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हवा में नाइट्रोजन की मात्रा?

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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) में कार्बन परमाणु आपस में एकल बंध द्वारा जुड़े होते हैं और इनका सामान्य सूत्र $C_n{H_{2n+2}}$ होता है, जो प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं (Substitution reactions) में आसानी से भाग लेते हैं। 2. जब पेट्रोलियम का आंशिक आसवन (Fractional Distillation) किया जाता है, तो उच्च क्वथनांक वाले अंश सबसे पहले वाष्पित होकर ऊपर उठते हैं, जबकि निम्न क्वथनांक वाले भारी अंश (जैसे डामर या बिटुमिन) सबसे नीचे अवशेष के रूप में प्राप्त होते हैं। 3. ऐल्काइन्स (Alkynes) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें कम से कम एक त्रिक बंध (Triple bond) पाया जाता है, और इनका सामान्य सूत्र $C_n{H_{2n-2}}$ होता है, तथा ये योगात्मक (Addition) और अम्लीय प्रकृति प्रदर्शित करते हैं। 4. गैसोलीन की गुणवत्ता का निर्धारण 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) द्वारा किया जाता है, जिसमें उच्च ऑक्टेन रेटिंग के लिए 'n-हेप्टेन' को सर्वोत्तम मानक माना जाता है जबकि 'आइसो-ऑक्टेन' को निकृष्ट ईंधन माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR) के लिए प्रकाश को किस माध्यम से किस माध्यम में जाना चाहिए? मानव शरीर में पोषण, जैविक अणुओं और विटामिनों की चयापचय क्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो शरीर में, विशेषकर यकृत में, कई महीनों से लेकर वर्षों तक संचित रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय द्वारा स्रावित 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) अनिवार्य होता है। 2. 'क्वाशियोरकोर' (Kwashiorkor) रोग केवल लंबे समय तक कुल कैलोरी (ऊर्जा) की गंभीर कमी के कारण होता है, जबकि 'मरास्मस' (Marasmus) प्रोटीन और कैलोरी दोनों की एक साथ कमी का परिणाम है। 3. वसा में घुलनशील विटामिन 'विटामिन E' (टोकोफेरोल) एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है जो कोशिका झिल्ली को लिपिड पेरोक्सीडेशन से बचाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? प्रकाश के परावर्तन के कितने नियम हैं? रासायनिक बंधन और अम्लीय-क्षारीय गुणों (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा अष्टक-अपूर्ण यौगिक (जैसे $BF_3$) उत्कृष्ट लुईस अम्ल के रूप में कार्य करते हैं। 2. जब किसी दुर्बल अम्ल के लवण को उसके प्रबल क्षार के साथ जल में घोला जाता है, तो जल-अपघटन (Hydrolysis) के फलस्वरूप प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति क्षारीय होती है और विलयन का pH मान 7 से अधिक होता है। 3. ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार, एक संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म (Conjugate acid-base pair) में केवल एक प्रोटॉन ($H^+$) का अंतर होता है, और किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार भी उतना ही प्रबल होता है। 4. जल के स्व-आयनन (Self-ionization) के कारण, शुद्ध जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) तापमान पर निर्भर करता है, और तापमान बढ़ाने पर $K_w$ का मान बढ़ने से शुद्ध जल का pH मान 7 से कम हो जाता है, यद्यपि वह रासायनिक रूप से उदासीन ही रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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