्य रूप से 'लेक्टियल्स' (Lacteals) नामक लसिका वाहिकाओं के माध्यम से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि यकृत पोर्टल तंत्र आंतों से पचे हुए भोजन के पोषक तत्वों को सीधे यकृत में पहुँचाता है जहाँ उनका चयापचय होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि पेप्सिन प्रोटीन को केवल प्रोटीएज और पेप्टोन्स में तोड़ता है, न कि सीधे अमीनो अम्ल में (अमीनो अम्ल में पूर्ण पाचन छोटी आंत में होता है)। कथन 3 गलत है क्योंकि कपाटों के बंद होने से पहली ध्वनि 'लब' (Lub) उत्पन्न होती है (जबकि 'डब' अर्धचंद्र कपाटों के बंद होने से होती है)। कथन 4 सही है क्योंकि आंतों में वसा का अवशोषण लैक्टियल्स के माध्यम से लसिका तंत्र द्वारा होता है।
Related Questions
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाने वाले 'अंतःप्रद्रव्य जालिका' (Endoplasmic Reticulum) और 'गॉल्जीकाय' (Golgi Apparatus) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. खुरदरी अंतःप्रद्रव्य जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं, और यह मुख्य रूप से उन प्रोटीनों के संश्लेषण और स्रावण में सक्रिय रूप से भाग लेती है जो कोशिका के बाहर या उसकी झिल्ली के लिए आवश्यक होते हैं।
2. चिकनी अंतःप्रद्रव्य जालिका (SER) पर राइबोसोम का अभाव होता है, और यह फॉस्फोलिपिड, कोलेस्ट्रॉल जैसे लिपिड तथा स्टेरायड हॉर्मोन्स के संश्लेषण का प्रमुख स्थल है।
3. गॉल्जीकाय की संरचना में कई चपटी, डिस्क के आकार की थैलियाँ या 'कुंडिनियाँ' (Cisternae) होती हैं, जिनका एक उत्तल 'シス' (Cis/निर्माणी) सिरा अंतःप्रद्रव्य जालिका की ओर तथा अवतल 'トランス' (Trans/परिपक्व) सिरा प्लाज्मा झिल्ली की ओर होता है।
4. गॉल्जीकाय में प्रोटीनों और लिपिडों का ग्लाइकोसिलेशन (Glycosylation) और ग्लाइकोजिनेशन जैसी रासायनिक रूपांतरण प्रक्रियाएँ होती हैं, किंतु यह लाइसोसोम के निर्माण में प्रत्यक्ष रूप से कोई भूमिका नहीं निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) और अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse waves) के संचरण तथा ध्वनि तरंगों के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें होती हैं जो किसी माध्यम में संपीडन (Compressions) और विरलन (Rarefactions) के रूप में संचरित होती हैं, और लाप्लास के संशोधन के अनुसार माध्यम में ध्वनि का प्रसार एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, समतापीय नहीं।
2. किसी गैस में ध्वनि की चाल माध्यम के दाब पर निर्भर करती है, अतः यदि दाब को दोगुना कर दिया जाए तो ध्वनि की चाल भी दोगुनी हो जाती है, बशर्ते तापमान स्थिर रहे।
3. अनुप्रस्थ तरंगें केवल ठोस पदार्थों और द्रवों की सतह पर ही उत्पन्न की जा सकती हैं क्योंकि गैसों में अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear elasticity) का अभाव होता है, जिसके कारण गैसों के भीतर अनुप्रस्थ तरंगों का संचरण संभव नहीं है।
4. जब कोई ध्वनि स्रोत श्रोता की ओर गति करता है, तो श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आवृत्ति का बढ़ जाना 'डॉप्लर प्रभाव' (Doppler effect) कहलाता है, और यह प्रभाव प्रकाश तरंगों के साथ-साथ ध्वनि तरंगों दोनों पर लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली में, आरबीसी की सतह पर मौजूद एंटीजन (एग्लुटिनोजेन) के प्रकार के आधार पर रक्त समूह निर्धारित होते हैं, और रक्त समूह 'O' वाले व्यक्ति के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी (एग्लुटिनिन) उपस्थित होते हैं।
2. 'Rh कारक' (Rhesus factor) से जुड़ी 'गर्भभ्रूण रक्ताणुकोशाकता' (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति केवल तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) पिता और Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता की संतान हो, और यह समस्या सामान्यतः पहले गर्भ के दौरान ही अत्यधिक गंभीर और घातक हो जाती है क्योंकि प्राथमिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया तत्काल और प्रबल होती है।
3. मानव हृदय के चालन तंत्र (Conduction System) में, 'साइनोएट्रियल नोड' (SA Node) को हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर कहा जाता है, जिससे उत्पन्न होने वाला स्वतः प्रेरणा (authythmic) विद्युत आवेग सबसे पहले आलिंदों को संकुचित करता है और फिर एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड (AV Node) से होते हुए निलय तक पहुँचਦਾ है।
4. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया (Blood Coagulation) में, प्रोथ्रोम्बिन को सक्रिय थ्रॉम्बिन में बदलने के लिए थ्रॉम्बोप्लास्टिन, कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) और विटामिन $K$ की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और थ्रॉम्बिन अंततः घुलनशील फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन में परिवर्तित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ध्वनि का वेग किसमें अधिक होता है?
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मानव शरीर के परिसंचरण तंत्र, श्वसन और तंत्रिका तंत्र के समन्वित कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केरोटिड सायनस (Carotid sinus) और महाधमनी चाप (Aortic arch) में स्थित रससंवेदी (Chemoreceptors) मुख्य रूप से रक्त में $CO_2$ और $H^+$ आयनों की सांद्रता में वृद्धि तथा $O_2$ की अत्यधिक कमी का संवेदन करके मेडुला ऑब्लॉंगेटा स्थित श्वसन केंद्र को उद्दीपित करते हैं।
2. जब मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति अचानक कम हो जाती है या रक्तचाप गिर जाता है, तो वासोमोटर केंद्र (Vasomotor center) द्वारा सहानुभूति तंत्रिका तंत्र (Sympathetic nervous system) की सक्रियता बढ़ जाती है, जिससे परिधीय रक्त वाहिकाओं में वासोडिलेशन (Vasodilation) होता है और रक्तचाप सामान्य हो जाता है।
3. कोरोनरी धमनी का अचानक अवरुद्ध हो जाना या मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (Myocardial infarction) हृदय की पेशियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित करता है, जिसके परिणामस्वरूप इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) में ST खंड का उठना या गिरना और T-तरंग का व्युत्क्रम देखा जाता है।
4. फुफ्फुसीय शितिलन (Pulmonary ventilation) के दौरान, जब डायफ्राम और बाह्य अंतरपर्शुक पेशियाँ (External intercostal muscles) संकुचित होती हैं, तो वक्ष गुहा का आयतन बढ़ जाता है और इंट्रापल्मोनरी दाब वायुमंडलीय दाब से कम हो जाता है, जिससे हवा फेफड़ों के भीतर प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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